रोम में मोदी का भव्य स्वागत: मेलोनी बोलीं 'मेरे दोस्त, आपका स्वागत है', भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को नई गति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 मई 2025 को अपने पाँच देशों के दौरे के अंतिम चरण में रोम पहुँचे, जहाँ इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!' — यह संदेश दोनों नेताओं के बीच की घनिष्ठ मित्रता का प्रमाण बना। इटली के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी की अगवानी की।
भारतीय समुदाय का उत्साहपूर्ण स्वागत
रोम पहुँचते ही वहाँ उपस्थित भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया। 'मोदी-मोदी' और 'भारत माता की जय' के नारों से माहौल गूँज उठा। पीएम ने लोगों से हाथ मिलाया और उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुछ बच्चे हाथ से बनाए चित्र लेकर पहुँचे, जिन पर प्रधानमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए अपने हस्ताक्षर किए।
द्विपक्षीय बैठक और संयुक्त घोषणा की तैयारी
बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात ऐतिहासिक विला डोरिया पैम्फिली में प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ होगी। दोनों नेताओं के भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी करने की भी उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला से भी भेंट करेंगे।
भारत-इटली व्यापार और निवेश का परिदृश्य
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, 2025 में भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय व्यापार $16.77 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली से भारत में कुल $3.66 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। दोनों देश 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना पर मिलकर काम कर रहे हैं, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और जन-संपर्क जैसे अनेक क्षेत्र शामिल हैं।
यूरोप के साथ भारत के संबंधों का व्यापक संदर्भ
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।' यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर वार्ता पूरी हुई है, जिससे दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों को और बल मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले जून 2024 में G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली आए थे — यह यात्रा उस कड़ी को और आगे बढ़ाती है।
आगे की राह
यह दौरा यूरोप के साथ भारत की कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने का अवसर है। संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना के तहत रक्षा सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में ठोस प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।