यूसीसी पर शारद्वत मुखर्जी का बड़ा बयान: पश्चिम बंगाल में भी लागू होगी समान नागरिक संहिता
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने 26 जून 2026 को कोलकाता में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि देश एक विधान और एक निशान के सिद्धांत पर चलता है और इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में भी यूसीसी लागू होगी।
यूसीसी पर मुखर्जी का रुख
मुखर्जी ने कहा कि 'एक विधान और एक निशान' के तहत अब तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा चुके हैं और आगामी दिनों में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। उनके अनुसार, यूसीसी उसी दिशा में उठाया गया अगला कदम है। उन्होंने कहा, 'हम सभी लोग एक ही राह पर चलने वाले हैं। भले ही हमारी भाषा और संस्कृति अलग हो, लेकिन हम एक हैं।' उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरसन का उदाहरण देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले इस प्रावधान को हटाना भी इसी सिद्धांत का हिस्सा था। उनके अनुसार, 'हिंदुस्तान अब एक ही नियम से चलेगा।'
तृणमूल कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उस पूर्व बयान पर — जिसमें कहा गया था कि यूसीसी को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा — मुखर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब TMC राज्य में सत्ता में नहीं है और प्रदेश की जनता ने ही उसे नकार दिया है। उन्होंने कहा, 'पार्टी में अब चंद लोग ही बचे हैं, जो जल्द ही छोड़कर चले जाएंगे। चार-पाँच लोगों से कोई पार्टी नहीं बनती।' मुखर्जी ने TMC को सुझाव दिया कि वह पहले अपने आंतरिक मुद्दे सुलझाए और उसके बाद दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप करे। उन्होंने यह भी कहा कि सीएए और एनआरसी से जुड़े मुद्दों को वे स्वयं सुलझाने में सक्षम हैं।
एंटी सोशल एक्ट और विरोध प्रदर्शन पर चेतावनी
मुखर्जी ने एंटी सोशल एक्ट के संदर्भ में स्पष्ट किया कि यदि कोई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'संपत्ति की रखवाली हमारी जिम्मेदारी है और इसमें किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।' साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अहिंसक विरोध प्रदर्शन पर कोई आपत्ति नहीं है, परंतु विरोध की आड़ में किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डेंगू नियंत्रण की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मुखर्जी ने डेंगू की रोकथाम को लेकर विभाग की तैयारियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा। दिसंबर तक हर 15 दिन पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। विभिन्न जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को डेंगू से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से पानी के जमाव को रोकने पर जोर दिया।
आगे क्या
यूसीसी को पश्चिम बंगाल में लागू करने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन मुखर्जी के बयान से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूसीसी पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है और कई राज्यों में इसके क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है।