यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कानपुर के छात्रों को पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ, शैक्षिक भ्रमण में जागी जिज्ञासा

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यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कानपुर के छात्रों को पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ, शैक्षिक भ्रमण में जागी जिज्ञासा

सारांश

उत्तर प्रदेश विधानसभा 15 मई को एक जीवंत लोकतांत्रिक पाठशाला बनी, जब कानपुर के तीन विद्यालयों के छात्र सदन की कार्यवाही और विधायी प्रक्रिया के प्रत्यक्षदर्शी बने। अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें संविधान, नेतृत्व और जनसेवा का पाठ पढ़ाया।

मुख्य बातें

15 मई 2026 को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश विधानसभा में कानपुर के विद्यालयों के छात्रों का शैक्षिक भ्रमण आयोजित हुआ।
भ्रमण में विवेकानंद विद्या निकेतन इंटर कॉलेज , अशोका एजुकेशन सेंटर और पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन के छात्र-छात्राएँ शामिल रहे।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने छात्रों को कानून निर्माण प्रक्रिया, प्रश्नकाल और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी।
महाना ने कहा कि पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं की समझ भी उतनी ही आवश्यक है।
शिक्षकों ने भ्रमण को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और लोकतांत्रिक चेतना के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने 15 मई 2026 को लखनऊ स्थित विधानसभा भवन में कानपुर के तीन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उन्हें संसदीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान दिया। यह शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत लोकतांत्रिक पाठशाला बन गया, जहाँ उन्होंने सदन की कार्यवाही, प्रश्नकाल और विधायी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

कौन-से विद्यालय हुए शामिल

इस भ्रमण में कानपुर के विवेकानंद विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, अशोका एजुकेशन सेंटर और पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन के छात्र-छात्राएँ अपने शिक्षकों के साथ पहुँचे। विद्यार्थियों ने विधानसभा भवन की ऐतिहासिक और प्रशासनिक विशेषताओं को जाना तथा कानून निर्माण की प्रक्रिया को नज़दीक से समझा।

महाना ने क्या कहा

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है — लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा, 'आज के विद्यार्थी ही कल के जागरूक नागरिक और राष्ट्र के भविष्य निर्माता हैं, इसलिए उनमें संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के प्रति सम्मान की भावना विकसित होना बेहद जरूरी है।'

महाना ने यह भी रेखांकित किया कि विधानसभा लोकतंत्र का वह महत्वपूर्ण मंच है जहाँ जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है और प्रदेश के विकास की दिशा तय करने वाले कानून बनाए जाते हैं।

छात्रों की प्रतिक्रिया और जिज्ञासा

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े कई जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका विधानसभा अध्यक्ष ने सरल और प्रेरणादायी अंदाज में उत्तर दिया। विद्यालयों के शिक्षकों ने इस भ्रमण को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

शैक्षिक भ्रमण का व्यापक संदेश

महाना ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर अध्ययन का संदेश देते हुए कहा कि सफलता केवल शिक्षा से नहीं, बल्कि संस्कार, परिश्रम और समाज के प्रति संवेदनशीलता से भी मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जागरूकता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती है ताकि युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से सीधे जोड़ा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये एकबारगी आयोजन युवाओं में स्थायी लोकतांत्रिक चेतना जगा पाते हैं। देश में नागरिक शिक्षा का ढाँचा अभी भी पाठ्यपुस्तकों तक सीमित है — विधानसभाओं और संसद के व्यावहारिक अनुभव बहुत कम विद्यार्थियों तक पहुँचते हैं। यदि ऐसे भ्रमण नियमित, संरचित और सभी ज़िलों के विद्यालयों तक विस्तारित किए जाएँ, तभी इनका वास्तविक प्रभाव दिखेगा।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी विधानसभा का शैक्षिक भ्रमण कब और किसके लिए आयोजित हुआ?
यह भ्रमण 15 मई 2026 को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश विधानसभा में कानपुर के तीन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित किया गया। इसमें विवेकानंद विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, अशोका एजुकेशन सेंटर और पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन के विद्यार्थी शामिल रहे।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने छात्रों को क्या संदेश दिया?
सतीश महाना ने कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है — लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने अनुशासन, सकारात्मक सोच और समाज के प्रति संवेदनशीलता को सफलता की कुंजी बताया।
इस भ्रमण में छात्रों ने क्या सीखा?
विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही, प्रश्नकाल, कानून निर्माण की प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे जिनके उत्तर महाना ने सरल अंदाज में दिए।
ऐसे शैक्षिक भ्रमणों का उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर प्रदेश विधानसभा का उद्देश्य युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से सीधे जोड़ना है। विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जागरूकता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।
शिक्षकों ने इस भ्रमण के बारे में क्या कहा?
विद्यालयों के शिक्षकों और प्रबंधन ने इस भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया। उनका मानना था कि ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनकी समझ को भी मजबूत बनाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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