राहुल गांधी छात्र मुद्दों का राजनीतिक दोहन कर रहे हैं: BJP सांसद योगेंद्र चंदोलिया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने 22 अगस्त को नई दिल्ली में कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। चंदोलिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों की वास्तविक समस्याओं को समाधान की बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने साथ ही यह भी स्वीकार किया कि यदि छात्रों की माँगें जायज हैं, तो सरकार को उन्हें गंभीरता से सुनकर समाधान करना चाहिए।
पुणे कार्यक्रम पर सवाल
BJP सांसद का यह बयान पुणे में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में आया है। चंदोलिया ने तर्क दिया कि महाराष्ट्र में BJP की सरकार है और राहुल गांधी वहाँ जाकर छात्र मुद्दे उठा रहे हैं, जबकि झारखंड में कांग्रेस-समर्थित सरकार के कार्यकाल में छात्रों के खिलाफ हिंसा होने पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि इस दोहरे रवैये से स्पष्ट होता है कि विपक्ष की मंशा समाधान नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ है।
वंदे मातरम विवाद पर BJP का रुख
चंदोलिया ने 'वंदे मातरम' को लेकर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' करीब 150 साल पहले लिखा गया था और यह देश की भावनाओं से गहराई से जुड़ा है। सरकार द्वारा निर्धारित कानून और निर्णय के अनुसार राष्ट्रगीत गाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी बैठक में 'वंदे मातरम' के केवल दो पद गाने का फैसला राष्ट्रगीत का अपमान है। उनके अनुसार, यदि कांग्रेस को इस निर्णय पर आपत्ति थी, तो उसे संसद में इस विषय पर खुलकर बहस करनी चाहिए थी। इस संदर्भ में उन्होंने सोनिया गांधी की भी आलोचना की।
चीनी की कीमतों पर सरकार का भरोसा
चीनी की बढ़ती कीमतों के सवाल पर चंदोलिया ने कहा कि ऐसी परिस्थितियाँ समय-समय पर आती रहती हैं और सरकार स्थिति पर पूरी नज़र रखे हुए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आयात-निर्यात से जुड़े आवश्यक कदम उठाए जाएँगे और सरकार हर ज़रूरी उपाय करने को तैयार है।
विपक्ष पर राजनीतिक लाभ का आरोप
रांची में छात्र मामले का उल्लेख करते हुए BJP सांसद ने दावा किया कि छात्र स्वयं जानते हैं कि उनके साथ वास्तव में कौन खड़ा है और कौन केवल राजनीति कर रहा है। सीजेपी की अगुवाई में दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए उन्होंने कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्षी दल छात्र मुद्दों को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र रोज़गार, परीक्षा पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर आंदोलनरत हैं। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक बहस के और तेज़ होने के संकेत हैं।