तमिलनाडु फार्मेसी हड़ताल: CM विजय के निर्देश पर 5,000 मेडिकल स्टोर खुले, दवा आपूर्ति सुरक्षित

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तमिलनाडु फार्मेसी हड़ताल: CM विजय के निर्देश पर 5,000 मेडिकल स्टोर खुले, दवा आपूर्ति सुरक्षित

सारांश

तमिलनाडु में फार्मेसी हड़ताल के बावजूद CM विजय के सख्त निर्देशों पर 5,000 मेडिकल स्टोर खुले रखे गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने ड्रग इंस्पेक्टरों की तैनाती और फार्मेसी संगठनों से पूर्व-वार्ता की जानकारी दी — साथ ही NEET और ऑनलाइन दवा बिक्री पर राज्य का पक्ष भी स्पष्ट किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर तमिलनाडु सरकार ने फार्मेसी हड़ताल के दौरान दवा आपूर्ति बाधित न होने देने की व्यवस्था की।
राज्यभर में करीब 5,000 मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे; सरकारी व निजी अस्पतालों की फार्मेसियाँ हड़ताल से बाहर।
व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्रग इंस्पेक्टर तैनात; आपात स्थिति में नागरिक उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं।
ऑनलाइन दवा बिक्री पर स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने कहा — यह केंद्र सरकार का फैसला है, राज्य उसका इंतज़ार करेगा।
NEET पर तमिलनाडु का रुख अपरिवर्तित — राज्य अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए केंद्र से इसे हटाने की माँग जारी।

तमिलनाडु में फार्मेसी यूनियनों की हड़ताल के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने मंगलवार, 19 मई को चेन्नई सचिवालय में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विजय के सीधे निर्देशों पर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आम नागरिकों को दवाइयों की उपलब्धता में कोई बाधा न आए। राज्यभर में करीब 5,000 मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे और सरकारी व निजी अस्पतालों से संबद्ध फार्मेसियाँ इस हड़ताल से अलग रहेंगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश और सरकारी तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने बताया कि मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हड़ताल के दौरान किसी भी आवश्यक सेवा में व्यवधान स्वीकार्य नहीं होगा। इसके तहत ड्रग इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं जो व्यवस्थाओं की निगरानी और समन्वय करेंगे। फार्मेसी संगठनों के साथ पहले ही बातचीत पूरी कर ली गई है।

आपात स्थिति में नागरिक दवा संबंधी जरूरतों के लिए ड्रग इंस्पेक्टर समन्वयकों से सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह व्यवस्था हड़ताल की पूरी अवधि के दौरान लागू रहेगी।

ऑनलाइन दवा वितरण और केंद्र सरकार का रुख

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए दवाइयों की बिक्री के विवादास्पद मुद्दे पर मंत्री अरुणराज ने कहा कि यह निर्णय केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और राज्य सरकार केंद्र के अंतिम फैसले की प्रतीक्षा करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑनलाइन दवा वितरण में किसी भी नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह ऐसे समय में आया है जब फार्मेसी यूनियनें ऑनलाइन दवा बिक्री को अपने व्यवसाय के लिए बड़ा खतरा मान रही हैं और इसी मुद्दे को हड़ताल की प्रमुख वजहों में से एक बता रही हैं।

AI आधारित प्रिस्क्रिप्शन और तकनीकी मुद्दे

एआई (AI) आधारित प्रिस्क्रिप्शन और दवा विवरण के उभरते मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार इस विषय पर सक्रिय रूप से काम कर रही है और यह उनके संज्ञान में है। हालाँकि उन्होंने इस संदर्भ में कोई ठोस समयसीमा नहीं दी।

NEET पर तमिलनाडु का रुख

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेस वार्ता में NEET के मुद्दे पर भी तमिलनाडु विकास कियालागम (TVK) और राज्य सरकार का पक्ष दोहराया। उन्होंने कहा, 'NEET राज्यों के अधिकारों के विरुद्ध है और हम इसे हटाने की माँग केंद्र सरकार से करते रहेंगे।' गौरतलब है कि तमिलनाडु लंबे समय से NEET के विरोध में रहा है और राज्य विधानसभा इसके खिलाफ प्रस्ताव भी पास कर चुकी है।

आगे की स्थिति

सरकार की ओर से स्पष्ट संकेत दिया गया है कि आपातकालीन दवाइयों की आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि फार्मेसी हड़ताल और ऑनलाइन दवा बिक्री का यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर फार्मेसी नियमन की बहस को नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि फार्मेसी यूनियनों की मूल माँगें — विशेषकर ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियमन — कब और कैसे संबोधित होंगी। केंद्र के फैसले की प्रतीक्षा की बात कहकर राज्य सरकार ने जिम्मेदारी दिल्ली पर डाल दी है, जो एक राजनीतिक चाल भी हो सकती है। NEET पर तमिलनाडु का परंपरागत विरोध और ऑनलाइन फार्मेसी विवाद मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र-राज्य तनाव की एक बड़ी तस्वीर उभारते हैं, जिसे महज हड़ताल-प्रबंधन की खबर मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में फार्मेसी हड़ताल के दौरान दवाएँ कहाँ से मिलेंगी?
राज्यभर में करीब 5,000 मेडिकल स्टोर खुले रखे गए हैं और सरकारी व निजी अस्पतालों से जुड़ी फार्मेसियाँ हड़ताल में शामिल नहीं हैं। आपात स्थिति में नागरिक ड्रग इंस्पेक्टर समन्वयकों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
CM विजय ने फार्मेसी हड़ताल पर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवाएँ प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके तहत ड्रग इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं और फार्मेसी संगठनों के साथ पहले ही बातचीत पूरी कर ली गई है।
तमिलनाडु में ऑनलाइन दवा बिक्री पर सरकार का क्या रुख है?
स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री का फैसला केंद्र की BJP सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और राज्य सरकार केंद्र के फैसले का इंतजार करेगी। नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
NEET पर तमिलनाडु सरकार का क्या रुख है?
तमिलनाडु सरकार और TVK का रुख स्पष्ट है — NEET को राज्यों के अधिकारों के विरुद्ध माना जाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र से NEET हटाने की माँग जारी रहेगी।
फार्मेसी हड़ताल में शामिल होने से कौन-सी फार्मेसियाँ बाहर हैं?
सरकारी और निजी अस्पतालों से संबद्ध फार्मेसियाँ इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा राज्यभर में करीब 5,000 स्वतंत्र मेडिकल स्टोर भी खुले रखे गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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