अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन जिम्मेदारी है, विकल्प नहीं: यूएनजीए में बोले यूरोपीय परिषद अध्यक्ष कोस्टा
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र की जनरल डिबेट को संबोधित करते हुए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के प्रति यूरोपीय संघ का पूर्ण समर्थन दोहराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और उसकी रक्षा करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि प्रत्येक देश की जिम्मेदारी है।
मुख्य घोषणाएँ और संदेश
कोस्टा ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होते देखा जा रहा है और इस मामले में दोहरा रवैया स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा, "हम मजबूती से इन संस्थाओं के साथ खड़े हैं और उनकी स्वतंत्रता, उनकी गरिमा और बिना किसी रुकावट के अपनी जिम्मेदारी निभाने की उनकी क्षमता की रक्षा करेंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, उसके अधिकारियों या कर्मचारियों को धमकी देना या उन पर हमला करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार जवाबदेही इस बात पर निर्भर नहीं होनी चाहिए कि राजनीतिक रूप से किसी के लिए क्या सुविधाजनक है।
पी4एम पहल: बहुपक्षवाद को नई ताकत
कोस्टा ने बताया कि इसी सप्ताह यूरोपीय संघ ने ऑस्ट्रेलिया, बारबाडोस, ब्राजील, कनाडा, भारत और केन्या के साथ मिलकर पी4एम यानी पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज़्म, इंटरनेशनल लॉ, पीस एंड प्रॉस्पेरिटी की शुरुआत की है। यह पहल वैश्विक बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर बहुपक्षवाद को लेकर बढ़ती संदेहवादिता के बीच यूरोपीय संघ ने भारत सहित छह देशों के साथ एकजुटता दिखाई है।
उन्होंने यूरोपीय संघ का संदेश स्पष्ट करते हुए कहा कि विश्व को ऐसी बहुपक्षीय व्यवस्था चाहिए जो मजबूत, असरदार और सही प्रतिनिधित्व वाली हो तथा आम लोगों के लिए ठोस नतीजे दे सके।
वैश्विक संघर्षों पर यूरोपीय संघ का रुख
कोस्टा ने यूक्रेन में रूस की आक्रामक कार्रवाई को खत्म किए जाने की माँग दोहराई। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए न्यायपूर्ण और दीर्घकालिक शांति हासिल की जानी चाहिए।
गाजा और फिलिस्तीन में आम नागरिकों की पीड़ा समाप्त करने तथा टू स्टेट सॉल्यूशन — यानी इजरायल और फिलिस्तीन के लिए अलग अलग दो स्वतंत्र देशों का समाधान — को आगे बढ़ाने पर भी उन्होंने जोर दिया। साथ ही ईरान से जुड़े संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील भी की।
बहुपक्षीय सहयोग की बड़ी वैश्विक चुनौतियाँ
कोस्टा ने एक्स पर अपने यूएनजीए संबोधन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि आज की बड़ी वैश्विक चुनौतियों — शांति और सुरक्षा, जलवायु संकट, आर्थिक असुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) — से निपटने का बहुपक्षीय सहयोग ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है।
उन्होंने कहा, "जब हम मिलकर काम करते हैं, तो बहुपक्षीय व्यवस्था लोगों के लिए नतीजे देती है।" आने वाले हफ्तों में पी4एम के तहत साझा प्रतिबद्धताओं को ठोस नीतिगत कदमों में बदलने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।