आईएमईसी के जरिए यूरोप-भारत कनेक्टिविटी मजबूत करेंगे: पीएम मेलोनी का मोदी के साथ संयुक्त बयान
सारांश
मुख्य बातें
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 20 मई 2026 को रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) को और विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने मेडिटेरेनियन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को रणनीतिक प्राथमिकता बताते हुए कहा कि दोनों देश वैश्विक व्यापार और अवसंरचना के लिए अहम धुरी हैं। यह बैठक भारत-इटली संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की ऐतिहासिक सहमति के साथ संपन्न हुई।
आईएमईसी पर दोनों देशों का साझा विजन
मेलोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम दो प्रायद्वीप हैं, दो प्लेटफॉर्म हैं, जो विश्व के महत्वपूर्ण क्षेत्रों — मेडिटेरेनियन और इंडो-पैसिफिक — में स्थित हैं। इन क्षेत्रों के बीच कनेक्शन को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसलिए हम आईएमईसी को और विकसित करना चाहते हैं, जो यूरोप, मध्य पूर्व और भारत को जोड़ने वाला एक आर्थिक और अवसंरचनात्मक कॉरिडोर है।' गौरतलब है कि आईएमईसी को सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान लॉन्च किया गया था।
मेलोनी के अनुसार, आईएमईसी में व्यापार, उद्योग और द्विपक्षीय संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की क्षमता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ पुनर्गठन के दौर से गुजर रही हैं और चीन के बेल्ट-एंड-रोड विकल्पों की माँग बढ़ रही है।
वैश्विक चुनौतियों पर साझा रुख
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्थिरता, नियम-आधारित व्यवस्था, आर्थिक सुरक्षा, वैल्यू चेन के लचीलेपन और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर एकसमान दृष्टिकोण की पुष्टि की। मेलोनी ने कहा, 'इटली और भारत वैश्विक चुनौतियों पर एक जैसा विजन रखते हैं।'
यूक्रेन संकट पर उन्होंने 'स्थायी और न्यायसंगत शांति' की प्रतिबद्धता दोहराई। ईरान के संदर्भ में दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई कि वार्ता सकारात्मक निष्कर्ष तक जारी रहेगी। मेलोनी ने कहा, 'इन दोनों मामलों में हमारे देश आपस में अधिक जुड़ चुके हैं, और इटली अपनी भूमिका निभाता रहेगा।'
विशेष रणनीतिक साझेदारी की दिशा में कदम
द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत करने पर सहमति जताई। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों पक्षों ने 2025–29 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना की प्रगति की समीक्षा की।
व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ब्लू इकॉनमी, कनेक्टिविटी, शिक्षा और जन-संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने का संकल्प लिया गया। भू-राजनीतिक विकास पर भी विस्तृत चर्चा हुई और वैश्विक मुद्दों पर साथ काम करने का वचन दिया गया।
इंडो-पैसिफिक में शांति की साझा प्रतिबद्धता
मेलोनी ने स्पष्ट किया कि इटली और भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देशों ने एक स्वतंत्र, समावेशी और खुले क्षेत्र को सुनिश्चित करने के साझा लक्ष्य पर जोर दिया। यह घोषणा ऐसे वक्त में आई है जब हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और यूरोपीय देश इंडो-पैसिफिक में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
आने वाले महीनों में आईएमईसी के क्रियान्वयन की गति और भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी के तहत उठाए जाने वाले ठोस कदम यह तय करेंगे कि यह साझेदारी कागज़ से ज़मीन पर कितनी उतरती है।