19 सितंबर 2026
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दिल्ली के द्वारका में अवैध विदेशी नागरिकों पर पुलिस का बड़ा अभियान, 43 ठिकानों पर 40 की जाँच, 10 को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू

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दिल्ली के द्वारका में अवैध विदेशी नागरिकों पर पुलिस का बड़ा अभियान, 43 ठिकानों पर 40 की जाँच, 10 को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू

सारांश

दिल्ली के द्वारका में 25 टीमों और 150 पुलिसकर्मियों ने 43 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें 40 विदेशी नागरिक — मुख्यतः नाइजीरियाई — वेरिफाई किए गए और 10 को डिपोर्टेशन के लिए चिन्हित किया गया। DCP कुशल पाल सिंह की अगुआई में चला यह समन्वित अभियान राजधानी में अवैध प्रवासियों पर बढ़ती सख्ती का हिस्सा है।

मुख्य बातें

द्वारका जिला पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया।
43 स्थानों और छिपने के ठिकानों पर 40 विदेशी नागरिकों (30 पुरुष, 10 महिलाएँ) की जाँच की गई।
जाँचे गए नागरिकों में 31 नाइजीरियाई , 4 युगांडा , 3 तंजानिया और 2 आइवरी कोस्ट के नागरिक शामिल।
10 विदेशी नागरिकों — नाइजीरिया के 5, युगांडा के 4, तंजानिया का 1 — को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू।
अभियान में 25 विशेष टीमें और 150 पुलिसकर्मी तैनात; DCP कुशल पाल सिंह की देखरेख में संचालित।

दिल्ली के द्वारका जिले में 19 सितंबर 2026 को पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ठहरे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक व्यापक विशेष अभियान चलाया, जिसमें 43 स्थानों और छिपने के ठिकानों पर 40 विदेशी नागरिकों की जाँच-पड़ताल की गई। इस कार्रवाई के तहत 10 विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने (डिपोर्टेशन) की औपचारिक प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

यह ऑपरेशन द्वारका जिले के डीसीपी (आईपीएस) कुशल पाल सिंह की प्रत्यक्ष देखरेख में संचालित किया गया। अभियान का मुख्य लक्ष्य गैर-कानूनी तरीके से निवास कर रहे अथवा निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रुके विदेशी नागरिकों की पहचान करना, उनके इमिग्रेशन स्टेटस की जाँच करना, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाना और संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय करते हुए उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना था।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी में अवैध प्रवासियों की उपस्थिति एक दीर्घकालिक कानून-व्यवस्था चुनौती रही है और द्वारका जैसे सघन आवासीय इलाकों में इस तरह के अभियानों को प्रवर्तन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

ऑपरेशन की संरचना और तैनाती

अभियान के लिए द्वारका जिले के सभी पुलिस स्टेशनों और विशेष यूनिट्स के कर्मियों को मिलाकर 25 विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों को दो प्रमुख कार्य सौंपे गए — पहला, जिले में तय समय से अधिक रुके विदेशी नागरिकों की पहचान और पता लगाना; दूसरा, दर्ज आपराधिक मामलों में शामिल विदेशी नागरिकों के इमिग्रेशन स्टेटस की जाँच करना।

टीमों ने स्थानीय खुफिया सूचनाओं, फील्ड वेरिफिकेशन और सर्विलांस इनपुट के आधार पर चिन्हित स्थानों पर एक साथ समन्वित तलाशी और वेरिफिकेशन अभियान चलाया। कुल मिलाकर 150 पुलिसकर्मियों को इस पूरे ऑपरेशन में तैनात किया गया।

जाँच में पाए गए विदेशी नागरिकों का विवरण

वेरिफाई किए गए 40 विदेशी नागरिकों में 30 पुरुष और 10 महिलाएँ शामिल थीं। देश के अनुसार विवरण इस प्रकार रहा —

नाइजीरिया के सर्वाधिक 31 नागरिक मिले, जिनमें 28 पुरुष और तीन महिलाएँ थीं। युगांडा के चार नागरिक मिले, जो सभी महिलाएँ थीं। तंजानिया के तीन नागरिक सामने आए, जो सभी महिलाएँ थीं। आइवरी कोस्ट के दो पुरुष नागरिकों की भी जाँच की गई, जिनमें से एक को आइवरी कोस्ट का और दूसरे को आइवरी कोस्ट (अबिदजान) का नागरिक बताया गया।

डिपोर्टेशन प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई

अभियान के दौरान 10 विदेशी नागरिकों को डिपोर्टेशन के लिए चिन्हित किया गया। इनमें नाइजीरिया के पाँच, युगांडा के चार और तंजानिया का एक नागरिक शामिल है। इन 10 लोगों में छह महिलाएँ और चार पुरुष हैं।

द्वारका जिला पुलिस ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य इलाके में विदेशी नागरिकों के वेरिफिकेशन तंत्र को मजबूत करना और अनधिकृत रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिस के अनुसार संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय करते हुए आगे की आवश्यक विधिक प्रक्रिया जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस ने राजधानी के विभिन्न जिलों में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए व्यापक अभियान तेज किए हैं। आने वाले दिनों में इसी तर्ज पर अन्य जिलों में भी इस तरह के ऑपरेशन चलाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

10 को डिपोर्टेशन के लिए चिन्हित — लेकिन यह एक बड़े प्रवर्तन रुझान की कड़ी है जिसमें राजधानी के विभिन्न जिलों में इस तरह की कार्रवाइयाँ बढ़ी हैं। सवाल यह है कि क्या ये अभियान दीर्घकालिक इमिग्रेशन निगरानी तंत्र को मज़बूत करते हैं या केवल रणनीतिक दृश्यता के लिए चलाए जाते हैं। डिपोर्टेशन प्रक्रिया की वास्तविक परिणति और उसमें लगने वाला समय ही इस अभियान की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के द्वारका में पुलिस ने यह अभियान क्यों चलाया?
द्वारका जिला पुलिस ने यह अभियान उन विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए चलाया जो वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहे थे या आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकते थे। यह कदम जिले में विदेशी नागरिकों के वेरिफिकेशन तंत्र को मज़बूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
इस अभियान में कितने और किन देशों के विदेशी नागरिक पाए गए?
अभियान में कुल 40 विदेशी नागरिकों की जाँच हुई — 31 नाइजीरियाई (28 पुरुष, 3 महिलाएँ), 4 युगांडा के (सभी महिलाएँ), 3 तंजानिया के (सभी महिलाएँ) और 2 आइवरी कोस्ट के (दोनों पुरुष)।
कितने लोगों को डिपोर्ट किया जाएगा और वे किन देशों के हैं?
डिपोर्टेशन के लिए 10 विदेशी नागरिकों को चिन्हित किया गया है — नाइजीरिया के 5, युगांडा के 4 और तंजानिया का 1। इनमें 6 महिलाएँ और 4 पुरुष शामिल हैं और संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय करते हुए कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व किसने किया और इसमें कितने पुलिसकर्मी शामिल थे?
यह अभियान द्वारका जिले के DCP (IPS) कुशल पाल सिंह की देखरेख में संचालित हुआ। इसमें 25 विशेष टीमें और कुल 150 पुलिसकर्मी तैनात किए गए, जो जिले के सभी पुलिस स्टेशनों और विशेष यूनिट्स से लिए गए थे।
पुलिस ने इन ठिकानों की पहचान कैसे की?
टीमों ने स्थानीय खुफिया सूचनाओं, फील्ड वेरिफिकेशन और सर्विलांस इनपुट के आधार पर 43 चिन्हित स्थानों और संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ समन्वित तलाशी व वेरिफिकेशन अभियान चलाया।
राष्ट्र प्रेस
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