मोदी का स्वीडन दौरा: पाँच देशों के तीसरे चरण में 17-18 मई को स्टॉकहोम, ग्रीन टेक व AI पर फोकस

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मोदी का स्वीडन दौरा: पाँच देशों के तीसरे चरण में 17-18 मई को स्टॉकहोम, ग्रीन टेक व AI पर फोकस

सारांश

पाँच देशों के दौरे के तीसरे पड़ाव पर प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन पहुँचे हैं — एजेंडे में ग्रीन टेक, AI और ₹7.75 अरब डॉलर के व्यापार को नई रफ्तार देना है। यूरोपीय आयोग प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ 'यूरोपियन राउंड टेबल' में भागीदारी इस यात्रा का सबसे बड़ा कूटनीतिक पल होगा।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी पाँच देशों के दौरे के तीसरे चरण में 17-18 मई 2026 को स्वीडन पहुँचे।
स्वीडिश PM उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता; फोकस ग्रीन टेक्नोलॉजी, AI, रक्षा निर्माण और अंतरिक्ष सहयोग पर।
भारत-स्वीडन द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 7.75 अरब डॉलर ; FDI 2000-2025 के बीच 2.825 अरब डॉलर ।
दोनों नेता यूरोपियन आयोग प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को संबोधित करेंगे।
इससे पहले 16 मई को मोदी ने नीदरलैंड्स में राजा विलेम-अलेक्जेंडर और PM रॉब जेटन से मुलाकात की।
मोदी 2018 के भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद दूसरी बार स्वीडन पहुँचे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के तीसरे चरण में 17-18 मई 2026 को स्वीडन पहुँचे, जहाँ वे स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, इनोवेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और उभरते क्षेत्रों में भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊँचाई देना है।

द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता भारत-स्वीडन संबंधों के समस्त पहलुओं की समीक्षा करेंगे और सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे। चर्चा का केंद्र हरित परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उभरती टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप इकोसिस्टम, सुदृढ़ सप्लाई चेन, रक्षा निर्माण, अंतरिक्ष सहयोग, जलवायु कार्रवाई और लोगों के बीच संपर्क को मज़बूत करना होगा।

द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 7.75 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है, जबकि 2000 से 2025 के बीच भारत में स्वीडन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2.825 अरब डॉलर रहा है। दोनों पक्ष इन आँकड़ों को और आगे ले जाने के लिए नए रास्ते तलाशेंगे।

यूरोपियन राउंड टेबल: मुख्य आकर्षण

इस दौरे का एक प्रमुख कार्यक्रम 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' में भागीदारी होगी — यह यूरोप के शीर्ष उद्योग जगत के नेताओं का अखिल-यूरोपीय मंच है। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर इस सभा को संबोधित करेंगे। यह मंच भारत-यूरोप व्यापार संबंधों को नई दिशा देने का अवसर माना जा रहा है।

नीदरलैंड्स दौरे के बाद स्वीडन

स्वीडन यात्रा से ठीक पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 16 मई को नीदरलैंड्स का अपना दो दिवसीय आधिकारिक दौरा पूरा किया। द हेग स्थित रॉयल पैलेस 'ह्यूस टेन बॉश' में राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा ने उनकी मेजबानी की। डच प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ सीमित और प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत हुई, जिसके बाद 16 मई की शाम डिनर मीटिंग आयोजित की गई। यह प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड्स का दूसरा दौरा था।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत और नीदरलैंड्स के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों और लोगों के बीच गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया, तथा कई क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

ऐतिहासिक संदर्भ: पहले भी आ चुके हैं मोदी

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 में पहली बार आयोजित भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा किया था। यह दौरा उसी कड़ी को आगे बढ़ाता है। स्वीडन यूरोप की अग्रणी इनोवेशन-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है, जो इसे भारत के लिए हरित और डिजिटल परिवर्तन में एक स्वाभाविक रणनीतिक साझेदार बनाता है।

आगे क्या

स्वीडन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के शेष चरण पूरे करेंगे। इस यात्रा से भारत-यूरोप संबंधों में व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में ठोस समझौतों की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी का विस्तार इस दौरे का दीर्घकालिक लक्ष्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

7.75 अरब डॉलर का व्यापार आँकड़ा भारत की कुल यूरोपीय व्यापार क्षमता के मुकाबले अभी भी सीमित है, और असली कसौटी यह होगी कि घोषणाएँ ठोस निवेश और तकनीक-हस्तांतरण समझौतों में कितनी जल्दी बदलती हैं। 'यूरोपियन राउंड टेबल' में उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति इसे द्विपक्षीय से परे बहुपक्षीय कूटनीति का मंच बनाती है, जो भारत के लिए एक दुर्लभ अवसर है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का स्वीडन दौरा कब और क्यों हो रहा है?
प्रधानमंत्री मोदी 17-18 मई 2026 को स्वीडिश PM उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर स्वीडन का दौरा कर रहे हैं। यह उनके पाँच देशों के यूरोप दौरे का तीसरा चरण है, जिसका उद्देश्य व्यापार, ग्रीन टेक्नोलॉजी और AI में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करना है।
भारत और स्वीडन के बीच व्यापार और निवेश की स्थिति क्या है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-स्वीडन द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 7.75 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है। 2000 से 2025 के बीच भारत में स्वीडन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2.825 अरब डॉलर रहा है।
'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' क्या है और मोदी की भूमिका क्या होगी?
यह यूरोप के शीर्ष उद्योग जगत के नेताओं का एक प्रमुख अखिल-यूरोपीय मंच है। PM मोदी और PM क्रिस्टरसन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर इस सभा को संबोधित करेंगे, जो भारत-यूरोप व्यापार संबंधों को नई दिशा देने का अवसर है।
मोदी ने स्वीडन से पहले कहाँ का दौरा किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन से ठीक पहले 16 मई को नीदरलैंड्स का दौरा पूरा किया। वहाँ उन्होंने राजा विलेम-अलेक्जेंडर, रानी मैक्सिमा और PM रॉब जेटन से मुलाकात की। यह उनका नीदरलैंड्स का दूसरा दौरा था।
क्या PM मोदी पहले भी स्वीडन जा चुके हैं?
हाँ, प्रधानमंत्री मोदी 2018 में पहली बार आयोजित भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा कर चुके हैं। मौजूदा यात्रा उसी कूटनीतिक कड़ी को आगे बढ़ाती है।
राष्ट्र प्रेस
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