भारत का वित्त वर्ष 2027 में 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य: एफटीए और निर्यात प्रोत्साहन मिशन बनेंगे आधार
सारांश
मुख्य बातें
भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2027 में देश का कुल निर्यात 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रस्तावित निर्यात प्रोत्साहन मिशन और नए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को मुख्य आधार बनाया जा रहा है। यह जानकारी 15 मई को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने साझा की।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन: रणनीति का केंद्रीय स्तंभ
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित निर्यात प्रोत्साहन मिशन भारत की व्यापार रणनीति का एक बड़ा स्तंभ बनने जा रहा है। इसके माध्यम से निर्यातकों को प्रत्यक्ष सहायता मिलेगी, विदेशी बाज़ारों तक पहुँच सुगम होगी और घरेलू उद्यमों को वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। अग्रवाल के अनुसार, सरकार लक्ष्य पूरा करने के लिए आवश्यक 10-15 प्रतिशत वृद्धि दर से भी अधिक निर्यात विस्तार हासिल करने के प्रयासों में जुटी है।
एफटीए से मिलेगा अतिरिक्त बढ़ावा
अग्रवाल ने कहा, 'हाल ही में हुए एफटीए समझौतों के लागू होने से आने वाले महीनों में निर्यात को अतिरिक्त बढ़ावा मिलने की संभावना है।' भारत के संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ एफटीए पहले से लागू हैं। इसके अलावा कई अन्य देशों और क्षेत्रीय समूहों के साथ बातचीत जारी है, ताकि भारत की वैश्विक व्यापार पहुँच को और विस्तार दिया जा सके।
वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड निर्यात, लेकिन चुनौतियाँ भी
भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, कमज़ोर वैश्विक माँग और अमेरिका की ओर से लगाए गए ऊँचे टैरिफ के बावजूद भारत का वस्तु एवं सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड 863.11 अरब डॉलर तक पहुँच गया। हालाँकि, मर्चेंडाइज़ निर्यात में वृद्धि सीमित रही और सेवा निर्यात ही कुल व्यापार वृद्धि का मुख्य आधार बना रहा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार प्रणाली पर अनेक दबाव हैं।
वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका
वाणिज्य सचिव अग्रवाल के अनुसार, वैश्विक सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों का फ़ायदा उठाने की स्थिति में भारत मज़बूत है। दुनिया की कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ अब पारंपरिक विनिर्माण केंद्रों से इतर विकल्प तलाश रही हैं। उन्होंने कहा, 'बदलते वैश्विक व्यापार माहौल में भारत धीरे-धीरे एक भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभर रहा है।'
मंत्री गोयल का आह्वान और आगे की राह
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यातकों से व्यापार समझौतों के ज़रिए मिलने वाले नए अवसरों का आक्रामक तरीके से फ़ायदा उठाने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्त वर्ष 2027 का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगभग 16-17 प्रतिशत निर्यात वृद्धि की आवश्यकता होगी। गौरतलब है कि यह वृद्धि दर पिछले वर्ष की तुलना में काफी ऊँची है, और इसे हासिल करने के लिए नीतिगत समन्वय के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी भी ज़रूरी होगी।