दिल्ली के आदर्श नगर में नीट अभ्यर्थी अंशिका पांडे की संदिग्ध मौत, परीक्षा रद्द होने का तनाव बताया कारण

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दिल्ली के आदर्श नगर में नीट अभ्यर्थी अंशिका पांडे की संदिग्ध मौत, परीक्षा रद्द होने का तनाव बताया कारण

सारांश

दिल्ली के आदर्श नगर में नीट की तैयारी कर रही 20 वर्षीय अंशिका पांडे की संदिग्ध मौत ने परीक्षा के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को फिर चर्चा में ला दिया है। यह उसका चौथा नीट प्रयास था।

मुख्य बातें

अंशिका पांडे (20 वर्ष), निवासी लाल बाग, आजादपुर , की आदर्श नगर, दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
परिजनों के अनुसार नीट परीक्षा रद्द होने और लगातार पढ़ाई के दबाव के चलते वह तनाव में थी; यह उसका चौथा नीट प्रयास था।
परिजन पुलिस को सूचित किए बिना शव को श्मशान ले गए; पीसीआर कॉल से पुलिस को सूचना मिली।
क्राइम टीम व एफएसएल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया; शव का पोस्टमार्टम बीजेआरएम अस्पताल में कराया गया।
नोएडा सेक्टर-39 जिला अस्पताल में 14 मई की रात 11:30 बजे एक युवक का शव दूसरी मंजिल पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला; जाँच जारी है।

नई दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में 15 मई 2026 को एक 20 वर्षीय युवती की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान अंशिका पांडे के रूप में हुई है, जो लाल बाग, आजादपुर की निवासी थी। परिजनों के अनुसार अंशिका ने अपने घर में फाँसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया।

नीट परीक्षा का दबाव और चौथा प्रयास

परिवार और करीबी लोगों के अनुसार अंशिका पांडे नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही थी और यह उसका चौथा प्रयास था। बताया जा रहा है कि नीट परीक्षा रद्द होने और लगातार पढ़ाई के दबाव के कारण वह गंभीर मानसिक तनाव में थी। परिजनों का कहना है कि इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली से जुड़े मानसिक दबाव को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।

पुलिस को कैसे मिली सूचना

परिजनों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण वे पुलिस को सूचित किए बिना शव को केवल पार्क श्मशान घाट ले जाने पहुँचे। इसी दौरान पीसीआर कॉल के माध्यम से पुलिस को घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही आदर्श नगर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लिया।

जाँच और पोस्टमार्टम

पुलिस ने शव को बीजेआरएम अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। क्राइम टीम और एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। 15 मई को ही मृतका का पोस्टमार्टम करा लिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जाँच में जुटी हुई है।

नोएडा अस्पताल में भी संदिग्ध मौत

इसी बीच, नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में 14 मई की रात करीब 11:30 बजे एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। शव अस्पताल की दूसरी मंजिल पर पड़ा मिला। बताया जा रहा है कि युवक उसी दिन इलाज के लिए अस्पताल आया था और देर रात तक परिसर में मौजूद था। अस्पताल कर्मचारियों ने नियमित राउंड के दौरान उसे अचेत अवस्था में देखा, जिसके बाद पास जाने पर उसकी मृत्यु की पुष्टि हुई। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी है।

आगे क्या

दोनों मामलों में पुलिस जाँच जारी है। अंशिका पांडे की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होने की उम्मीद है। नोएडा मामले में युवक की पहचान और मौत की परिस्थितियाँ अभी स्पष्ट नहीं हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यवस्था में परामर्श और मानसिक सहायता का ढाँचा अभी भी बेहद कमज़ोर है। परिजनों का बिना पुलिस सूचना के शव ले जाना दर्शाता है कि कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर आम नागरिकों में जागरूकता की गंभीर कमी है। जब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के लिए संस्थागत मनोवैज्ञानिक सहायता सुनिश्चित नहीं होती, ऐसी खबरें आती रहेंगी।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंशिका पांडे कौन थी और उसकी मौत कैसे हुई?
अंशिका पांडे 20 वर्षीय युवती थी जो दिल्ली के लाल बाग, आजादपुर की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार उसने आदर्श नगर स्थित अपने घर में फाँसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया; मामले की जाँच पुलिस कर रही है।
क्या नीट परीक्षा के दबाव को उसकी मौत का कारण माना जा रहा है?
परिवार और करीबी लोगों के अनुसार अंशिका नीट परीक्षा का चौथा प्रयास कर रही थी और परीक्षा रद्द होने तथा लगातार पढ़ाई के दबाव से वह गंभीर तनाव में थी। हालाँकि, मौत के आधिकारिक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।
पुलिस को इस मामले की जानकारी कैसे मिली?
परिजन कानूनी प्रक्रिया से अनजान होने के कारण पुलिस को सूचित किए बिना शव को केवल पार्क श्मशान घाट ले गए। इसी दौरान पीसीआर कॉल के जरिए आदर्श नगर थाना पुलिस को सूचना मिली और वे तत्काल मौके पर पहुँचे।
नोएडा अस्पताल में मिले शव का मामला क्या है?
नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में 14 मई की रात करीब 11:30 बजे एक युवक का शव दूसरी मंजिल पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। युवक उसी दिन इलाज के लिए अस्पताल आया था; पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी है।
अंशिका पांडे मामले में आगे क्या होगा?
बीजेआरएम अस्पताल में कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। क्राइम टीम और एफएसएल की जाँच के आधार पर आदर्श नगर थाना पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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