इंदौर में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' दौरे पर सीएम मोहन यादव का पलटवार, कांग्रेस के शिक्षा रिकॉर्ड पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 19 सितंबर 2026 को शिक्षा और विकास के मोर्चे पर कांग्रेस के शासनकाल पर तीखा हमला बोला। यह प्रतिक्रिया तब आई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करने के लिए इंदौर पहुँचे।
मुख्यमंत्री यादव का बजट तुलना से वार
मुख्यमंत्री यादव ने कहा, 'आज राहुल गांधी हमारी शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य पर सवाल उठा रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और ₹4.38 लाख करोड़ का बजट पेश किया है।' उन्होंने इस आँकड़े की तुलना कांग्रेस के 55 साल के शासनकाल के दौरान रहे कुल लगभग ₹22,000 करोड़ के बजट से की और कहा कि दोनों के बीच का अंतर कांग्रेस के कामकाज की तस्वीर खुद बयान करता है।
नारी वंदन और कर्नाटक पर हमला
यादव ने राजनीतिक बहस का दायरा बढ़ाते हुए महिलाओं की भागीदारी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर 'नारी वंदन अधिनियम' पर कांग्रेस का रुख अस्पष्ट है, वहीं कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में होने के बावजूद राज्य कैबिनेट में एक भी महिला मंत्री नहीं है। उनके शब्दों में, 'लोग सब कुछ देख रहे हैं और समय आने पर वे जवाब भी माँगेंगे।'
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम और राजनीतिक रंग
कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को छात्रों-युवाओं के साथ सीधी बातचीत के मंच के रूप में पेश किया है, जिसमें शिक्षा, भर्ती और रोज़गार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एयरपोर्ट पर राहुल गांधी का स्वागत किया।
गौरतलब है कि इस दौरे के साथ विवाद भी जुड़ा रहा — कार्यक्रम को निशाना बनाने वाले पोस्टरों और पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा शर्तों को लेकर तनाव देखा गया, जिसने राहुल गांधी के छात्रों से जुड़ाव के अभियान को एक अतिरिक्त राजनीतिक आयाम दे दिया।
भाजपा बनाम कांग्रेस: शिक्षा पर सियासी जंग
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने बजट आँकड़ों को सामने रखकर यह संदेश देने की कोशिश की कि राज्य में शिक्षा पर निवेश कांग्रेस काल की तुलना में कई गुना बढ़ा है। दूसरी ओर, कांग्रेस का तर्क है कि 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रम भर्ती में पारदर्शिता और रोज़गार सृजन की माँग उठाने के लिए ज़रूरी हैं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों युवा मतदाताओं तक पहुँच बनाने की होड़ में हैं। राहुल गांधी के इंदौर दौरे और मुख्यमंत्री यादव के पलटवार ने यह स्पष्ट कर दिया कि आगामी राजनीतिक मौसम में शिक्षा और युवा-रोज़गार केंद्रीय मुद्दे बनकर उभरेंगे।