क्या ईपीएस ने डीएमके सरकार पर निशाना साधा, नशाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की?
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने सोमवार को चलती ट्रेन में एक युवक पर चाकू से हुए हमले की घटना पर डीएमके सरकार की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे तमिलनाडु में “कानून-व्यवस्था के बुरी तरह बिगड़ने” का उदाहरण करार दिया।
जानकारी के अनुसार, चेन्नई से तिरुत्तनी जा रही ट्रेन में चार 17 वर्षीय किशोरों ने कथित रूप से चाकू जैसे धारदार हथियारों से सूरज नामक युवक पर हमला किया। आशंका जताई जा रही है कि हमलावर घटना के समय नशीले पदार्थों के प्रभाव में थे।
इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि हमले का दृश्य अत्यंत “दिल को तोड़ने वाला” है और यह दिखाता है कि समाज किस खतरनाक दिशा में बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “यह वह उम्र है जब बच्चों के हाथ में किताबें होनी चाहिए, न कि घातक हथियार। नाबालिगों का चाकू और नशे के साथ खुलेआम घूमना राज्य सरकार की विफलता का गंभीर प्रमाण है।”
ईपीएस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया और कहा कि इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
उन्होंने कहा, “क्या यह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी नहीं है कि विद्यालय जाने वाले बच्चों तक नशीले पदार्थ न पहुंचें? जब नाबालिग नशे के प्रभाव में हिंसक हो रहे हैं, तो यह शासन की पूरी नाकामी को दर्शाता है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार पर नशाखोरी और बढ़ते अपराधों को लेकर आंखें मूंदने का आरोप लगाया।
पलानीस्वामी ने कहा, “मंचों से बड़े-बड़े दावे करने के बावजूद सरकार समाज, खासकर युवाओं की सुरक्षा करने में विफल रही है। जब भविष्य की पीढ़ी बर्बाद हो रही हो, तब भाषणों और नारों का क्या मतलब?”
एआईएडीएमके नेता ने इस घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की और राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी पर तुरंत प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की मांग की।
पलानीस्वामी ने कहा, “तमिलनाडु की जनता सब देख रही है। इस सरकार को और निर्दोष जिंदगियों के बर्बाद होने से पहले जागकर निर्णायक कार्रवाई करनी होगी।”