पीएम मोदी रोम पहुंचे: इटली के विदेश मंत्री तजानी ने फिमिसिनो एयरपोर्ट पर किया स्वागत, मेलोनी से होगी अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के अंतिम पड़ाव के रूप में 19 मई 2025 की शाम रोम, इटली पहुँचे। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने स्थानीय समय के अनुसार शाम 7:30 बजे (भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे) फिमिसिनो एयरपोर्ट पर उनका औपचारिक स्वागत किया। नॉर्वे के बाद यह दौरा भारत-इटली द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने के लिए निर्धारित है।
मुख्य कार्यक्रम और बैठकें
रोम प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले क्विरिनाले पैलेस में इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से मुलाकात करेंगे। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ विला पैम्फिली में द्विपक्षीय शिखर बैठक होगी। दोनों नेता प्रमुख इटैलियन और भारतीय औद्योगिक समूहों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक वर्किंग लंच में भी शामिल होंगे। दोपहर के बाद प्रधानमंत्री मोदी रोम से रवाना होने से पहले खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का दौरा करेंगे।
भारी सुरक्षा व्यवस्था
इटली की प्रमुख समाचार एजेंसी एडनक्रोनोस के अनुसार, इतालवी पुलिस ने एक विशेष सुरक्षा प्रणाली लागू की है जो प्रत्येक स्थल की भौगोलिक स्थिति और प्रकृति को ध्यान में रखती है। फिमिसिनो एयरपोर्ट पर सुरक्षा पहले ही कड़ी कर दी गई थी। प्रधानमंत्री मोदी पियाजा डेला रिपब्लिका स्थित अनंतारा होटल में ठहरेंगे, जहाँ के आसपास के क्षेत्र में कानून प्रवर्तन दल गश्त कर रहे हैं और विशेष जाँच अभियान चलाया जा रहा है। इटैलियन स्पेशल ऑपरेशन यूनिट और पोस्टल पुलिस संकेतों को इंटरसेप्ट करने और संभावित खतरों को समय रहते रोकने के लिए सक्रिय हैं।
द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 के सक्रिय क्रियान्वयन की पृष्ठभूमि में हो रही है। 2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली से भारत में 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) दर्ज किया गया है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में रक्षा एवं सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जन-जन के बीच संबंध शामिल हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले जून 2024 में ग्रुप ऑफ सेवन (G7) शिखर सम्मेलन के लिए इटली का दौरा कर चुके हैं।
आगे क्या
रोम शिखर बैठक के बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने वाले समझौतों की संभावना है। FAO मुख्यालय की यात्रा वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। यह दौरा पाँच देशों के व्यापक विदेश नीति अभियान का समापन बिंदु है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है।