पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा: व्यापार, रक्षा और विकसित भारत 2047 पर बनी साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा सहयोग और 'विकसित भारत 2047' विजन को आगे बढ़ाने पर ठोस चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने 18 मई को गुटेनबर्ग में संवाददाताओं को बताया कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए एक 'विन-विन' साझेदारी की नींव रखती है। प्रधानमंत्री मोदी अपनी 5 देशों की यूरोपीय यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन पहुँचे थे।
यात्रा की प्रमुख उपलब्धियाँ
विदेश मंत्रालय ने स्वीडन यात्रा की छह महत्वपूर्ण सफलताओं की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने रवींद्रनाथ टैगोर की साझा सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए एक-दूसरे को विशेष उपहार भेंट किए। सिबी जॉर्ज के अनुसार, इससे भारत की 'सॉफ्ट पावर' को बढ़ावा मिला और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत हुए।
व्यापार और निवेश पर सहमति
सिबी जॉर्ज ने बताया कि स्वीडिश छोटी और मध्यम कंपनियों की भारत की विकास गाथा में भागीदारी पर सहमति बनी। उन्होंने कहा, 'छोटी और मध्यम स्वीडिश कंपनियाँ भारत की विकास गाथा में हिस्सा ले सकती हैं, जिस पर सहमति भी बनी।' कई स्वीडिश बिजनेस सीईओ ने 'विकसित भारत 2047' के विजन को समझा और भारत की ओर से दिए जा रहे अवसरों का लाभ उठाने की इच्छा जताई।
रक्षा और भू-राजनीतिक सहयोग
जॉर्ज ने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर भी विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। दोनों नेताओं ने इस पर अपने विचार और चिंताएँ साझा कीं।
यूरोपीय उद्योग जगत से संवाद
सिबी जॉर्ज के अनुसार, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह पहली बड़ी बिजनेस बैठक थी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय उद्योग जगत के साथ हिस्सा लिया। यह बैठक 'यूरोपियन राउंडटेबल फॉर इंडस्ट्री' के मंच पर आयोजित हुई, जो भारत-यूरोप आर्थिक संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
नीदरलैंड यात्रा का उल्लेख
विदेश सचिव ने प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नीदरलैंड में प्रधानमंत्री मोदी ने एक विशेष 'डाइक' (बांध) परियोजना का दौरा किया, जो मीठे पानी को समुद्री पानी से अलग करती है — यह दौरा नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त रूप से किया गया। स्वीडन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के अगले पड़ाव नॉर्वे के लिए रवाना हुए।