नीट-यूजी रद्द होने के सदमे में सीकर के छात्र प्रदीप माहिच ने की आत्महत्या, परिवार ने बताया गहरे तनाव में था
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के प्रमुख कोचिंग केंद्र सीकर में शुक्रवार, 15 मई को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद गहरे मानसिक तनाव में आए मेडिकल अभ्यर्थी प्रदीप माहिच ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पिपराली रोड स्थित जलधारी नगर इलाके में अपने किराए के कमरे में वह फांसी पर लटका हुआ मिला। परिवार के सदस्यों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद से प्रदीप बेहद उदास और गुमसुम रहने लगा था।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह त्रासदी
पुलिस और परिवार के बयानों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर प्रदीप की छोटी बहन कोचिंग क्लास में थी, जबकि बड़ी बहन उसी कमरे में बाथरूम में थी। जब बड़ी बहन बाहर आई, तो उसने कथित तौर पर प्रदीप को छत के पंखे से अपनी बहन के दुपट्टे के सहारे लटका हुआ पाया। उसने तत्काल कैंची से दुपट्टा काटा और मकान मालिक व पुलिस को सूचित किया। प्रदीप को फौरन एसके अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तीन साल की मेहनत, एक झटके में टूटा सपना
प्रदीप पिछले तीन वर्षों से सीकर में नीट की तैयारी कर रहे थे। परिवार के अनुसार, उन्हें नीट-यूजी 2026 में 650 से अधिक अंक मिलने की प्रबल उम्मीद थी और वे इस वर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश को लेकर आश्वस्त थे। परीक्षा रद्द होने की घोषणा ने उनके इस विश्वास को तोड़ दिया और वे गहरे सदमे में चले गए। रिश्तेदारों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उनका व्यवहार असामान्य रूप से बदल गया था।
परिवार की पृष्ठभूमि और आर्थिक संघर्ष
प्रदीप झुंझुनू जिले के गुढ़ा गोरजी क्षेत्र के कनिका की धानी गाँव के निवासी थे। उनके पिता राजेश कुमार मेघवाल ने बताया कि प्रदीप चार बच्चों में इकलौते बेटे थे और पूरे परिवार की उम्मीदें उनसे जुड़ी थीं। परिवार खेती और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर है और रिश्तेदारों ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेहद कठिन बताया है। प्रदीप अपनी दोनों बहनों के साथ एक रिहायशी इमारत की चौथी मंजिल पर टिन-शेड वाले किराए के कमरे में रहते थे — दोनों बहनें रेलवे भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
पुलिस जाँच और स्थानीय माहौल
उद्योग नगर पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर मामले की जाँच शुरू कर दी है। एसके अस्पताल के शवगृह के बाहर शोकाकुल परिजन और स्थानीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। इस घटना ने सीकर के कोचिंग हब में गहरे शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, जहाँ हजारों छात्र देशभर से मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं।
नीट रद्द होने का व्यापक असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब नीट-यूजी 2026 रद्द होने के बाद पूरे देश में लाखों अभ्यर्थी अनिश्चितता और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों और छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली की अस्थिरता से उत्पन्न मनोवैज्ञानिक संकट पर गंभीर चिंता जताई है। आगे की कार्रवाई और परीक्षा की नई तारीख को लेकर अभी भी स्पष्टता का अभाव है।
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव में है, तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन iCall: 9152987821 या Vandrevala Foundation: 1860-2662-345 पर संपर्क करें।