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असम में पेंशन देरी पर अधिकारियों को ₹250 प्रतिदिन जुर्माना, हिमंता सरमा का सख्त आदेश

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असम में पेंशन देरी पर अधिकारियों को ₹250 प्रतिदिन जुर्माना, हिमंता सरमा का सख्त आदेश

सारांश

असम सरकार ने पेंशन वितरण में देरी पर सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर ₹250 प्रतिदिन (अधिकतम ₹5,000) जुर्माने का आदेश जारी किया है। राशि सीधे वेतन से कटेगी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा — पेंशनर्स सम्मान के हकदार हैं।

मुख्य बातें

असम सरकार ने पेंशन देरी पर ₹250 प्रतिदिन जुर्माने की नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की।
जुर्माने की अधिकतम सीमा ₹5,000 प्रति मामला निर्धारित की गई है।
जुर्माना राशि फिनअसम पोर्टल के जरिए सीधे अधिकारी के वेतन से काटी जाएगी।
हर महीने 'कृतज्ञता पोर्टल' से लंबित मामलों की सूची विभागों और जिला आयुक्तों को भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 19 मई 2026 को एक्स पर पोस्ट कर इस निर्णय की जानकारी दी।

असम सरकार ने 19 मई 2026 को सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन समय पर वितरित न करने वाले अधिकारियों पर ₹250 प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाने की नई व्यवस्था लागू कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस निर्णय की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि पेंशनर्स को सम्मान और समय पर उनका हक मिलना सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

नई व्यवस्था में क्या है खास

प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण, पेंशन और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, पेंशन प्रक्रिया के किसी भी चरण में अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारी से ₹250 प्रतिदिन की वसूली की जाएगी। हालांकि, जुर्माने की अधिकतम सीमा ₹5,000 निर्धारित की गई है। यह राशि सीधे संबंधित अधिकारी के वेतन से काटी जाएगी और अगले महीने की सैलरी स्टेटमेंट में इसका उल्लेख होगा।

कटौती की यह प्रक्रिया फिनअसम पोर्टल के माध्यम से लागू की जाएगी, जो असम सरकार के वित्त विभाग की एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली है। आदेश में ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर्स को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि वसूली की प्रक्रिया सही तरीके से लागू हो और उसकी पूरी जानकारी विभाग को भेजी जाए।

कृतज्ञता पोर्टल की भूमिका

नई व्यवस्था के तहत हर महीने 'कृतज्ञता पोर्टल' के जरिए लंबित और विलंबित पेंशन मामलों की सूची तैयार की जाएगी। यह सूची संबंधित विभागों, जिला आयुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। गौरतलब है कि 'कृतज्ञता पोर्टल' असम सरकार द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए शुरू की गई एक ऑनलाइन पेंशन स्वीकृति एवं भुगतान ट्रैकिंग प्रणाली है।

मुख्यमंत्री सरमा का रुख

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, 'हमारे सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने असम की प्रगति में बड़ा योगदान दिया है। समय पर पेंशन मिलना उनका अधिकार है। इसे सुनिश्चित करने के लिए हम जवाबदेही की नई व्यवस्था लागू कर रहे हैं, जिसमें देरी करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। हमारे पेंशनर्स सम्मान और गरिमा के हकदार हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में पेंशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं।

आम जनता और पेंशनर्स पर असर

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में जवाबदेही बढ़ाना, प्रशासनिक कामकाज को तेज करना और पेंशनर्स को बिना किसी परेशानी के समय पर उनका हक दिलाना है। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जिससे राज्य के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था ईमानदारी से लागू होती है, तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है। अब देखना यह होगा कि फिनअसम और कृतज्ञता पोर्टल की निगरानी प्रणाली कितनी प्रभावी रहती है और क्या जुर्माने की यह व्यवस्था दीर्घकालिक जवाबदेही सुनिश्चित कर पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि भारत में प्रशासनिक जवाबदेही के ऐसे आदेश अक्सर कागज़ों पर ही रह जाते हैं। ₹5,000 की अधिकतम सीमा वरिष्ठ अधिकारियों के लिए पर्याप्त निवारक नहीं हो सकती, जबकि देरी से पीड़ित पेंशनर्स को कहीं अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। कृतज्ञता और फिनअसम पोर्टल की डिजिटल निगरानी व्यवस्था सराहनीय है, पर यह तभी कारगर होगी जब डेटा अपडेट वास्तविक समय में हो और रिपोर्टिंग में हेरफेर की गुंजाइश न हो। राज्य सरकारों के लिए यह एक अनुकरणीय प्रयोग हो सकता है — बशर्ते पहले छह महीनों के आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँ।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में पेंशन देरी पर कितना जुर्माना लगेगा?
असम सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार, पेंशन वितरण में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारी से ₹250 प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूला जाएगा। हालांकि, अधिकतम जुर्माना ₹5,000 तक सीमित रखा गया है और यह राशि सीधे वेतन से काटी जाएगी।
असम का कृतज्ञता पोर्टल क्या है?
कृतज्ञता पोर्टल असम सरकार द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए शुरू की गई एक ऑनलाइन पेंशन स्वीकृति एवं भुगतान ट्रैकिंग प्रणाली है। इसके जरिए हर महीने लंबित और विलंबित पेंशन मामलों की सूची तैयार कर संबंधित विभागों और जिला आयुक्तों को भेजी जाएगी।
जुर्माने की राशि कैसे काटी जाएगी?
जुर्माने की राशि फिनअसम पोर्टल के माध्यम से संबंधित अधिकारी के वेतन से सीधे काटी जाएगी और यह कटौती अगले महीने की सैलरी स्टेटमेंट में दर्शाई जाएगी। ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर्स को इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी प्रशासनिक सुधार एवं पेंशन विभाग को भेजनी होगी।
यह नई व्यवस्था कब से लागू हुई है?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के 19 मई 2026 को किए गए ऐलान के साथ ही यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अधिसूचना प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण, पेंशन और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी की गई है।
इस व्यवस्था से असम के पेंशनर्स को क्या फायदा होगा?
इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में जवाबदेही बढ़ाना और पेंशनर्स को बिना देरी के समय पर उनका हक दिलाना है। अधिकारियों के अनुसार, कृतज्ञता पोर्टल की मासिक निगरानी और वेतन कटौती के प्रावधान से प्रशासनिक लापरवाही पर अंकुश लगेगा और राज्य के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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