एशियन गेम्स 2026: भारत ने जीते 85 मेडल, चौथा स्थान; महिला हॉकी का 44 साल बाद गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में 85 मेडल — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य — जीतकर मेडल तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेडल संग्रह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर भारतीय दल को उनके दृढ़ संकल्प, जुनून और शानदार खेल भावना के लिए बधाई दी।
मेडल का खेल-वार विवरण
भारत को सर्वाधिक 24 मेडल एथलेटिक्स से मिले, जो देश की ट्रैक-एंड-फील्ड में बढ़ती गहराई को दर्शाता है। शूटिंग ने 15 मेडल के साथ दूसरा स्थान लिया। आर्चरी स्वर्ण पदकों के लिहाज़ से सबसे सफल खेल रही, जहाँ भारत ने 5 गोल्ड जीते — जो किसी एकल खेल में भारत का उल्लेखनीय प्रदर्शन है।
ऐतिहासिक टीम उपलब्धियाँ
पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अपने-अपने एशियन गेम्स खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखे। दोनों कबड्डी टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते, जो इस देशज खेल में भारत के वर्चस्व की पुष्टि करता है।
पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से रौंदकर अपना खिताब बचाया। सबसे भावुक क्षण महिला हॉकी टीम का रहा, जिसने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर एशियन गेम्स में महिला हॉकी के 44 साल के स्वर्ण-अकाल को समाप्त किया — एक ऐतिहासिक उपलब्धि जो पूरे देश में जश्न की वजह बनी।
यादगार व्यक्तिगत प्रदर्शन
प्रणवी उर्स एशियन गेम्स में गोल्फ में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं — भारतीय गोल्फ के लिए एक ऐतिहासिक पल। मात्र 17 वर्षीया कुमकुम मोहोद ने महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व आर्चरी गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया।
लवलीना बोरगोहेन ने बॉक्सिंग रिंग में मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनकर एक खास सूची में अपना नाम दर्ज कराया। गौरतलब है कि यह भारत के लिए जापान में आयोजित इस अभियान में कई ऐतिहासिक 'पहली बार' वाले क्षणों से भरा रहा।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं भारतीय दल के हर सदस्य को हमारे देश का दृढ़ संकल्प, जुनून और शानदार खेल भावना के साथ प्रतिनिधित्व करने के लिए बधाई देता हूं। हमारे सभी मेडल विजेताओं को बधाई, जिनके प्रदर्शन ने देश को बहुत खुशी दी है। ये खेल आने वाले सालों में और भी बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रेरणा बनें। ये जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत करने में भी योगदान दें।'
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों में जुटा है और एशियन गेम्स 2026 का प्रदर्शन उस लक्ष्य के लिए मनोबल का काम करेगा। एथलेटिक्स, आर्चरी और शूटिंग में गहराई और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के उभरने के साथ, भारतीय खेल संघों पर अब इस गति को ओलंपिक पदक में बदलने का दबाव है।