राहुल गांधी सदन में महत्वपूर्ण चर्चाओं से क्यों रहते हैं अनुपस्थित? चिराग पासवान का सवाल
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया गया।
- अविश्वास प्रस्ताव का खारिज होना तय था।
- विपक्ष की रणनीति पर चर्चा की गई।
- सदन की गरिमा को बनाए रखने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यह तो होना ही था। विपक्ष को भी इस बात का ज्ञान था।
चिराग पासवान ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष को केवल एक अवसर की तलाश थी, और जिस प्रकार से वे हर मुद्दे पर हंगामा करते हैं, यह कोई संयोग नहीं है। यह विपक्ष की एक सोची-समझी रणनीति है।
उन्होंने आगे कहा कि यह प्रस्ताव खारिज होना निश्चित था। विपक्ष को भी इसकी जानकारी थी, लेकिन उनकी जिद हमेशा रहती है। जब स्पीकर ओम बिरला के व्यवहार से विपक्ष को कोई समस्या नहीं है, तो फिर वे अविश्वास प्रस्ताव क्यों लाए?
चिराग पासवान ने कहा कि यदि विपक्ष को सरकार से कोई समस्या है, तो वे हमारी सरकार के खिलाफ प्रस्ताव लाते। हम भी अपनी ओर से उत्तर देते, लेकिन विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है; वे मुद्दाविहीन हो चुके हैं। विपक्ष पूरी तरह से भ्रमित है। राहुल गांधी को यह नहीं पता कि सदन की गरिमा को कैसे बनाए रखना है। सदन की कार्यवाही किस प्रकार चलानी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया है कि राहुल गांधी सदन में कितनी कम बार आते हैं, और जब सदन में कोई महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होती है, तो वे गायब रहते हैं।
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव को खारिज करने पर भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने कहा कि कानून के अनुसार ये सभी बातें स्पीकर को तय करनी होती हैं। मैं गृह मंत्री अमित शाह की बात से सहमत हूं, और उस पद की गरिमा का सम्मान होना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण पद है। यदि हम स्पीकर का मान नहीं रखेंगे, तो देश के संविधान का कैसे सम्मान करेंगे? कांग्रेसी हर पद को मजाक बना देते हैं। उन्हें विकास के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का अस्वीकृति होना निश्चित था। उन्हें पता था कि इसका परिणाम क्या होगा, लेकिन संसद का समय बर्बाद करना और उसकी इज्जत को नुकसान पहुंचाना कांग्रेस और विपक्ष का काम है। इसी वजह से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जिससे दो दिन सदन का काम प्रभावित हुआ। कांग्रेस के लोग इसी तरह के अनर्थक कार्यों में लगे रहते हैं।