राहुल गांधी का प्रयागराज 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम रद्द, विपक्षी सांसदों ने सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रयागराज में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने के बाद 6 अगस्त को संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए। किसानों की समस्याओं और देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा।
अनुमति रद्द होने पर विपक्ष के आरोप
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के पीछे सरकार की भूमिका प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को रोकने के लिए इस तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं।
कांग्रेस सांसद अशोक सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश के छात्रों, किसानों और आम लोगों की आवाज़ उठा रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, 'लोकतंत्र तानाशाही वाले तरीकों से नहीं चल सकता और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।'
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों के साथ कथित मारपीट और संबंधित घटनाओं पर जवाब देने से बच रही है, इसीलिए जिम्मेदार मंत्री सदन में नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि 'सरकार राहुल गांधी से राजनीतिक रूप से भयभीत दिखाई देती है।'
किसान नीति पर सवाल
कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने सरकार की कृषि और ऊर्जा नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसानों को 24 घंटे बिजली की जरूरत है, जबकि कई स्थानों पर उन्हें केवल 8 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जो धान जैसी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं है।
पडोले ने सरकार की सोलर पंप योजना को भी अपर्याप्त बताया। उनके अनुसार कई सोलर पंप 350 से 1,000 फीट की गहराई से पानी निकालने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने सरकार से किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सोलर नीति में संशोधन की माँग की।
पश्चिम बंगाल और झारखंड के मुद्दे
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की कथित घटनाओं की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांप्रदायिक एजेंडे का हिस्सा है और इसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सांसद महुआ माजी ने केंद्रीय गृह मंत्री की सदन में उपस्थिति की विपक्षी माँग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जिम्मेदार मंत्रियों का सदन में उपस्थित रहना आवश्यक है।
झारखंड में छात्र आंदोलन पर सफाई
रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर महुआ माजी ने दावा किया कि पेपर लीक की घटना सामने आने के दिन ही संबंधित अध्यक्ष का इस्तीफा लिया गया, CID जाँच शुरू की गई और लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रों से संवाद के लिए प्रतिनिधि भेजा है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र पहले से ही विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक का गवाह बन रहा है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद में और अधिक तीव्र बहस की संभावना है।