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पीएम मोदी का लक्ष्य: 2030 तक भारत और कोरिया का व्यापार 50 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना

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पीएम मोदी का लक्ष्य: 2030 तक भारत और कोरिया का व्यापार 50 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना

सारांश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की द्विपक्षीय बैठक में 2030 तक व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का एक अवसर है।

मुख्य बातें

भारत और कोरिया का व्यापार: 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य।
एमओयू: व्यापार, संस्कृति और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर।
फाइनेंशियल फ्लो: भारत-कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत।
सांस्कृतिक संबंध: हजारों वर्षों का साझा इतिहास।
मित्रता महोत्सव: 2028 में आयोजित किया जाएगा।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं ने अपने विचार साझा किए। दोनों देशों के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। इसके साथ ही, व्यापार, संस्कृति और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में 27 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है। 2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लिए हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "राष्ट्रपति ली, दोनों देशों के डेलिगेट्स और मीडिया के साथियों नमस्कार। पहली बार भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति ली का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। हर चुनौती में उनके भीतर जन सेवा के प्रति संकल्प को और सशक्त किया है। भले ही यह उनकी पहली भारत यात्रा हो, लेकिन भारत के प्रति उनकी आत्मीयता हमारे पहले मिलन से ही स्पष्ट रही है।"

पीएम मोदी ने आगे कहा, "आठ वर्षों के बाद कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे देशों में लोकतांत्रिक मूल्य, मार्केट इकोनॉमी और कानून का सम्मान हमारे डीएनए में है। हिंद प्रशांत क्षेत्र में भी हमारा सामान्य दृष्टिकोण है। इन सभी आधारों पर, पिछले एक दशक में हमारे संबंध अधिक गतिशील और व्यापक हुए हैं। उनकी यात्रा से हम इस भरोसेमंद साझेदारी को भविष्य की साझेदारी में बदलने का प्रयास कर रहे हैं। हम चिप से लेकर चिप्स, प्रतिभा से लेकर तकनीक, पर्यावरण से लेकर ऊर्जा तक, हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार करेंगे।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार आज 27 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है। 2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लिए हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। दोनों देशों के बीच वित्तीय प्रवाह को सहज बनाने के लिए हमने भारत-कोरिया वित्तीय मंच की शुरुआत की है। सहयोग को बढ़ावा देने के लिए हमने एक औद्योगिक सहयोग समिति का गठन किया है। महत्वपूर्ण तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने के लिए आर्थिक सुरक्षा संवाद की शुरुआत कर रहे हैं। हम कोरिया की कंपनियों, विशेषकर एसएमई की भारत में एंट्री को सरल बनाने के लिए कोरियन औद्योगिक टाउनशिप स्थापित करेंगे।"

उन्होंने कहा, "अगले एक वर्ष में हम भारत-कोरिया व्यापार समझौते को उन्नत करेंगे। एआई, सेमीकंडक्टर और आईटी में साझेदारी को गहरा करने के लिए हम इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज की शुरुआत कर रहे हैं। शिप बिल्डिंग, स्थिरता, स्टील जैसे क्षेत्रों में एमओयू पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। संस्कृति और रचनात्मकता के क्षेत्र में आपसी सहयोग से फिल्म, एनीमेशन और गेमिंग में नए आयाम स्थापित करेंगे। आज का बिजनेस फोरम इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदलने का मंच बनेगा।"

भारत और कोरिया के बीच सांस्कृतिक संबंध का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "भारत और कोरिया के बीच हजारों वर्षों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं। 2000 साल पहले अयोध्या की राजकुमारी सूरी रत्ना और कोरिया के राजा किम सूरो की कहानी हमारी साझा विरासत है। आज भारत में के-पॉप और के-ड्रामा बहुत ही लोकप्रिय हो रहे हैं। इसी तरह, कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान बढ़ रही है। हमें खुशी है कि राष्ट्रपति ली खुद भारतीय सिनेमा के प्रशंसक हैं। इस संस्कृतिक संबंध को मजबूत करने के लिए हम 2028 में भारत-कोरिया मित्रता महोत्सव आयोजित करेंगे। इसके साथ-साथ, लोगों के बीच संबंध मजबूत करने के लिए शिक्षा, अनुसंधान सहयोग और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "वैश्विक तनाव की स्थिति में हम मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। हमें खुशी है कि आज कोरिया इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंडो-पैसिफिक ओशन पहल से जुड़ रहा है। हम अपने साझा प्रयासों से एक शांतिपूर्ण इंडो-पैसिफिक के लिए योगदान देते रहेंगे। हम इस बात पर भी सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है। लगभग 100 वर्ष पहले भारत के महान कवि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने कोरिया को पूर्व का दीपक (लैंप ऑफ द ईस्ट) कहा था। और आज विकसित भारत 2047 के अपने संकल्प को साकार करने के लिए कोरिया एक महत्वपूर्ण साझेदार है। आइए हम अपनी साझेदारी से दोनों देशों के साथ-साथ पूरे विश्व की प्रगति और समृद्धि का रास्ता बनाए।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और कोरिया का वर्तमान व्यापार क्या है?
भारत और कोरिया का वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार 27 बिलियन डॉलर है।
2030 तक व्यापार का लक्ष्य क्या है?
2030 तक भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार 50 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
बैठक में कौन-कौन से समझौते हुए?
बैठक में आर्थिक सुरक्षा संवाद, औद्योगिक सहयोग समिति और भारत-कोरिया वित्तीय मंच की शुरुआत के समझौतें हुए।
भारत-कोरिया सांस्कृतिक संबंधों का महत्व क्या है?
भारत और कोरिया के बीच हजारों वर्षों का सांस्कृतिक संबंध है, जो दोनों देशों की साझा विरासत को दर्शाता है।
भारत-कोरिया मित्रता महोत्सव कब होगा?
भारत-कोरिया मित्रता महोत्सव 2028 में आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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