केमिस्ट हड़ताल 20 मई: तमिलनाडु में 5,000 फार्मेसियाँ खुली रहेंगी, स्वास्थ्य मंत्री का भरोसा

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केमिस्ट हड़ताल 20 मई: तमिलनाडु में 5,000 फार्मेसियाँ खुली रहेंगी, स्वास्थ्य मंत्री का भरोसा

सारांश

20 मई की देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल से एक दिन पहले तमिलनाडु सरकार ने मोर्चा संभाल लिया। 5,000 फार्मेसियाँ खुली रखने का भरोसा, ड्रग इंस्पेक्टरों की तैनाती — लेकिन असली सवाल यह है कि 12 लाख केमिस्टों की ई-फार्मेसी विरोधी माँगों का क्या होगा।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने 19 मई को आश्वासन दिया कि 20 मई की हड़ताल से राज्य में दवा आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
राज्यभर में करीब 5,000 फार्मेसियाँ खुली रहेंगी; अस्पताल और निजी अस्पतालों से जुड़ी दुकानें हड़ताल से बाहर।
तमिलनाडु में कुल 50,000 मेडिकल स्टोर हैं — केवल सीमित संख्या में बंद रहने की संभावना।
समन्वय के लिए ड्रग इंस्पेक्टर तैनात; आपातकालीन स्थिति में जिला-स्तरीय समन्वयकों से संपर्क संभव।
अखिल भारतीय रसायनज्ञ एवं औषध विक्रेता संगठन ने 12 लाख से अधिक केमिस्टों के साथ ऑनलाइन दवा नीतियों के विरोध में हड़ताल बुलाई है।
मंत्री ने एआई-जनित प्रिस्क्रिप्शन के दुरुपयोग पर भी चिंता जताई; सुरक्षा उपायों पर काम जारी।

देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल से एक दिन पहले तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने 19 मई को चेन्नई सचिवालय में स्पष्ट किया कि राज्य में दवाओं की आपूर्ति और आवश्यक चिकित्सा सेवाएँ 20 मई की हड़ताल से प्रभावित नहीं होंगी। उन्होंने बताया कि राज्यभर में करीब 5,000 फार्मेसियाँ सामान्य रूप से संचालित रहेंगी।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री अरुणराज ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हड़ताल के कारण किसी भी नागरिक को परेशानी न हो। उन्होंने कहा, 'अस्पतालों से जुड़ी फार्मेसियाँ हड़ताल में शामिल नहीं होंगी। निजी अस्पतालों की मेडिकल दुकानें भी खुली रहेंगी।'

तमिलनाडु में कुल लगभग 50,000 मेडिकल स्टोर हैं, जिनमें से केवल सीमित संख्या में दुकानें बंद रहने की संभावना है। अधिकांश दुकानें सामान्य रूप से मरीजों की सेवा जारी रखेंगी।

सरकार की तैयारी

राज्य सरकार ने व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए ड्रग इंस्पेक्टरों की तैनाती की है और फार्मेसी संगठनों के साथ विस्तृत बातचीत की गई है। आपातकालीन स्थिति में नागरिक अपने जिले के नामित ड्रग इंस्पेक्टर समन्वयकों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता में किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

ऑनलाइन दवा बिक्री और एआई प्रिस्क्रिप्शन पर चिंता

अरुणराज ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए दवाओं की बिक्री केंद्र सरकार के फैसले का हिस्सा है और तमिलनाडु सरकार इस पर करीबी नज़र रखे हुए है। ऑनलाइन दवा वितरण में किसी भी नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए जा रहे प्रिस्क्रिप्शन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और दुरुपयोग रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर काम किया जा रहा है।

हड़ताल की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि अखिल भारतीय रसायनज्ञ एवं औषध विक्रेता संगठन ने ऑनलाइन दवा बिक्री नीतियों के विरोध में 20 मई को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि उसके साथ देशभर के 12 लाख से अधिक केमिस्ट जुड़े हुए हैं।

संगठन ने अनियंत्रित ई-फार्मेसी, कॉर्पोरेट प्लेटफॉर्म पर भारी छूट, मरीजों की सुरक्षा से जुड़े जोखिम और बिना नियंत्रण एंटीबायोटिक व आदत बनाने वाली दवाओं की बिक्री से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बढ़ने जैसी गंभीर चिंताएँ उठाई हैं। यह हड़ताल ऐसे समय में आई है जब देशभर में ई-फार्मेसी का विस्तार तेज़ी से हो रहा है और पारंपरिक केमिस्टों के कारोबार पर दबाव बढ़ रहा है।

आम जनता पर असर

तमिलनाडु सरकार के आश्वासन के बावजूद, जिन इलाकों में केवल स्वतंत्र मेडिकल स्टोर हैं, वहाँ मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को एक दिन पहले ही ज़रूरी दवाएँ खरीद लेनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह हड़ताल की जड़ को नहीं छूता। 12 लाख केमिस्टों की चिंता ऑनलाइन फार्मेसी के अनियंत्रित विस्तार को लेकर है — एक ऐसा मुद्दा जिस पर केंद्र सरकार की नीति अभी भी अधूरी है। एआई-जनित प्रिस्क्रिप्शन का मुद्दा विशेष रूप से गंभीर है, क्योंकि यह एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती से सीधे जुड़ा है। राज्य सरकार का 'व्यवस्था बनाए रखो' वाला रुख तात्कालिक राहत तो देता है, लेकिन दीर्घकालिक नीतिगत शून्य को भरने की ज़िम्मेदारी केंद्र पर ही रहती है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 मई की केमिस्ट हड़ताल क्या है और इसकी वजह क्या है?
अखिल भारतीय रसायनज्ञ एवं औषध विक्रेता संगठन ने 20 मई को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। संगठन ऑनलाइन दवा बिक्री नीतियों, ई-फार्मेसी के अनियंत्रित विस्तार, कॉर्पोरेट प्लेटफॉर्म पर भारी छूट और बिना निगरानी एंटीबायोटिक बिक्री से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बढ़ने के खिलाफ विरोध कर रहा है। दावा है कि इस हड़ताल में 12 लाख से अधिक केमिस्ट शामिल हैं।
तमिलनाडु में हड़ताल के दौरान दवाएँ कहाँ से मिलेंगी?
तमिलनाडु में अस्पतालों से जुड़ी और निजी अस्पतालों की फार्मेसियाँ खुली रहेंगी। राज्यभर में करीब 5,000 फार्मेसियाँ सामान्य रूप से संचालित रहेंगी। आपातकालीन स्थिति में नागरिक अपने जिले के नामित ड्रग इंस्पेक्टर समन्वयकों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
तमिलनाडु में कुल कितने मेडिकल स्टोर हैं और हड़ताल से कितने प्रभावित होंगे?
तमिलनाडु में लगभग 50,000 मेडिकल स्टोर हैं। स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज के अनुसार, इनमें से केवल सीमित संख्या में दुकानें बंद रहने की संभावना है और अधिकांश सामान्य रूप से सेवाएँ देती रहेंगी।
एआई-जनित प्रिस्क्रिप्शन पर तमिलनाडु सरकार की क्या स्थिति है?
स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने एआई से तैयार किए जा रहे प्रिस्क्रिप्शन के दुरुपयोग पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर काम किया जा रहा है।
ऑनलाइन दवा बिक्री पर तमिलनाडु सरकार का क्या रुख है?
मंत्री अरुणराज ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन दवा बिक्री केंद्र सरकार की नीति का हिस्सा है, लेकिन तमिलनाडु सरकार इस पर करीबी नज़र रख रही है। किसी भी नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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