सिंधिया ने सिक्किम में विकास परियोजनाओं का जायज़ा लिया, ₹220 करोड़ के स्काईवॉक और पर्यटन सर्किट को हरी झंडी

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सिंधिया ने सिक्किम में विकास परियोजनाओं का जायज़ा लिया, ₹220 करोड़ के स्काईवॉक और पर्यटन सर्किट को हरी झंडी

सारांश

सिंधिया का सिक्किम दौरा महज़ निरीक्षण नहीं था — यह पूर्वोत्तर में केंद्र की बहु-क्षेत्रीय दाँव की झलक थी। ₹220 करोड़ का स्काईवॉक, राज्य का पहला विश्वविद्यालय, टेमी चाय का जीआई टैग और नामची–रावंगला पर्यटन सर्किट — एक ही दिन में चार मोर्चों पर सक्रियता, सिक्किम को पूर्वोत्तर विकास के केंद्र में स्थापित करने की कोशिश।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 15 मई को सिक्किम के नामची जिले में शिक्षा, पर्यटन, चाय और खेल क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं का निरीक्षण किया।
कंचनजंगा सिक्किम स्टेट यूनिवर्सिटी — राज्य का पहला विश्वविद्यालय परिसर — 28 एकड़ में बन रहा है और इसमें 1,500 से अधिक छात्र रह सकेंगे।
टेमी टी गार्डन के लिए जीआई टैग और LPG आधारित विनिर्माण की ओर बदलाव पर चर्चा हुई।
प्रस्तावित भुलेयडुंगा स्काईवॉक ₹220 करोड़ की लागत से बन रहा है; 3,200 मीटर ऊँचाई पर 240 मीटर लंबा यह गोलाकार काँच का स्काईवॉक दुनिया का सबसे ऊँचा बन सकता है।
सिंधिया बाईचुंग स्टेडियम में सिक्किम प्रीमियर लीग के सेमी-फाइनल में भी शामिल हुए और पूर्वोत्तर को खेल केंद्र बनाने के विजन को दोहराया।

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार, 15 मई को सिक्किम के नामची जिले में शिक्षा, पर्यटन, चाय उत्पादन और खेल बुनियादी ढाँचे से जुड़ी कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। सिक्किम की अपनी आधिकारिक यात्रा के दूसरे दिन मंत्री ने राज्य के पहले विश्वविद्यालय परिसर से लेकर संभावित रूप से दुनिया के सबसे ऊँचे स्काईवॉक तक — हर परियोजना की प्रगति परखी।

कंचनजंगा विश्वविद्यालय: राज्य का पहला यूनिवर्सिटी कैंपस

सिंधिया ने नामची के तारकू में निर्माणाधीन कंचनजंगा सिक्किम स्टेट यूनिवर्सिटी का दौरा किया। 28 एकड़ में फैले इस परिसर को पूर्वोत्तर परिषद (पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के अंतर्गत) से वित्तीय सहायता मिल रही है। अधिकारियों ने बताया कि पूर्ण होने पर इस परिसर में 1,500 से अधिक छात्र आवासीय सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने प्रशासनिक खंड और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सुझाव दिया कि सिक्किम की पारिस्थितिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए परिसर में अधिक हरियाली और प्राकृतिक तत्वों को शामिल किया जाए।

टेमी टी गार्डन: निर्यात क्षमता और जीआई टैग

इसके बाद सिंधिया ने प्रसिद्ध टेमी टी गार्डन और उसकी चाय प्रसंस्करण इकाई का दौरा किया। उन्होंने बागान के श्रमिकों और अधिकारियों से सीधे संवाद किया — उल्लेखनीय यह रहा कि मंत्री ने चाय बागान के मज़दूरों से नेपाली भाषा में धाराप्रवाह बातचीत की।

चर्चा में टेमी चाय के लिए भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग हासिल करने के प्रयासों, बागान की निर्यात क्षमता और कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) आधारित विनिर्माण की ओर बदलाव के विकल्पों पर विस्तार से विचार किया गया।

पर्यटन सर्किट और एडवेंचर टूरिज्म केंद्र

सिंधिया ने इंडियन हिमालयन सेंटर फॉर एडवेंचर एंड इको टूरिज्म का भी निरीक्षण किया। यह केंद्र पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की सहायता से विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही मंत्री ने प्रस्तावित नामची–टेमी–रावंगला पर्यटन सर्किट की समीक्षा की, जिसे क्षेत्र में पर्यटन प्रवाह बढ़ाने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

खेल बुनियादी ढाँचा: सिक्किम प्रीमियर लीग और पूर्वोत्तर का खेल विजन

दिन के अंत में सिंधिया नामची के बाईचुंग स्टेडियम में सिक्किम प्रीमियर लीग के चौथे सीज़न के सेमी-फाइनल मैच में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर भारत को एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित किया।

भुलेयडुंगा स्काईवॉक: दुनिया का संभावित सबसे ऊँचा स्काईवॉक

सिंधिया ने महत्त्वाकांक्षी भुलेयडुंगा स्काईवॉक परियोजना की भी समीक्षा की। यह परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल (PM-DevINE) के अंतर्गत ₹220 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, 3,200 मीटर की ऊँचाई पर प्रस्तावित यह 240 मीटर लंबा गोलाकार काँच का स्काईवॉक पूर्ण होने पर दुनिया का सबसे ऊँचा स्काईवॉक बनने की संभावना है।

यह दौरा ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढाँचे और पर्यटन निवेश को प्राथमिकता दे रही है। नामची में एक ही दिन में शिक्षा, कृषि, पर्यटन और खेल — चार क्षेत्रों की एकसाथ समीक्षा यह संकेत देती है कि सिक्किम केंद्र की पूर्वोत्तर विकास रणनीति में एक केंद्रीय भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है। भुलेयडुंगा स्काईवॉक और टेमी जीआई टैग जैसी परियोजनाएँ वर्षों से चर्चा में हैं — मंत्री का दौरा इन्हें नई ऊर्जा दे सकता है, पर समयसीमा और जवाबदेही का ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है। पूर्वोत्तर परिषद की फंडिंग पर निर्भरता और राज्य की भौगोलिक चुनौतियाँ — दोनों मिलकर इन परियोजनाओं की डेडलाइन को अक्सर खिसकाती रही हैं। विजन प्रभावशाली है; परीक्षा यह है कि अगली समीक्षा में ज़मीन पर कितना बदला होगा।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुलेयडुंगा स्काईवॉक क्या है और यह क्यों खास है?
भुलेयडुंगा स्काईवॉक सिक्किम में ₹220 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन एक 240 मीटर लंबा गोलाकार काँच का स्काईवॉक है, जो 3,200 मीटर की ऊँचाई पर बनाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पूर्ण होने पर यह दुनिया का सबसे ऊँचा स्काईवॉक होगा। इसे PM-DevINE योजना के तहत वित्त पोषित किया जा रहा है।
कंचनजंगा सिक्किम स्टेट यूनिवर्सिटी कब तक तैयार होगी?
नामची के तारकू में निर्माणाधीन कंचनजंगा सिक्किम स्टेट यूनिवर्सिटी राज्य का पहला विश्वविद्यालय परिसर है, जो 28 एकड़ में फैला है। पूर्णता की आधिकारिक समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि तैयार होने पर इसमें 1,500 से अधिक छात्र रह सकेंगे।
टेमी चाय के लिए जीआई टैग क्यों ज़रूरी है?
जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग मिलने से टेमी चाय को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में एक विशिष्ट पहचान मिलेगी, जिससे उसकी निर्यात क्षमता और कीमत दोनों बढ़ सकती हैं। यह टैग यह प्रमाणित करता है कि चाय सिक्किम के टेमी क्षेत्र की ही उपज है। फिलहाल जीआई टैग हासिल करने की प्रक्रिया जारी है।
नामची–टेमी–रावंगला पर्यटन सर्किट से सिक्किम को क्या फायदा होगा?
यह पर्यटन सर्किट नामची, टेमी और रावंगला को एक एकीकृत पर्यटन मार्ग से जोड़ेगा, जिससे इन क्षेत्रों में पर्यटक प्रवाह और स्थानीय रोज़गार बढ़ने की उम्मीद है। इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की सहायता से विकसित किया जा रहा है।
सिंधिया के इस दौरे का पूर्वोत्तर विकास रणनीति में क्या महत्त्व है?
यह दौरा केंद्र सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पूर्वोत्तर राज्यों में शिक्षा, पर्यटन, कृषि और खेल — सभी क्षेत्रों में एकसाथ निवेश बढ़ाया जा रहा है। सिक्किम जैसे छोटे राज्य में एक ही दिन में इतनी परियोजनाओं की समीक्षा यह दर्शाती है कि केंद्र इसे पूर्वोत्तर विकास के मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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