एशियन गेम्स 2026: PM मोदी ने भारतीय दल को दी शुभकामनाएं, मनु भाकर और पवन सहरावत ने किया दल का नेतृत्व
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 के उद्घाटन के अवसर पर भारतीय दल को शुभकामनाएं देते हुए खिलाड़ियों के प्रति देश के गर्व का इज़हार किया। नागोया के मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ इस महाद्वीपीय खेल महाकुंभ का आगाज़ हुआ।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'आइची-नागोया में एशियन गेम्स की शुरुआत के साथ ही, मैं भारतीय दल को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। प्रत्येक खिलाड़ी ने बहुत कड़ी मेहनत की है और अद्भुत लगन व दृढ़ संकल्प दिखाया है। भारत को उन पर गर्व है। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, अच्छा खेलें और शानदार सफलता हासिल करें।' यह संदेश उद्घाटन समारोह की शुरुआत के साथ ही सामने आया और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बना।
उद्घाटन समारोह में भारत की उपस्थिति
भारतीय दल का नेतृत्व ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने किया। दोनों ने ध्वजवाहक की भूमिका निभाते हुए भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत क्रिकेट (पुरुष और महिला), कबड्डी (दोनों वर्गों) और पुरुष हॉकी में मौजूदा चैंपियन के रूप में उतर रहा है।
एशियन गेम्स 2026 की खासियत
यह एशियन गेम्स का 20वां संस्करण है और जापान तीसरी बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहा है — टोक्यो 1958 और हिरोशिमा 1994 के बाद। इस बार 45 देशों और क्षेत्रों के एथलीट 43 खेलों में पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। एशिया की इस सबसे बड़ी खेल स्पर्धा का आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) करती है और यह हर चार वर्ष में एक बार होती है।
भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन और इस बार की उम्मीदें
गौरतलब है कि भारत ने एशियन गेम्स 2023 में 107 पदक — जिनमें 28 स्वर्ण पदक शामिल थे — जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। यह भारत का एशियन गेम्स इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इस बार भारतीय दल उस रिकॉर्ड को और बेहतर बनाने की महत्वाकांक्षा के साथ मैदान में उतरा है।
एशियन गेम्स की विरासत
एशियन गेम्स का पहला संस्करण 1951 में नई दिल्ली में आयोजित हुआ था, जिसमें 11 देशों के 489 एथलीटों ने हिस्सा लिया था। तब से यह आयोजन एशियाई खेल-जगत की सबसे प्रतिष्ठित स्पर्धा बन चुका है। अब तक कुल 19 बार यह आयोजन हो चुका है और नागोया में 20वां संस्करण इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएगा। भारत के खिलाड़ी आने वाले दिनों में अपनी कड़ी मेहनत और तैयारी को पदकों में बदलने के लिए तत्पर हैं।