तेजस्विन शंकर ने हांग्जो एशियन गेम्स 2026 में डेकाथलॉन ब्रॉन्ज जीता, एक इवेंट में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने
सारांश
मुख्य बातें
तेजस्विन शंकर ने हांग्जो एशियन गेम्स 2026 के डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। 7,934 प्वाइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहे शंकर इस बहु-स्पर्धा इवेंट में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं — एक उपलब्धि जो भारतीय एथलेटिक्स में दशकों की मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।
पदक तालिका और स्कोरकार्ड
जापान के युमा मारुयामा ने 8,123 प्वाइंट्स के साथ स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया, जबकि चीन के चेन जिंगहुआ 8,012 प्वाइंट्स के साथ रजत पदक विजेता रहे। तेजस्विन शंकर 7,934 प्वाइंट्स अर्जित कर तीसरे स्थान पर रहे और भारत की झोली में एक और पदक डाल दिया।
मुख्य घटनाक्रम — डेकाथलॉन के निर्णायक पल
डिस्कस थ्रो से पहले शंकर 5,270 प्वाइंट्स के साथ समग्र स्टैंडिंग में शीर्ष पर थे। उन्होंने 110 मीटर हर्डल्स हीट को 14.33 सेकंड में पूरा कर तीसरा स्थान हासिल किया और 932 प्वाइंट्स अपने नाम किए।
हालाँकि, डिस्कस थ्रो में उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 36.77 मीटर रहा, जो उनके पर्सनल बेस्ट से लगभग चार मीटर कम था। इसके बाद उनका कुल स्कोर 5,869 प्वाइंट्स हो गया और चीन व जापान के एथलीट स्टैंडिंग में उनसे आगे निकल गए।
डेकाथलॉन के अंतिम चरण में पोल वॉल्ट और जैवलिन थ्रो जैसे इवेंट थे — जो शंकर के अपेक्षाकृत कमज़ोर इवेंट माने जाते हैं। इससे रजत पदक की वापसी की उम्मीदें और कठिन हो गईं। बावजूद इसके, ब्रॉन्ज मेडल के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करना उनके इस संस्करण के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में शुमार होगा।
अन्य भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन
एथलेटिक्स में, मंजू रानी महिलाओं की मैराथन रेस वॉक में 3:40:17 के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। प्रियंका गोस्वामी को 9 किमी के निशान पर डिसक्वालीफाई कर दिया गया।
सर्फिंग में, शिवराज बाबू ने ईरान के दावूद खादीर को 8.96 के स्कोर से हराकर पुरुषों की शॉर्टबोर्ड प्रतियोगिता के तीसरे राउंड में प्रवेश किया। शिवराज ने अपनी दो वेव में क्रमशः 4.83 और 4.13 का स्कोर बनाया और अगले दौर में वह साथी भारतीय किशोर कुमार के साथ शामिल होंगे।
इससे पहले, शांति और कमाली प्रकाश भी महिला सर्फिंग के तीसरे राउंड में जगह बनाने में सफल रहीं। गायेन ने चीनी ताइपे की चेन वान-यू को 7.33–5.40 से हराया, जबकि प्रकाश ने सिंगापुर की कैमिली मैरी स्पैकारोटेला को 7.57–4.50 से पराजित किया।
ऐतिहासिक महत्व और आगे की राह
गौरतलब है कि डेकाथलॉन को ट्रैक और फील्ड का सबसे चुनौतीपूर्ण इवेंट माना जाता है — इसमें दस अलग-अलग स्पर्धाओं में निरंतर श्रेष्ठता की ज़रूरत होती है। किसी एशियाई खेलों में एक ही इवेंट में दो पदक जीतना भारतीय एथलेटिक्स की परिपक्वता का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पेरिस ओलंपिक के बाद ट्रैक-एंड-फील्ड में लंबी छलांग लगाने का इरादा रखता है। आने वाले समय में शंकर का ध्यान अब अपने कमज़ोर इवेंट्स को सुधारने और अगले बड़े टूर्नामेंट की तैयारी पर होगा।