एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने गोल्ड जीता, 44 साल बाद इतिहास रचा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया — यह 1982 के बाद पहली बार है जब भारत ने एशियाई खेलों में महिला हॉकी का खिताब जीता है। 44 साल के लंबे इंतज़ार को खत्म करती इस जीत ने पूरे देश में जश्न की लहर दौड़ा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने टीम की सराहना करते हुए इसे भारतीय खेल इतिहास का सुनहरा अध्याय बताया।
मैच का निर्णायक क्षण
लालरेम्सियामी हमारजोटे का निर्णायक गोल और गोलकीपर सविता पूनिया का महत्वपूर्ण पेनल्टी-स्ट्रोक बचाव इस जीत के दो निर्णायक पल रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने टीम के कौशल, संयम और लड़ने के जज़्बे को बखूबी प्रदर्शित किया। मौजूदा चैंपियन चीन को उसी की धरती पर धूल चटाना इस जीत को और अधिक ऐतिहासिक बनाता है।
पीएम मोदी और मंत्रियों की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ के एक्स हैंडल पर लिखा, 'भारतीय हॉकी के लिए एक बहुत ही खास पल। भारत के लोग महिला हॉकी टीम की सफलता का जश्न मना रहे हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स में शानदार गोल्ड मेडल जीता है और वो भी चार दशकों से ज्यादा समय के बाद। यह बेहतरीन कौशल और टीमवर्क का नतीजा है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता देशभर में हॉकी की लोकप्रियता बढ़ाने में योगदान देगी।
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, '44 साल बाद भारतीय महिला हॉकी को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई। हुनर, पक्के इरादे और टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन।' केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे 'भारतीय खेलों के लिए एक ऐतिहासिक दिन' करार देते हुए कहा कि हमारी 'नारी शक्ति' ने एशिया को जीत लिया है।
ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने यह भी रेखांकित किया कि इस जीत से भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधा और पूरी तरह हकदार टिकट भी पक्का कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे टीम को ओलंपिक क्वालीफायर के दबाव से मुक्ति मिली और लंबी तैयारी का अवसर मिला।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने अंतिम बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल 1982 में दिल्ली में जीता था। उसके बाद से टीम ने कई उतार-चढ़ाव देखे और टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक सेमीफाइनल तक पहुँचने के साथ एक नई पहचान बनाई थी। यह जीत उस नई पहचान को और मज़बूती देती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत आने वाली पीढ़ियों को नई उम्मीदों और जोश के साथ भारतीय हॉकी की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। आने वाले दिनों में टीम के स्वागत-समारोह और पुरस्कारों की घोषणा की संभावना है।