कान्स 2025 में 'चीनी फिल्म+' फोरम: एआई और सिनेमा के भविष्य पर चीन-फ्रांस मंथन
सारांश
मुख्य बातें
79वें कान्स फिल्म महोत्सव के दौरान 13 मई 2025 को 'चीनी फिल्म+' फोरम का आयोजन किया गया, जिसमें चीन और फ्रांस समेत कई देशों के फिल्म निर्माताओं और प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सिनेमा उद्योग के साझा भविष्य पर विचार-विमर्श किया। यह फोरम वैश्विक फिल्म जगत में चीन की बढ़ती तकनीकी उपस्थिति को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बना।
मुख्य घटनाक्रम
फोरम में उपस्थित विशेषज्ञों और फिल्म हस्तियों ने एकमत से माना कि एआई, फिल्म उद्योग की पारिस्थितिकी को मूलभूत रूप से बदल रहा है। चर्चा के केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जेनरेटेड कंटेंट (एआईजीसी), वर्चुअल प्रोडक्शन और स्मार्ट शूटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकें रहीं, जिन्हें चीन का फिल्म उद्योग तेज़ी से अपना रहा है।
फोरम के दौरान चीन निर्मित कई एआईजीसी फिल्मों का विशेष प्रदर्शन भी हुआ। इनमें चीन की पहली एआईजीसी एनिमेटेड फिल्म, चीन की पहली एआईजीसी डॉक्यूमेंट्री फिल्म और चीन की पहली एआईजीसी विज्ञान कथा फिल्म शामिल थीं — जो इस क्षेत्र में चीन की तेज़ रफ्तार प्रगति की गवाही देती हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
चीनी फिल्म निर्देशक ली शाओहोंग ने कहा कि फिल्म अपने मूल स्वभाव में ही एक प्रौद्योगिकी-आधारित कला रूप है और इसे तकनीकी बदलाव से अलग नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, 'हर नया तकनीकी नवाचार फिल्म को उन्नत और रूपांतरित करने की प्रेरणा देता है।'
फ्रांस के एआई फिल्म विशेषज्ञ आद्रियन गॉत्रो ने एक उल्लेखनीय बात कही — उनके अनुसार आज के सबसे उत्कृष्ट वीडियो जनरेशन मॉडल चीन से आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में चीनी रचनाकार पश्चिमी, फ्रांसीसी और यूरोपीय दर्शकों के लिए भी पसंदीदा विषय प्रस्तुत करेंगे।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान का नया आयाम
गॉत्रो ने यह भी रेखांकित किया कि विभिन्न संस्कृतियों और रचनात्मकता के इस संगम से नए सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अनूठे रचनात्मक अनुभव उभरेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक सिनेमा जगत एआई को लेकर एक साथ उत्साहित और सशंकित है — कुछ देशों में फिल्मकार एआई के रोज़गार पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित हैं।
गौरतलब है कि कान्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर चीन की एआईजीसी फिल्मों का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि वैश्विक सिनेमा में तकनीकी नेतृत्व की दौड़ तेज़ हो रही है।
आगे क्या
इस फोरम ने चीन-फ्रांस के बीच फिल्म-तकनीक सहयोग की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। आने वाले समय में एआईजीसी आधारित सह-निर्माण परियोजनाओं और सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रमों की उम्मीद जताई जा रही है, जो वैश्विक सिनेमा के परिदृश्य को नए सिरे से परिभाषित कर सकती हैं।