पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू होगा हर हाल में — सुकांत मजूमदार का ऐलान, भाजपा मेनिफेस्टो का वादा पूरा करने की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने 28 जून 2026 को कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) हर हाल में लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने मेनिफेस्टो में यूसीसी को मुख्य एजेंडे के रूप में रखा था और सरकार बनने पर इसे लागू करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जाएगा।
मजूमदार का स्पष्ट संदेश
मजूमदार ने कहा, 'हमने अपने मैनिफेस्टो में साफ-साफ लिखा था कि हम यूसीसी लागू करेंगे। कई राजनीतिक दल अपने मैनिफेस्टो के वादे भूल जाते हैं, लेकिन हम सही काम कर रहे हैं और जो लिखा था, उसे लागू कर रहे हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि यूसीसी भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप है और इससे भेदभाव समाप्त होगा।
यूसीसी का प्रभाव और उद्देश्य
मजूमदार के अनुसार, यूसीसी लागू होने से हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की प्रणाली समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे समाज में समानता आएगी और दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। गौरतलब है कि उत्तराखंड के बाद पश्चिम बंगाल यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बन सकता है।
दंगाइयों पर सख्त कानून की तैयारी
मजूमदार ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछले विधानसभा सत्र में संकेत दिया था कि सरकार हिंसा, मारपीट और आगजनी करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटने के लिए एक नया कानून लाने की योजना बना रही है। इसमें रेलवे स्टेशन जलाने जैसी घटनाओं को भी दायरे में रखा जाएगा। मजूमदार ने सरकार से इस प्रस्तावित कानून को लागू करने की अनुमति देने का आग्रह किया।
तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक विवाद पर टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदरूनी कलह पर मजूमदार ने कहा कि TMC दो धड़ों में बंट गई है। उन्होंने कहा, 'कौन किसे हटाता है या पार्टी का चुनाव चिह्न कौन ले जाता है — यह उनका आंतरिक मामला है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब TMC में नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं।
मन की बात में मेघालय की विरासत का जिक्र
मजूमदार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए लिखा कि मोदी ने मेघालय के अनोखे प्राकृतिक आश्चर्य 'लिविंग रूट ब्रिजेज' के बारे में देश को जागरूक किया। मोदी ने रबड़ के पेड़ों की जड़ों को पीढ़ियों से धैर्यपूर्वक पालकर बनाए गए इन अनूठे पुलों की सराहना की, जो प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर काम करने की मानवीय क्षमता का प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि मेघालय के इन लिविंग रूट ब्रिजेज को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के प्रयास जारी हैं।
पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने की समय-सीमा और विस्तृत रूपरेखा आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है, क्योंकि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।