बृजभूषण शरण सिंह का राहुल गांधी पर तंज: 'कांग्रेस की जूठन खाने की आदत, छात्रों का मुद्दा BJP पहले ही हल कर चुकी'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 7 अगस्त 2026 को गोंडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आदत सिर्फ 'जूठन खाने' की है और छात्रों की समस्याएँ BJP पहले ही सुलझा चुकी है।
बृजभूषण का सीधा हमला
गोंडा में मीडिया से मुखातिब होते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'मैं राहुल गांधी के इस कदम का स्वागत करता हूँ कि वे छात्रों से संवाद करने जा रहे हैं। लेकिन उन्होंने बहुत देर कर दी है। उन्हें यह काम एक-दो साल पहले करना चाहिए था।' उन्होंने आगे जोड़ा कि जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, वे अचानक पैदा नहीं हुई थीं, परंतु राहुल गांधी को यह बात समझ में नहीं आई।
BJP नेता ने यह भी कहा कि यदि यह विषय राहुल गांधी को याद था, तो उन्हें बताना चाहिए कि इस पर संसद में कोई बड़ा वक्तव्य दिया गया था या नहीं।
BJP का दावा — समस्याएँ पहले ही सुलझाईं
बृजभूषण ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और BJP ने छात्रों की जितनी माँगें थीं, उनसे भी अधिक पूरी कर दी हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अब कुछ बचा नहीं है। इनकी सिर्फ जूठन खाने की आदत है।'
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को शाम 5 बजे प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत युवाओं से सीधा संवाद करने पहुँचे। इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को, राहुल गांधी ने कहा था, 'यह सरकार झुकती है, बस आवाज़ एक साथ उठनी चाहिए।'
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में छात्र आंदोलन और परीक्षा प्रणाली को लेकर व्यापक बहस चल रही है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में उत्तर प्रदेश के युवाओं से अपील की — 'यह सिस्टम भारत के युवाओं को निराश कर रहा है। अब बदलाव का समय आ गया है।'
राजनीतिक संदर्भ
बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में BJP और कांग्रेस के बीच छात्र-मुद्दों पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। आलोचकों का कहना है कि दोनों दलों का छात्रों पर ध्यान चुनावी गणित से प्रेरित है। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की ज़मीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी का रुख और छात्रों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि कांग्रेस इस मुद्दे को किस दिशा में ले जाती है। BJP की ओर से आने वाले दिनों में भी पलटवार जारी रहने की संभावना है।