12 अगस्त 2026
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संसद गतिरोध पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का विपक्ष पर तीखा प्रहार, चिराग पासवान ने भी साधा निशाना

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संसद गतिरोध पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का विपक्ष पर तीखा प्रहार, चिराग पासवान ने भी साधा निशाना

सारांश

मानसून सत्र के अंतिम दिनों में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कांग्रेस और विपक्ष पर संसद को जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया। नवीन ने राहुल गांधी पर नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया, जबकि पासवान ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी।

मुख्य बातें

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने 12 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस पर मानसून सत्र में सार्थक चर्चा बाधित करने का आरोप लगाया।
नवीन ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी विपक्ष के आचरण को 'लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत' बताया।
BJP के अनुसार, सत्र में प्रश्नकाल बाधित हुआ और जनहित के कई अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।
नवीन ने दावा किया कि विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह का सामना करने से बचता रहा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 12 अगस्त 2026 को संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के लिए कांग्रेस और समूचे विपक्ष को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने विपक्षी दलों को मूल जन-मुद्दों से भटकाकर सार्थक संसदीय चर्चा को जानबूझकर बाधित किया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी विपक्ष के रवैये को लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताया।

नितिन नवीन का सीधा हमला

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए नितिन नवीन ने लिखा, 'संसद लोकतंत्र का वह पवित्र मंदिर है, जहां जनता के मुद्दों पर सार्थक चर्चा से देश की दिशा तय होती है, लेकिन इस बार के मानसून सत्र में गैर-जिम्मेदार कांग्रेस ने पूरे विपक्ष को मुद्दों से भटकाने का ही काम किया है।' उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले युवाओं के मुद्दे पर चर्चा की मांग की और जब मोदी सरकार इसके लिए तैयार हो गई, तो विपक्ष पीछे हट गया।

नवीन ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपनी 'अमर्यादित भाषा और गैरजिम्मेदार रवैये' से नेता प्रतिपक्ष के उच्च संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह का सामना करने से बचता रहा, क्योंकि तथ्यों के साथ बोलने पर शाह के तर्कों का जवाब देना विपक्ष के लिए कठिन हो जाता है।

चिराग पासवान की आलोचना

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी सोशल मीडिया पर विपक्ष के आचरण की आलोचना की। उन्होंने लिखा, 'गृह मंत्री अमित शाह के स्पष्ट हस्तक्षेप और सरकार की ओर से चर्चा की तैयारियों के बावजूद विपक्ष ने सदन की कार्यवाही बाधित की, जो दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।' पासवान ने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों, राम मंदिर और अन्य विषयों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि असहमति व्यक्त करने का सबसे उचित मंच संसद ही है और लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान बहस व संवाद से निकलता है, न कि व्यवधान से। पासवान ने विपक्ष के इस रवैये को 'संसदीय परंपराओं को कमजोर करने वाला' करार दिया।

मानसून सत्र में नुकसान

BJP अध्यक्ष नवीन ने रेखांकित किया कि इस मानसून सत्र में कई नए सांसदों का यह पहला संसदीय अनुभव था। उनके अनुसार, विपक्ष के हंगामे ने इन नए सांसदों के सामने लोकतंत्र की 'शर्मनाक तस्वीर' पेश की। उन्होंने यह भी कहा कि सत्र के दौरान देश प्रश्नकाल से वंचित रहा और जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा ही नहीं हो सकी।

गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में गतिरोध कोई नई परिघटना नहीं है — पिछले कई वर्षों में विभिन्न सत्रों में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से बाधाओं के आरोप लगते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब संसद की उत्पादकता को लेकर नागरिक समाज में भी बहस तेज हुई है।

आगे क्या

मानसून सत्र के समापन के साथ ही दोनों पक्षों के बीच यह वाकयुद्ध शीतकालीन सत्र तक की राजनीतिक पृष्ठभूमि तय करेगा। विपक्ष की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संसदीय कार्यवाही की उत्पादकता और जवाबदेही का सवाल आने वाले सत्रों में भी केंद्रीय मुद्दा बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पाठकों को अधूरी तस्वीर देता है। संसदीय गतिरोध की जिम्मेदारी ऐतिहासिक रूप से दोनों पक्षों पर रही है; सत्र की वास्तविक उत्पादकता के आँकड़े — कितने विधेयक पारित हुए, कितने घंटे बर्बाद हुए — इस बहस को ज्यादा ठोस आधार देते। 'विपक्ष डर के कारण भाग रहा था' जैसे दावे सत्यापन-योग्य नहीं हैं और इन्हें तथ्य की तरह नहीं पढ़ा जाना चाहिए। असली सवाल यह है कि क्या संसदीय प्रक्रिया में ऐसे संरचनात्मक सुधार होंगे जो भविष्य में गतिरोध को रोक सकें।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितिन नवीन ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूरे विपक्ष को मूल जन-मुद्दों से भटकाकर मानसून सत्र में सार्थक चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने युवाओं के मुद्दे पर चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार की तैयारी के बावजूद पीछे हट गया।
चिराग पासवान ने संसद गतिरोध पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप और सरकार की चर्चा की तैयारी के बावजूद विपक्ष ने सदन की कार्यवाही बाधित की, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि असहमति संसद में संवाद के जरिए व्यक्त की जाए।
मानसून सत्र 2026 में क्या-क्या बाधित हुआ?
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन के अनुसार, इस मानसून सत्र में प्रश्नकाल बाधित हुआ और जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। कई नए सांसदों के लिए यह पहला संसदीय सत्र था।
राहुल गांधी पर BJP ने क्या आरोप लगाए?
नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर अमर्यादित भाषा और गैरजिम्मेदार रवैये से नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे सदन की मर्यादा भी प्रभावित हुई।
क्या विपक्ष ने इन आरोपों का जवाब दिया?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन आरोपों पर विपक्ष की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संसदीय गतिरोध की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच वाकयुद्ध जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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