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क्या इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर से 1.80 लाख रोजगार सृजित होंगे?

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क्या इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर से 1.80 लाख रोजगार सृजित होंगे?

सारांश

क्या इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर से भारत में 1.80 लाख रोजगार सृजित होंगे? जानिए इस योजना से होने वाले लाभ और निवेश की जानकारी।

मुख्य बातें

1.80 लाख रोजगार सृजन की संभावना।
1,46,846 करोड़ रुपए का निवेश।
11 ईएमसी परियोजनाओं और 2 सीएफसी को मंजूरी।
रेडी बिल्ट फैक्ट्री शेड का 10% हिस्सा आरक्षित।
कौशल विकास में सुधार।

नई दिल्ली, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) भारत के 10 राज्यों में स्थापित हैं। इन परियोजनाओं में 1,46,846 करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई गई है और इससे लगभग 1.80 लाख नौकरियों के सृजन की संभावना है। यह जानकारी सरकार ने बुधवार को साझा की।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि अब तक 11 ईएमसी परियोजनाओं और 2 कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) को मंजूरी दी जा चुकी है। ये सभी परियोजनाएं 4,399.68 एकड़ क्षेत्र में फैली हैं, जिनकी कुल परियोजना लागत 5,226.49 करोड़ रुपए है। इसमें से 2,492.74 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता के रूप में शामिल हैं।

इसके अलावा, ईएमसी 2.0 योजना के अंतर्गत हर क्लस्टर में बिकने या किराए पर देने योग्य कुल क्षेत्र का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा रेडी बिल्ट फैक्ट्री (आरबीएफ) शेड के लिए आरक्षित है।

मंजूर किए गए ईएमसी 2.0 पार्कों में बनने वाले रेडी बिल्ट फैक्ट्री शेड इस समय निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।

मंत्री ने बताया कि स्वीकृत ईएमसी में 123 भूमि आवंटियों (निर्माताओं) से अब तक 1,13,000 करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता मिली है। इनमें से 9 यूनिट्स ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिन्होंने 12,569.69 करोड़ रुपए का निवेश किया है और इससे 13,680 लोगों को रोजगार मिला है।

ईएमसी 2.0 योजना का एक स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन एमएसएमई मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम संस्थान द्वारा किया गया।

मंत्री ने कहा कि मूल्यांकन में पता चला कि इस योजना से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है, सप्लाई चेन में सुधार हुआ है, रेडी बिल्ट फैक्ट्री और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं, सस्ती और बेहतर लॉजिस्टिक्स मिली हैं और बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं। साथ ही, क्लस्टर में कार्यरत लोगों के कौशल विकास में भी सुधार हुआ है।

सरकार ने अप्रैल 2020 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) योजना की घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देना है, जो ग्रीनफील्ड यानी नई जगह और ब्राउनफील्ड यानी मौजूदा जगह, दोनों तरह के कलस्टरों को फंड देकर विश्व स्तर की इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण सुविधा तैयार करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को भी मजबूत करेगी।
RashtraPress
7 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईएमसी 2.0 का उद्देश्य क्या है?
ईएमसी 2.0 का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
ईएमसी से कितने रोजगार सृजित होंगे?
इससे लगभग 1.80 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
इस योजना में कुल कितना निवेश किया जा रहा है?
इसमें 1,46,846 करोड़ रुपए का अनुमानित निवेश है।
ईएमसी 2.0 के तहत कितनी परियोजनाएं मंजूर की गई हैं?
अब तक 11 ईएमसी परियोजनाओं और 2 कॉमन फैसिलिटी सेंटर को मंजूरी दी गई है।
इस योजना का मूल्यांकन कौन करेगा?
इस योजना का मूल्यांकन एमएसएमई मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम संस्थान द्वारा किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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