मोदी का सिक्किम दौरा: 27-28 अप्रैल को ₹4,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का होगा उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल 2025 को सिक्किम के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे।
- ₹4,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और आधारशिला रखी जाएगी।
- सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के स्वर्ण जयंती समापन समारोह में पालजोर स्टेडियम, गंगटोक में भाग लेंगे।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में 100 बिस्तरों का आयुर्वेद अस्पताल (यांगंग) और 30 बिस्तरों का सोवा रिग्पा अस्पताल (एनआईटी देवराली) शामिल।
- 160 विद्यालयों में आईटी अवसंरचना और तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील आर्च पुलों की आधारशिला रखी जाएगी।
- यह दौरा 2023 की तीस्ता बाढ़ के बाद सिक्किम के पुनर्निर्माण में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल 2025 को सिक्किम के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे, जहां वे राज्य के 50वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में हिस्सा लेंगे और ₹4,000 करोड़ से अधिक की बहुक्षेत्रीय विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ तथा आधारशिला रखेंगे। सरकारी अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
दौरे का कार्यक्रम और मुख्य गतिविधियां
प्रधानमंत्री मोदी 27 अप्रैल को दोपहर लगभग 3 बजे गंगटोक पहुंचेंगे। 28 अप्रैल की सुबह वे गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का भ्रमण करेंगे, जिसे सिक्किम की समृद्ध पारिस्थितिक और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए विश्व स्तरीय ऑर्किड अनुभव केंद्र के रूप में तैयार किया गया है।
इसके बाद सुबह लगभग 10 बजे वे पालजोर स्टेडियम में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वे अवसंरचना, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश
स्वास्थ्य सेवा के मोर्चे पर प्रधानमंत्री नामची जिले के यांगंग में 100 बिस्तरों वाले आयुर्वेद अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। साथ ही एनआईटी देवराली में 30 बिस्तरों वाले एकीकृत सोवा रिग्पा अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। सोवा रिग्पा तिब्बती-हिमालयी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है, जिसे केंद्र सरकार आयुष के तहत बढ़ावा दे रही है।
शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े संस्थानों का लोकार्पण होगा — इनमें यांगंग में सिक्किम विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर, चाकुंग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस उत्कृष्टता विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ब्लॉक, सोचेयगांग में हेलेन लेपचा मेडिकल कॉलेज और ग्यालशिंग जिले में डेंटम प्रोफेशनल कॉलेज शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त ग्याथांग में मॉडल आवासीय विद्यालय, मंगशिला में नया मॉडल डिग्री कॉलेज और बूमटार गुम्पा में मठवासी छात्रावास-सह-कक्षा का भी उद्घाटन किया जाएगा। 160 विद्यालयों में आईटी-आधारित अवसंरचना परियोजनाएं भी शुरू होंगी।
कनेक्टिविटी, ऊर्जा और शहरी विकास
कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सिरवानी और लोअर समदोंग में तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील आर्च पुलों की आधारशिला रखी जाएगी। किचुदुमरा होते हुए बिरधांग से नामची तक जाने वाली उन्नत सड़क का उद्घाटन भी होगा।
ऊर्जा क्षेत्र में गंगटोक के पारेषण और वितरण नेटवर्क के नवीनीकरण का लोकार्पण किया जाएगा। शहरी विकास के तहत लुम्से में जन सेवा सचिवालय, गंगटोक में सिविल सेवा अधिकारी संस्थान, सिक्किम शहरी गरीब आवास योजना के तहत आवासीय परियोजनाएं और पुलिस कर्मियों के लिए आवास का उद्घाटन होगा। एमजी मार्ग पर सद्भाव मंडप की आधारशिला भी रखी जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण और व्यापक महत्व
पर्यावरण से जुड़ी पहलों में सिंगतम में सीवरेज प्रणाली पुनर्वास परियोजना की आधारशिला रखना और रानी चू नदी प्रदूषण नियंत्रण योजना का उद्घाटन शामिल है। उल्लेखनीय है कि 2023 की तीस्ता बाढ़ ने सिक्किम के अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचाया था, इसलिए ये परियोजनाएं राज्य के पुनर्निर्माण में मील का पत्थर मानी जा रही हैं।
गौरतलब है कि सिक्किम 16 मई 1975 को भारत का 22वां राज्य बना था। पचास वर्षों की इस यात्रा में यह दौरा केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर के प्रति प्राथमिकता को स्पष्ट करता है। केंद्र सरकार की 'पूर्वोदय' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के तहत पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश लगातार बढ़ रहा है।
इस दौरे के बाद सिक्किम में विकास कार्यों की गति और तेज होने की उम्मीद है, और आगामी महीनों में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।