28 जून 2026
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पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू होगा हर हाल में — सुकांत मजूमदार का ऐलान, भाजपा मेनिफेस्टो का वादा पूरा करने की तैयारी

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पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू होगा हर हाल में — सुकांत मजूमदार का ऐलान, भाजपा मेनिफेस्टो का वादा पूरा करने की तैयारी

सारांश

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने का वादा विधानसभा चुनाव के मेनिफेस्टो में किया था — अब केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने साफ कर दिया है कि यह वादा हर हाल में पूरा होगा। साथ ही दंगाइयों पर सख्त कानून और TMC के आंतरिक विवाद पर भी उन्होंने बेबाकी से बात की।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने 28 जून 2026 को कोलकाता में घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में यूसीसी हर हाल में लागू होगा।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव के मेनिफेस्टो में यूसीसी को मुख्य एजेंडे के रूप में शामिल किया था।
मजूमदार के अनुसार यूसीसी से हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की प्रणाली समाप्त होगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हिंसा और आगजनी करने वाले दंगाइयों पर सख्त कार्रवाई के लिए नए कानून का संकेत दिया है।
TMC के दो धड़ों में बंटने पर मजूमदार ने कहा — 'यह उनका आंतरिक मामला है।' मजूमदार ने PM मोदी के 'मन की बात' में मेघालय के लिविंग रूट ब्रिजेज का उल्लेख किया, जिन्हें यूनेस्को विश्व धरोहर दर्जा दिलाने के प्रयास जारी हैं।

केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने 28 जून 2026 को कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) हर हाल में लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने मेनिफेस्टो में यूसीसी को मुख्य एजेंडे के रूप में रखा था और सरकार बनने पर इसे लागू करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जाएगा।

मजूमदार का स्पष्ट संदेश

मजूमदार ने कहा, 'हमने अपने मैनिफेस्टो में साफ-साफ लिखा था कि हम यूसीसी लागू करेंगे। कई राजनीतिक दल अपने मैनिफेस्टो के वादे भूल जाते हैं, लेकिन हम सही काम कर रहे हैं और जो लिखा था, उसे लागू कर रहे हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि यूसीसी भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप है और इससे भेदभाव समाप्त होगा।

यूसीसी का प्रभाव और उद्देश्य

मजूमदार के अनुसार, यूसीसी लागू होने से हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की प्रणाली समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे समाज में समानता आएगी और दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। गौरतलब है कि उत्तराखंड के बाद पश्चिम बंगाल यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बन सकता है।

दंगाइयों पर सख्त कानून की तैयारी

मजूमदार ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछले विधानसभा सत्र में संकेत दिया था कि सरकार हिंसा, मारपीट और आगजनी करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटने के लिए एक नया कानून लाने की योजना बना रही है। इसमें रेलवे स्टेशन जलाने जैसी घटनाओं को भी दायरे में रखा जाएगा। मजूमदार ने सरकार से इस प्रस्तावित कानून को लागू करने की अनुमति देने का आग्रह किया।

तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक विवाद पर टिप्पणी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदरूनी कलह पर मजूमदार ने कहा कि TMC दो धड़ों में बंट गई है। उन्होंने कहा, 'कौन किसे हटाता है या पार्टी का चुनाव चिह्न कौन ले जाता है — यह उनका आंतरिक मामला है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब TMC में नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं।

मन की बात में मेघालय की विरासत का जिक्र

मजूमदार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए लिखा कि मोदी ने मेघालय के अनोखे प्राकृतिक आश्चर्य 'लिविंग रूट ब्रिजेज' के बारे में देश को जागरूक किया। मोदी ने रबड़ के पेड़ों की जड़ों को पीढ़ियों से धैर्यपूर्वक पालकर बनाए गए इन अनूठे पुलों की सराहना की, जो प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर काम करने की मानवीय क्षमता का प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि मेघालय के इन लिविंग रूट ब्रिजेज को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के प्रयास जारी हैं।

पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने की समय-सीमा और विस्तृत रूपरेखा आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है, क्योंकि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्रियान्वयन की समय-सीमा और कानूनी ढाँचा क्या होगा — क्योंकि उत्तराखंड में यूसीसी पारित होने के बाद भी अनेक नियम अधिसूचित होने बाकी हैं। बंगाल की जटिल सामाजिक-धार्मिक बनावट और TMC के मजबूत जनाधार को देखते हुए, यूसीसी का राजनीतिक प्रतिरोध तीखा हो सकता है। मजूमदार का यह बयान 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले ध्रुवीकरण की राजनीति का हिस्सा भी माना जा सकता है। बिना विस्तृत रोडमैप के 'हर हाल में लागू' जैसे वक्तव्य वादे और नीति के बीच की खाई को उजागर करते हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में यूसीसी कब लागू होगा?
केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने 28 जून 2026 को कहा कि यूसीसी हर हाल में लागू होगा, लेकिन अभी तक कोई निश्चित तिथि या विस्तृत रोडमैप सार्वजनिक नहीं किया गया है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस पर और स्पष्टता अपेक्षित है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
यूसीसी एक ऐसा कानूनी ढाँचा है जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो। मजूमदार के अनुसार यह भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप है और इससे धर्म-आधारित भेदभाव समाप्त होगा।
भाजपा ने यूसीसी को बंगाल के मेनिफेस्टो में कब शामिल किया था?
भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान यूसीसी को अपने मेनिफेस्टो के मुख्य एजेंडे के रूप में प्रस्तुत किया था। मजूमदार ने कहा कि सरकार बनने पर यूसीसी लागू करने का यह वादा अब पूरा किया जाएगा।
दंगाइयों पर नए कानून का प्रस्ताव क्या है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछले विधानसभा सत्र में संकेत दिया था कि सरकार हिंसा, मारपीट, आगजनी और रेलवे स्टेशन जलाने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए एक नया सख्त कानून लाने की योजना बना रही है। मजूमदार ने सरकार से इस कानून को लागू करने की अनुमति देने का आग्रह किया है।
मेघालय के लिविंग रूट ब्रिजेज को यूनेस्को दर्जा मिलेगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में बताया कि मेघालय के लिविंग रूट ब्रिजेज को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के प्रयास जारी हैं। मजूमदार ने इस जानकारी को एक्स पर साझा करते हुए इस अनूठी प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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