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पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार पर नशीली दवाओं और अपराधों का आरोप लगाया

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पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार पर नशीली दवाओं और अपराधों का आरोप लगाया

सारांश

एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार की नीतियों को कठोर आलोचना की है। उन्होंने 17 मार्च को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने का आह्वान किया है। जानें, क्या हैं उनके आरोप और क्या है स्थिति।

मुख्य बातें

डीएमके सरकार पर पलानीस्वामी का आरोप 17 मार्च को होने वाले विरोध प्रदर्शन नशीली दवाओं का बढ़ता कारोबार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की स्थिति पुलिस और खुफिया तंत्र की नाकामी

चेन्नई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एआईएडीएमके के महासचिव और विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे कल 17 मार्च को राज्य भर में होने वाले विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में भाग लें।

ये प्रदर्शन एआईएडीएमके और उसके एनडीए सहयोगियों द्वारा राजस्व जिला मुख्यालयों पर आयोजित किए जा रहे हैं। ईपीएस ने कहा कि यह प्रदर्शन डीएमके के कुशासन के खिलाफ है, जिसमें कानून-व्यवस्था का पूर्ण पतन, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, नशीली दवाओं का खतरा और लोगों पर बढ़ते कर का बोझ शामिल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 में डीएमके के सत्ता में आने के बाद, तमिलनाडु नशीली दवाओं की तस्करी और अवैध शराब के धंधे का बड़ा केंद्र बन गया है। गांजा और अन्य नशीले पदार्थ अब कस्बों और गांवों में खुलेआम बिक रहे हैं। कॉलेज के छात्रों, स्कूली बच्चों और छोटे बच्चों तक ड्रग्स की लत का शिकार हो रहे हैं। ईपीएस ने चेन्नई के एक बड़े मॉल में हुई ड्रग पार्टी की घटना का जिक्र किया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे माहौल में पुलिस और खुफिया तंत्र की नाकामी है, तो यह चिंताजनक है।

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के संदर्भ में, ईपीएस ने कहा कि स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। उन्होंने अन्ना विश्वविद्यालय में छात्रा से छेड़छाड़ की घटना का हवाला दिया। चेन्नई के अन्ना नगर में एक दस साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में उसके माता-पिता पर पुलिस द्वारा हमले का मुद्दा भी उठाया, जिसे मद्रास हाई कोर्ट ने कड़ी निंदा की थी।

ईपीएस ने ईस्ट कोस्ट रोड पर सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारियों से जुड़ी गाड़ियों द्वारा महिलाओं का पीछा करने की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने एक महिला द्वारा राजभवन में लगाए गए आरोप का हवाला दिया, जिसमें डीएमके के एक पदाधिकारी पर महिलाओं के साथ गलत व्यवहार का आरोप था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां एआईएडीएमके और डीएमके के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। पलानीस्वामी के आरोप गंभीर हैं और यह स्थिति राज्य के नागरिकों के लिए चिंताजनक है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलानीस्वामी ने किस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया?
पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार के खिलाफ नशीली दवाओं की तस्करी, महिलाओं के खिलाफ अपराधों और कानून-व्यवस्था के पतन पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।
क्या पलानीस्वामी के आरोप सही हैं?
यह आरोप गंभीर हैं और इनकी जांच आवश्यक है। स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक स्थितियों पर विचार करना जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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