20 सितंबर 2026
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भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी: व्यापार, रक्षा और IMEC पर 2029 तक ₹20 अरब यूरो लक्ष्य

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भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी: व्यापार, रक्षा और IMEC पर 2029 तक ₹20 अरब यूरो लक्ष्य

सारांश

भारत-इटली संबंध अब केवल कूटनीतिक प्रतिबद्धताओं तक सीमित नहीं — 2029 तक 20 अरब यूरो का व्यापार लक्ष्य, IMEC में साझी भूमिका और बढ़ता रक्षा सहयोग इस साझेदारी को एक नई परीक्षा के मुहाने पर खड़ा करते हैं।

मुख्य बातें

रोम में जॉन कैबोट यूनिवर्सिटी ने पहले भारत-इटली ट्रैक 1.5 संवाद की मेज़बानी की, जिसमें इटली में भारत की राजदूत वाणी राव ने भी भाग लिया।
भारत-इटली ने 2029 तक 20 अरब यूरो के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा है और 2025–2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना अपनाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई की इटली यात्रा के दौरान संबंध विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत हुए।
IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा) दोनों देशों के लिए रणनीतिक संपर्क का प्रमुख माध्यम बनकर उभरा है।
रक्षा क्षेत्र में सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा खरीद, R&D और नौसैनिक सहयोग का दायरा बढ़ा है।
दोनों देश 2027 में राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ मनाएँगे; गैर-टैरिफ बाधाएँ अभी भी आर्थिक एकीकरण में चुनौती हैं।

भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंध 20 सितंबर 2026 को एक नए और अधिक परिणामोन्मुखी चरण में प्रवेश कर गए हैं, जहाँ दोनों देश विशेष रणनीतिक साझेदारी को केवल कागज़ों से निकालकर ठोस उपलब्धियों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं। रोम स्थित जॉन कैबोट यूनिवर्सिटी (JCU) में आयोजित पहले भारत-इटली ट्रैक 1.5 संवाद ने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत दिया। दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार के लिए 20 अरब यूरो का लक्ष्य निर्धारित किया है और संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना (2025–2029) के तहत रक्षा, आर्थिक कॉरिडोर तथा बहुपक्षीय सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई है।

ट्रैक 1.5 संवाद: रोम में पहली बार

ग्वारिनी इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक अफेयर्स की अगुवाई में आयोजित इस संवाद में दोनों देशों के नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और राजनयिकों ने भाग लिया। इटली में भारत की राजदूत वाणी राव ने सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। चर्चा चाथम हाउस नियम के तहत हुई, जिसका अर्थ है कि सामग्री का उपयोग किया जा सकता है, परंतु वक्ताओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हस्ताक्षर की दिशा में अग्रसर है।

रणनीतिक साझेदारी का विस्तार

भारत और इटली ने 2023 में रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी। इसके बाद 2024 में 2025 से 2029 की अवधि के लिए संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना अपनाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई में इटली यात्रा के दौरान इस संबंध को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया। नए ढाँचे के अंतर्गत विदेश मंत्रियों की अगुवाई वाला तंत्र संयुक्त कार्ययोजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। गौरतलब है कि दोनों देश 2027 में अपने राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं।

रक्षा और समुद्री सहयोग

रक्षा क्षेत्र में भी भारत-इटली सहयोग लगातार विस्तृत हुआ है। दोनों देशों के बीच सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा खरीद, अनुसंधान एवं विकास तथा औद्योगिक साझेदारी शामिल हो चुकी है। भारतीय और इतालवी नौसेनाओं के बीच पोर्ट कॉल और प्रशिक्षण गतिविधियाँ भी जारी हैं। दोनों देशों की भौगोलिक स्थिति इस सहयोग को विशेष महत्व देती है — दोनों उस व्यापक समुद्री क्षेत्र से जुड़े हैं जो हिंद-प्रशांत को मध्य पूर्व और यूरोप से जोड़ता है।

IMEC: दोनों देशों के लिए रणनीतिक सेतु

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) इस साझेदारी में एक केंद्रीय रणनीतिक धुरी बनकर उभरा है। इटली के लिए IMEC हिंद-प्रशांत में उसके बढ़ते जुड़ाव और भूमध्यसागर में उसकी पारंपरिक भूमिका के बीच एक भौगोलिक संपर्क बिंदु है। वहीं भारत के लिए यह खाड़ी और भूमध्यसागर के रास्ते यूरोपीय बाज़ारों से संपर्क सुदृढ़ करने का एक अतिरिक्त माध्यम है।

आर्थिक अवसर और चुनौतियाँ

संवाद में दोनों देशों के आर्थिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-इटली आर्थिक सहयोग की क्षमता मौजूदा व्यापार और बुनियादी ढाँचे से कहीं अधिक है। वित्तीय संस्थान दोनों देशों के बीच व्यापार को सुविधाजनक बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। हालाँकि, गैर-टैरिफ बाधाएँ और नियामकीय अंतर अभी भी आर्थिक एकीकरण को गहरा करने में चुनौती बने हुए हैं।

आगे की राह

ग्वारिनी इंस्टीट्यूट के इमानुएल रॉसी ने कहा कि 2027 में राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ और सांस्कृतिक पर्यटन को समर्पित वर्ष दोनों देशों को मौजूदा आधार को और व्यापक बनाने का अवसर देंगे। उन्होंने बताया कि ग्वारिनी इंस्टीट्यूट अगले वर्ष जॉन कैबोट यूनिवर्सिटी में पहले ट्रैक 1.5 संवाद के आधार पर एक बड़ी पहल शुरू करने की योजना बना रहा है। अब असली परीक्षा यह है कि 2025–2029 की संयुक्त कार्ययोजना केवल एक दस्तावेज़ न रहे, बल्कि व्यापार, रक्षा और IMEC के मोर्चे पर मापनीय नतीजे दे सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परख अब होनी है। 20 अरब यूरो का व्यापार लक्ष्य तब तक महज़ एक संख्या है जब तक गैर-टैरिफ बाधाएँ और नियामकीय अंतर दूर न हों — जो दशकों से दोनों देशों के बीच घर्षण का कारण रहे हैं। IMEC की संरचनात्मक व्यवहार्यता स्वयं अभी भी अनिश्चित है, और उस पर इतालवी रणनीतिक हितों को केंद्रित करना समय से पहले हो सकता है। ट्रैक 1.5 संवाद सही दिशा में उठाया गया कदम है, परंतु 2027 की वर्षगांठ से पहले यदि ठोस क्रियान्वयन ढाँचा सामने नहीं आया, तो यह साझेदारी भी भारत की कई अन्य 'विशेष' द्विपक्षीय घोषणाओं की तरह कागज़ों तक सिमटने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी क्या है?
यह 2023 में स्थापित और मई 2026 में 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत द्विपक्षीय ढाँचा है, जिसमें व्यापार, रक्षा, IMEC और सांस्कृतिक सहयोग शामिल हैं। 2025–2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना के तहत विदेश मंत्रियों की अगुवाई वाला तंत्र इसके क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।
भारत और इटली का 20 अरब यूरो का व्यापार लक्ष्य कब तक हासिल करना है?
दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। हालाँकि, गैर-टैरिफ बाधाएँ और नियामकीय अंतर अभी भी इस लक्ष्य की राह में चुनौती बने हुए हैं।
IMEC भारत-इटली संबंधों के लिए क्यों अहम है?
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) इटली को हिंद-प्रशांत में उसके बढ़ते जुड़ाव और भूमध्यसागर में उसकी पारंपरिक भूमिका के बीच एक रणनीतिक संपर्क बिंदु देता है। भारत के लिए यह खाड़ी और भूमध्यसागर के रास्ते यूरोपीय बाज़ारों से संपर्क का अतिरिक्त माध्यम है।
भारत-इटली ट्रैक 1.5 संवाद क्या था और यह कहाँ हुआ?
यह रोम स्थित जॉन कैबोट यूनिवर्सिटी में ग्वारिनी इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक अफेयर्स द्वारा आयोजित पहला भारत-इटली ट्रैक 1.5 संवाद था। इसमें नीति-निर्माता, विशेषज्ञ और इटली में भारत की राजदूत वाणी राव शामिल हुईं; चर्चा चाथम हाउस नियम के तहत हुई।
भारत-इटली रक्षा सहयोग में क्या-क्या शामिल है?
दोनों देशों के बीच सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा खरीद, अनुसंधान एवं विकास और औद्योगिक साझेदारी शामिल है। भारतीय और इतालवी नौसेनाओं के बीच पोर्ट कॉल और प्रशिक्षण गतिविधियाँ भी नियमित रूप से होती रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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