भिवाड़ी में राजस्थान का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर लॉन्च, ₹1,200 करोड़ निवेश से 2,500 नौकरियों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को भिवाड़ी में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उद्घाटन किया — जो राजस्थान के औद्योगिक मानचित्र पर एक नया अध्याय जोड़ता है। भिवाड़ी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में ₹1,200 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 2,500 रोज़गार पैदा होने की उम्मीद है और प्रतिवर्ष 6 करोड़ चिप्स के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए भिवाड़ी और खैरथल-तिजारा ज़िले की अनेक विकास परियोजनाओं के वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर अल्सीना इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स और 34 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सहित कई परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन हुआ।
केंद्रीय रेल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सेमीकंडक्टर क्लस्टर का महत्व
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत में अब 12 सेमीकंडक्टर प्लांट कार्यरत हैं और राजस्थान इस उद्योग से जुड़ने वाले नवीनतम राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का मूल्य छह गुना बढ़कर ₹13 लाख करोड़ तक पहुँच चुका है और मोबाइल फोन अब देश का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बन चुका है।
वैष्णव ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत 75 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की होड़ मची हुई है और भारत इसमें रणनीतिक भागीदार बनने की कोशिश में है।
बुनियादी ढाँचा और पर्यावरण परियोजनाएँ
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि भिवाड़ी में ₹61 करोड़ की लागत से निर्मित 34 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही ₹52 करोड़ से अधिक की लागत वाली ट्रीटेड वॉटर पाइपलाइन परियोजना की आधारशिला भी रखी गई। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग के साथ-साथ भिवाड़ी अब सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।
अमृत योजना के तहत राजस्थान में 85 रेलवे स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 15 का काम पूरा हो चुका है। अलवर रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
सरकार की प्राथमिकताएँ और रोज़गार के वादे
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 35 नीतियाँ लागू कर राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि 4 लाख नौकरियाँ देने के वादे के तहत सरकार अब तक 1.25 लाख से अधिक युवाओं को रोज़गार दे चुकी है। 1.25 लाख नई भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया है और 1.35 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।
राज्य के 24 जिलों में किसानों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यमुना जल समझौते को शीघ्र लागू करने और अलवर के पास बांदीकुई में एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की भी घोषणा की गई।
आगे क्या
हरियाणा के रास्ते राजस्थान को दिल्ली से जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना पर काम तेज़ी से जारी है। ग्रामीण विकास के लिए पंचायत स्तर पर 'अटल ज्ञान केंद्र' स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है, जो सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण और स्थानीय ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएँगे। गौरतलब है कि यह क्लस्टर 'विकसित भारत, विकसित राजस्थान 2047' के विज़न की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।