गोथेनबर्ग में ERT को संबोधित कर मोदी ने यूरोपीय कंपनियों को भारत में निवेश का दिया न्योता

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गोथेनबर्ग में ERT को संबोधित कर मोदी ने यूरोपीय कंपनियों को भारत में निवेश का दिया न्योता

सारांश

गोथेनबर्ग में ERT के मंच से मोदी ने यूरोपीय उद्योग जगत को सीधा संदेश दिया — भारत सिर्फ बाज़ार नहीं, साझेदार बनना चाहता है। AI से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक, और 'इंडिया डेस्क' के प्रस्ताव तक — यह यात्रा भारत-यूरोप आर्थिक रिश्तों को संस्थागत ढाँचा देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 मई 2026 को गोथेनबर्ग, स्वीडन में यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री (ERT) को संबोधित किया।
यूरोपीय कंपनियों को AI, सेमीकंडक्टर, डीप-टेक, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा समेत सात प्रमुख क्षेत्रों में निवेश का आमंत्रण दिया।
मोदी ने ERT में 'इंडिया डेस्क' स्थापित करने और भारत-यूरोप सीईओ राउंडटेबल को वार्षिक आयोजन बनाने का प्रस्ताव रखा।
भारत और यूरोप के बीच प्रतिभा गतिशीलता, शिक्षा और कौशल साझेदारी को मज़बूत करने पर विशेष बल दिया।
'डिज़ाइन फॉर इंडिया, मेक इन इंडिया, एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया' के दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर दोहराया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 मई 2026 को स्वीडन के गोथेनबर्ग में यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री (ERT) को संबोधित किया और इसे अपने लिए गर्व का अवसर बताया। इस मंच पर उन्होंने भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि, नई पीढ़ी के सुधारों और यूरोपीय उद्योग जगत के साथ गहरी साझेदारी की संभावनाओं को रेखांकित किया।

भारत की निवेश क्षमता का प्रदर्शन

मोदी ने केंद्र सरकार की 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' नीति, विस्तारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, सुदृढ़ विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और तेज़ी से विकसित हो रहे बुनियादी ढाँचे को भारत की ताकत के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने 'डिज़ाइन फॉर इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया' के दृष्टिकोण को दोहराते हुए यूरोपीय कंपनियों को खुला आमंत्रण दिया।

किन क्षेत्रों में बुलाया निवेशकों को

प्रधानमंत्री ने यूरोपीय उद्योग जगत को दूरसंचार और डिजिटल अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप-टेक विनिर्माण, हरित परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा, परिवहन और मोबिलिटी तथा स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में चीन के विकल्प के रूप में उभर रहा है।

आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा परिवर्तन पर जोर

मोदी ने भारत और यूरोप के बीच मज़बूत और विविधतापूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाएँ विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने परिवहन, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा में बड़े पैमाने पर निवेश सहित भारत की महत्वाकांक्षी ऊर्जा परिवर्तन योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। गौरतलब है कि भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।

प्रतिभा और कौशल साझेदारी का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोप के बीच प्रतिभा गतिशीलता, शिक्षा और कौशल साझेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की युवा और कुशल कार्यशक्ति भविष्य की वैश्विक आर्थिक वृद्धि में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही उन्होंने भारत-यूरोप सीईओ राउंडटेबल को प्रतिवर्ष आयोजित करने और ERT में 'इंडिया डेस्क' स्थापित करने का ठोस प्रस्ताव रखा — जो द्विपक्षीय औद्योगिक संवाद को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक नया कदम होगा।

आगे की राह

ERT में 'इंडिया डेस्क' और वार्षिक सीईओ राउंडटेबल के प्रस्ताव यदि मूर्त रूप लेते हैं, तो ये भारत-यूरोप आर्थिक संबंधों को एक नई संरचनात्मक नींव दे सकते हैं। मोदी की यह यूरोप यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता महत्वपूर्ण चरण में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि भारत-EU FTA वार्ता अभी भी अधर में है। भारत की 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' की छवि पिछले कुछ वर्षों में सुधरी है, परंतु यूरोपीय कंपनियाँ नियामकीय अनिश्चितता और बाज़ार पहुँच की बाधाओं को लेकर सतर्क रहती हैं। मोदी की यह यात्रा संकेत देती है कि भारत अब केवल 'उभरता बाज़ार' नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का रणनीतिक केंद्र बनने की दिशा में सक्रिय रूप से कूटनीति कर रहा है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री (ERT) क्या है और मोदी ने इसे क्यों संबोधित किया?
ERT यूरोप की प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों का एक प्रभावशाली औद्योगिक मंच है। मोदी ने 18 मई 2026 को गोथेनबर्ग में इसे संबोधित कर यूरोपीय उद्योग जगत को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया और द्विपक्षीय साझेदारी को नई दिशा देने का प्रयास किया।
मोदी ने यूरोपीय कंपनियों को भारत के किन क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया?
प्रधानमंत्री ने AI, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप-टेक विनिर्माण, दूरसंचार और डिजिटल अवसंरचना, हरित परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा, परिवहन और मोबिलिटी तथा स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान — इन सात प्रमुख क्षेत्रों में यूरोपीय निवेश को आमंत्रित किया।
'इंडिया डेस्क' का प्रस्ताव क्या है और इसका क्या महत्व है?
मोदी ने ERT में एक समर्पित 'इंडिया डेस्क' स्थापित करने का सुझाव दिया, जो भारत-यूरोप औद्योगिक संवाद को संस्थागत रूप देगा। यह यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत से जुड़े निवेश अवसरों, नीतियों और साझेदारियों पर केंद्रित एकल संपर्क बिंदु का काम करेगा।
भारत-यूरोप प्रतिभा साझेदारी पर मोदी ने क्या कहा?
मोदी ने कहा कि भारत की युवा और कुशल कार्यशक्ति वैश्विक आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने भारत-यूरोप के बीच प्रतिभा गतिशीलता, शिक्षा और कौशल साझेदारी को मज़बूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत-यूरोप सीईओ राउंडटेबल का प्रस्ताव क्या है?
प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोप सीईओ राउंडटेबल को हर वर्ष आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं के बीच नियमित संवाद स्थापित करना और निवेश व व्यापार संबंधों को गति देना है।
राष्ट्र प्रेस
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