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राहुल गांधी का प्रयागराज 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम रद्द, कांग्रेस बोली — सरकार डरी हुई है

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राहुल गांधी का प्रयागराज 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम रद्द, कांग्रेस बोली — सरकार डरी हुई है

सारांश

राहुल गांधी के प्रयागराज 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की बुकिंग रद्द होते ही कांग्रेस ने BJP सरकार पर निशाना साधा। पवन खेड़ा और प्रमोद तिवारी ने कहा — सरकार डरी हुई है। कोटा और देहरादून में भी ऐसी कोशिशें हुईं, पर कार्यक्रम हुए। अब प्रयागराज की बारी है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी का 8 अगस्त को प्रयागराज में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की वेन्यू बुकिंग अचानक रद्द की गई।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार राहुल गांधी से डरती है और संसद में भी उनका सामना नहीं करती।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने देहरादून कार्यक्रम में भी बाधा डालने का हवाला दिया।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में भी ऐसी कोशिशें हुईं पर कार्यक्रम संपन्न हुए।
BJP की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 8 अगस्त को प्रयागराज में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की वेन्यू बुकिंग अचानक रद्द कर दी गई, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर सीधा हमला बोला। 6 अगस्त को नई दिल्ली में प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की छात्र-संवाद पहल को जानबूझकर बाधित कर रही है।

क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में जिस स्थान पर छात्र संवाद कार्यक्रम होना था, वहाँ पहले अनुमति दी गई और बाद में उसे रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा, 'भाजपा सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि राहुल गांधी का संवाद कार्यक्रम प्रयागराज में न हो सके।' राय ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में भी इसी तरह की कोशिशें की गई थीं, लेकिन अंततः वे कार्यक्रम संपन्न हुए।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने तीखे शब्दों में कहा, 'वे राहुल गांधी से डरते हैं। वे संसद में भी उनका सामना नहीं करते। जब भी राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के जरिए छात्रों से बातचीत करते हैं, तो मुश्किलें खड़ी करने की कोशिशें की जाती हैं। वे बार-बार ऐसा करते रहे हैं।' खेड़ा ने यह भी स्पष्ट किया कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम होकर रहेगा और पार्टी अपना काम जारी रखेगी।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी सरकार को घेरते हुए कहा, 'यह डरी हुई भाजपा की सरकारें हैं। देहरादून के कार्यक्रम में भी सरकार ने रुकावट डाली, प्रयागराज में भी डाली जा रही है। हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं कि राहुल गांधी का कार्यक्रम निर्धारित समय पर हो।'

भागवत-जेन-जी संवाद पर भी निशाना

प्रमोद तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की जेन-जी युवाओं के साथ प्रस्तावित बातचीत को भी इसी संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा, 'यह जेन-जी और युवाओं की जीत है। जो व्यक्ति धर्म के नाम पर देश के युवाओं को बांटता रहा है, उसे अब उनसे बातचीत करनी होगी।' यह टिप्पणी सीधे तौर पर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पृष्ठभूमि: 'छात्रों की गूंज' पहल

'छात्रों की गूंज' कांग्रेस की वह पहल है जिसके तहत राहुल गांधी देशभर के छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करते हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कोटा और देहरादून में भी इसी तरह की बाधाएँ आईं, परंतु कार्यक्रम अंततः आयोजित हुए। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर दबाव बना रहा है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि वे प्रयागराज में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। अजय राय ने कहा कि सरकार को अंततः अनुमति देनी होगी, क्योंकि 'वे राहुल गांधी और युवाओं की आवाज को दबा नहीं सकते।' इस पूरे विवाद पर BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दोनों बार कार्यक्रम अंततः हुए। इससे स्पष्ट है कि यह विवाद केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से निर्देशित दिखता है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार का तंत्र विपक्षी नेताओं के संवैधानिक अधिकार — जनता से संवाद — को बाधित करने के लिए इस्तेमाल हो रहा है, और यदि हाँ, तो इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा। BJP की चुप्पी इस प्रश्न को और गहरा करती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस की वह पहल है जिसके तहत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देशभर के छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करते हैं। इस श्रृंखला के तहत पहले कोटा और देहरादून में कार्यक्रम हो चुके हैं।
प्रयागराज में राहुल गांधी का कार्यक्रम क्यों रद्द हुआ?
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, 8 अगस्त को प्रयागराज में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की वेन्यू बुकिंग पहले स्वीकृत हुई और फिर अचानक रद्द कर दी गई। पार्टी ने इसके लिए BJP सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, हालाँकि सरकार की ओर से कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया।
कांग्रेस ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार राहुल गांधी से डरती है और संसद में भी उनका सामना नहीं करती। प्रमोद तिवारी और अजय राय ने भी सरकार पर विपक्षी कार्यक्रमों को जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया।
क्या पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, कांग्रेस नेताओं के अनुसार राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में भी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रमों को बाधित करने की कोशिश हुई थी। हालाँकि दोनों स्थानों पर कार्यक्रम अंततः संपन्न हुए।
क्या प्रयागराज में कार्यक्रम होगा?
कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कार्यक्रम आयोजित करेंगे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सरकार को अंततः अनुमति देनी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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