26 जून 2026
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यूसीसी पर शारद्वत मुखर्जी का बड़ा बयान: पश्चिम बंगाल में भी लागू होगी समान नागरिक संहिता

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यूसीसी पर शारद्वत मुखर्जी का बड़ा बयान: पश्चिम बंगाल में भी लागू होगी समान नागरिक संहिता

सारांश

पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने साफ कहा — यूसीसी राज्य में लागू होगी, TMC का विरोध बेमानी है। 'एक विधान, एक निशान' के सिद्धांत पर अडिग रहते हुए उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरसन को भी इसी कड़ी का हिस्सा बताया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने 26 जून 2026 को कहा कि यूसीसी पश्चिम बंगाल में भी लागू की जाएगी।
' एक विधान और एक निशान ' के सिद्धांत पर कोई समझौता नहीं — मुखर्जी ने अनुच्छेद 370 निरसन को इसी कड़ी का हिस्सा बताया।
TMC के यूसीसी-विरोधी बयान पर पलटवार — कहा, 'पार्टी में चंद लोग बचे हैं, जो जल्द छोड़ेंगे।' एंटी सोशल एक्ट के तहत संपत्ति नुकसान पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी; अहिंसक विरोध पर कोई आपत्ति नहीं।
डेंगू नियंत्रण के लिए दिसंबर तक हर 15 दिन पर बैठक; स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान।

पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने 26 जून 2026 को कोलकाता में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि देश एक विधान और एक निशान के सिद्धांत पर चलता है और इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में भी यूसीसी लागू होगी।

यूसीसी पर मुखर्जी का रुख

मुखर्जी ने कहा कि 'एक विधान और एक निशान' के तहत अब तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा चुके हैं और आगामी दिनों में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। उनके अनुसार, यूसीसी उसी दिशा में उठाया गया अगला कदम है। उन्होंने कहा, 'हम सभी लोग एक ही राह पर चलने वाले हैं। भले ही हमारी भाषा और संस्कृति अलग हो, लेकिन हम एक हैं।' उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरसन का उदाहरण देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले इस प्रावधान को हटाना भी इसी सिद्धांत का हिस्सा था। उनके अनुसार, 'हिंदुस्तान अब एक ही नियम से चलेगा।'

तृणमूल कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उस पूर्व बयान पर — जिसमें कहा गया था कि यूसीसी को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा — मुखर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब TMC राज्य में सत्ता में नहीं है और प्रदेश की जनता ने ही उसे नकार दिया है। उन्होंने कहा, 'पार्टी में अब चंद लोग ही बचे हैं, जो जल्द ही छोड़कर चले जाएंगे। चार-पाँच लोगों से कोई पार्टी नहीं बनती।' मुखर्जी ने TMC को सुझाव दिया कि वह पहले अपने आंतरिक मुद्दे सुलझाए और उसके बाद दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप करे। उन्होंने यह भी कहा कि सीएए और एनआरसी से जुड़े मुद्दों को वे स्वयं सुलझाने में सक्षम हैं।

एंटी सोशल एक्ट और विरोध प्रदर्शन पर चेतावनी

मुखर्जी ने एंटी सोशल एक्ट के संदर्भ में स्पष्ट किया कि यदि कोई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'संपत्ति की रखवाली हमारी जिम्मेदारी है और इसमें किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।' साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अहिंसक विरोध प्रदर्शन पर कोई आपत्ति नहीं है, परंतु विरोध की आड़ में किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डेंगू नियंत्रण की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मुखर्जी ने डेंगू की रोकथाम को लेकर विभाग की तैयारियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा। दिसंबर तक हर 15 दिन पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। विभिन्न जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को डेंगू से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से पानी के जमाव को रोकने पर जोर दिया।

आगे क्या

यूसीसी को पश्चिम बंगाल में लागू करने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन मुखर्जी के बयान से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूसीसी पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है और कई राज्यों में इसके क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'लागू होगी' और 'कब और कैसे लागू होगी' के बीच की खाई अभी भी अनुत्तरित है। अनुच्छेद 370 का उदाहरण देना रणनीतिक है, लेकिन यूसीसी का क्रियान्वयन कहीं अधिक जटिल है — इसमें व्यक्तिगत कानूनों, धार्मिक प्रथाओं और संवैधानिक चुनौतियों का सामना करना होगा। TMC पर हमला राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि राज्य स्तर पर यूसीसी के लिए ठोस विधायी या प्रशासनिक कदम कब उठाए जाते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शारद्वत मुखर्जी ने यूसीसी पर क्या कहा?
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने 26 जून 2026 को कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पश्चिम बंगाल में भी लागू की जाएगी और 'एक विधान, एक निशान' के सिद्धांत से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरसन को इसी दिशा में उठाए गए पूर्व कदम के रूप में उद्धृत किया।
TMC ने यूसीसी पर क्या रुख अपनाया था और मुखर्जी ने क्या जवाब दिया?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पहले कहा था कि वह यूसीसी को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देगी। मुखर्जी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि TMC अब राज्य में सत्ता में नहीं है और पार्टी में महज चंद लोग बचे हैं जो जल्द ही पार्टी छोड़ देंगे।
एंटी सोशल एक्ट को लेकर मुखर्जी ने क्या चेतावनी दी?
मुखर्जी ने कहा कि एंटी सोशल एक्ट के तहत सार्वजनिक या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अहिंसक विरोध प्रदर्शन पर कोई रोक नहीं है, लेकिन हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में डेंगू नियंत्रण के लिए क्या तैयारी है?
स्वास्थ्य मंत्री मुखर्जी ने बताया कि विभाग ने डेंगू के प्रसार को रोकने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। दिसंबर तक हर 15 दिन पर बैठकें होंगी, विभिन्न जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को बचाव के उपाय बताए जाएंगे।
'एक विधान और एक निशान' का सिद्धांत क्या है?
यह सिद्धांत इस विचार पर आधारित है कि पूरे भारत में एक समान संविधान और एक समान कानूनी ढाँचा लागू होना चाहिए। मुखर्जी ने इसे अनुच्छेद 370 के निरसन और यूसीसी दोनों से जोड़ते हुए कहा कि भाषा-संस्कृति की विविधता के बावजूद देश के सभी नागरिक एक ही कानून के अधीन हैं।
राष्ट्र प्रेस
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