PM मोदी के नीदरलैंड दौरे पर भारतीय समुदाय उत्साहित, ₹28 अरब डॉलर व्यापार और नई साझेदारियों को बताया ऐतिहासिक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 से 17 मई तक के नीदरलैंड दौरे से पहले वहाँ बसे भारतीय समुदाय ने गहरा उत्साह जताया है। हेग में मौजूद समुदाय के सदस्यों ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच पहले से मज़बूत रिश्तों को एक नई दिशा देगी — खासकर सतत ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन जैसे उभरते क्षेत्रों में।
दौरे का कार्यक्रम और मुलाकातें
प्रधानमंत्री मोदी अपने मौजूदा आधिकारिक विदेश दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुँचे हैं। इस दौरान वह नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर, महारानी मैक्सिमा और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को औपचारिक रूप देने वाले कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी अपेक्षित हैं।
भारतीय समुदाय की आवाज़
हेग में पीएम मोदी के आगमन से पहले भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने कहा, 'हम पिछले दो वर्षों से नीदरलैंड में रह रहे हैं और यहाँ इतने बड़े भारतीय समुदाय को देखकर बेहद खुश हैं। हमारे प्रधानमंत्री यहाँ आ रहे हैं और हम उनसे मिलने की भी योजना बना रहे हैं।'
एक अन्य समुदाय सदस्य ने आर्थिक रिश्तों का ज़िक्र करते हुए बताया कि द्विपक्षीय व्यापार 28 अरब डॉलर से अधिक है और नीदरलैंड भारत में चौथा सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक (FDI) है। उन्होंने कहा, 'भारत और नीदरलैंड के बीच पहले से ही असाधारण साझेदारी मौजूद है।'
नए क्षेत्रों में साझेदारी पर उत्साह
समुदाय के सदस्यों ने बताया कि इस बार की वार्ता में सतत ऊर्जा, सेमीकंडक्टर नवाचार और जल प्रबंधन जैसे विषय प्रमुखता से शामिल हैं। एक सदस्य ने कहा, 'सबसे ज्यादा उत्साह इन्हीं नए क्षेत्रों को लेकर है जिन पर अब दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। भविष्य काफी मज़बूत और आशाजनक नज़र आता है।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत अब केवल वैश्विक मंचों में भागीदारी नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है।
नीदरलैंड की अहमियत भारत के लिए
एक अन्य समुदाय सदस्य ने कहा, 'नीदरलैंड भले ही जनसंख्या और क्षेत्रफल के लिहाज़ से छोटा देश हो, लेकिन वह भारत को बहुत कुछ दे सकता है। यहाँ के लोग भी जानते हैं कि भारत तेज़ी से विकसित हो रहा देश है और भविष्य में एक बड़ा बाज़ार बनने जा रहा है।'
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपने यूरोपीय साझेदारों के साथ प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है। 17 मई तक चलने वाले इस दौरे के परिणाम दोनों देशों के संबंधों की अगली दिशा तय करेंगे।