भारत-इटली स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान, मोदी-मेलोनी ने रोम में की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 20 मई को रोम में द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-इटली स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की औपचारिक घोषणा की। दोनों नेताओं ने रक्षा, समुद्री सहयोग, आतंकवाद-रोधी वित्त और सांस्कृतिक संबंधों सहित कई क्षेत्रों में साझेदारी को नई दिशा देने पर सहमति जताई। यह भारत-इटली संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उन्नयन है।
साझेदारी का ढाँचा
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा करते हुए कहा, 'मुझे खुशी है कि हम अपने संबंधों को अपग्रेड करते हुए स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि भारत-इटली ज्वाइंट एक्शन प्लान 2025-2029 इस साझेदारी को एक व्यावहारिक और भविष्योन्मुख ढाँचा प्रदान करता है, जिस पर दोनों देश समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे।
डिज़ाइन और इनोवेशन: पूरक ताकतें
मोदी ने दोनों देशों की पूरक क्षमताओं को साझेदारी की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा, 'इटली विश्व में डिज़ाइन और प्रिसिशन के लिए जाना जाता है। भारत की पहचान स्केल, टैलेंट और अफोर्डेबल इनोवेशन के पावरहाउस की है।' इसी आधार पर दोनों देश 'डिज़ाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली, डिलीवर फॉर द वर्ल्ड' के सिद्धांत पर काम करेंगे। यह दृष्टिकोण वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में दोनों देशों की स्थिति को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
रक्षा और समुद्री सहयोग
प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में बढ़ती निकटता को दोनों देशों के गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के ज़रिये को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। दोनों देश समुद्री शक्तियाँ होने के नाते शिपिंग, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और नीली अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।
आतंकवाद-रोधी साझा मोर्चा
मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और इटली एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा, 'जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की निंदा नहीं करतीं, बल्कि उसके वित्तीय नेटवर्क्स को तोड़ने के लिए ठोस कदम भी उठाती हैं।' टेरर फाइनेंसिंग के विरुद्ध दोनों देशों की साझा पहल को उन्होंने विश्व के सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर आतंकी वित्तपोषण को रोकने के लिए बहुपक्षीय सहयोग की माँग बढ़ रही है।
साझी धरोहर और सांस्कृतिक संबंध
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के रिश्ते को साझी सभ्यागत विरासत से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'संस्कृत और लैटिन एक ही भाषा परिवार से आती हैं — इस तरह हमारा रिश्ता साझी धरोहर का है।' अगले वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगाँठ को 'ईयर ऑफ कल्चर' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इटली में बड़ी संख्या में रह रहे भारतीय नागरिकों की देखरेख के लिए मोदी ने प्रधानमंत्री मेलोनी और इटली सरकार का आभार व्यक्त किया। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच यह बहुआयामी साझेदारी वैश्विक मंच पर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगी।