केरल CM नामित वीडी सतीशन का ऐलान: 'धर्मनिरपेक्ष राज्य में नफरत फैलाने वाले अभियान को नहीं चलने देंगे'
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वीडी सतीशन ने 15 मई 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि केरल एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है और वे यहाँ किसी भी तरह के नफरत फैलाने वाले अभियान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह बयान उनके केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में नामांकन की घोषणा के ठीक एक दिन बाद आया।
भाजपा पर सीधा निशाना
पत्रकारों से बातचीत में सतीशन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह हमेशा नफरत फैलाने वाले अभियान चलाती रही है। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग केरल में नफरत फैलाने वाला अभियान शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं; हम किसी को भी ऐसा नहीं करने देंगे। यह धर्मनिरपेक्ष केरल है।' उन्होंने इस वैचारिक टकराव को BJP और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के बीच की मूलभूत लड़ाई बताया।
चुनाव परिणाम को जनादेश का संदेश बताया
सतीशन ने हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजे को केरल की जनता का राष्ट्रीय संदेश करार दिया। उनके अनुसार, इस जनादेश के ज़रिए प्रदेश की जनता ने पूरे देश को यह बता दिया है कि केरल धर्मनिरपेक्ष है और इसे ऐसा ही बनाए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ (UDF) सरकार की प्राथमिकता राज्य की इस धर्मनिरपेक्ष छवि को अक्षुण्ण रखना होगी।
पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर सतर्क रुख
देशव्यापी पेट्रोल मूल्य वृद्धि — जो ₹3 प्रति लीटर है — पर पूछे गए सवाल के जवाब में सतीशन ने कहा कि UDF सरकार सत्ता संभालने के बाद केरल पर इसके आर्थिक और सामाजिक प्रभाव का आकलन करेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि केंद्र के आदेश पर राज्य सरकार की निर्णय क्षमता सीमित है, लेकिन अपनी सीमाओं के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
NET-UG पेपर लीक पर प्रतिक्रिया
NET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले पर नामित मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर जाँच करेगी और संबंधित केंद्रीय अधिकारियों को अपने प्रस्ताव सौंपेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीट परीक्षा का आयोजन अखिल भारतीय स्तर पर होता है, इसलिए राज्य सरकार सीधे इसे नियंत्रित नहीं करती।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में UDF की वापसी के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। सतीशन के तीखे बयानों से संकेत मिलता है कि नई सरकार धर्मनिरपेक्षता को अपनी शासन-नीति का केंद्रबिंदु बनाएगी और विपक्ष के साथ वैचारिक टकराव से पीछे नहीं हटेगी। शपथ ग्रहण की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।