एशियन गेम्स 2026: PM मोदी ने हॉकी टीम की ऐतिहासिक लगातार दूसरे गोल्ड पर की सराहना, पहलवानों और गोल्फर को भी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 4 अक्टूबर 2026 को भारत की पुरुष हॉकी टीम को एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई दी। टीम ने काकामिगहारा के गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की — और इसके साथ ही भारत ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार खिताब बरकरार रखते हुए इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री ने इस सफर को भारतीय हॉकी के लिए 'असाधारण' करार दिया।
हॉकी में ऐतिहासिक उपलब्धि
इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में अपना पाँचवाँ कुल स्वर्ण पदक जीता और पहली बार लगातार दो संस्करणों में गोल्ड बरकरार रखा। पीएमओ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया: 'फाइनल में शानदार जीत के साथ एशियन गेम्स का गोल्ड बरकरार रखने पर हमारी पुरुष हॉकी टीम को बधाई। पहली बार लगातार एशियन गेम्स में गोल्ड और कुल मिलाकर पाँचवाँ गोल्ड... हमारे खिलाड़ियों का यह सफर असाधारण रहा है।'
इस जीत का एक और विशेष पहलू यह रहा कि पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने एक ही एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। पीएमओ ने कहा: 'यह साफ है कि एशियाई मंच पर भारतीय हॉकी का दबदबा है।' इस उपलब्धि के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक गेम्स के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया।
पहलवानों की शानदार सफलता
पहलवान अमन सहरावत ने पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक इस भार वर्ग में जीतकर इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी सराहना करते हुए कहा: 'पिछले एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल से लेकर इस बार पोडियम पर सबसे ऊपर जगह बनाने तक, अमन ने जबरदस्त जज्बा दिखाया है।'
वहीं दीपक पूनिया ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल 97 किग्रा कैटेगरी में कांस्य पदक जीता। पीएमओ ने कहा: 'छह दशक बाद, भारत एशियन गेम्स में पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल रेसलिंग इवेंट में पोडियम पर लौटा है। दीपक पूनिया ने कड़े मुकाबले के बाद ब्रॉन्ज मेडल जीता है और भारत की रेसलिंग यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ा है।'
गोल्फ और आर्चरी में ऐतिहासिक पदार्पण
प्रणवी शरथ उर्स एशियन गेम्स के महिला व्यक्तिगत गोल्फ इवेंट में भारत की पहली स्वर्ण पदक विजेता बनीं। प्रधानमंत्री ने कहा: 'इतिहास में दर्ज होने वाली उपलब्धि। उनके शानदार प्रदर्शन ने देश को खेल जगत का एक यादगार पल दिया है। उम्मीद है कि यह जीत और भी युवा भारतीयों को इस खेल की ओर आकर्षित करेगी।'
मात्र 17 वर्षीया तीरंदाज कुमकुम अनिल मोहोद ने व्यक्तिगत रिकर्व आर्चरी स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर एशियन गेम्स में यह खिताब हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव प्राप्त किया। पीएम मोदी ने कहा: 'निर्णायक शूट-ऑफ में उनका संयम और धैर्य वाकई शानदार था। वे और भी ऊँचाइयाँ हासिल करें।'
भारतीय खेलों के लिए ऐतिहासिक दिन
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतर्राष्ट्रीय खेलों में अपनी उपस्थिति को व्यापक रूप से सुदृढ़ कर रहा है। गौरतलब है कि एक ही दिन हॉकी, कुश्ती, गोल्फ और आर्चरी — चार अलग-अलग खेलों में पदक आना असाधारण उपलब्धि है। लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधी योग्यता और महिला खिलाड़ियों की पदक सूची में बढ़ती हिस्सेदारी भारतीय खेल परिदृश्य में एक उत्साहजनक बदलाव का संकेत देती है।