PM मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्योत्सव पर ₹4,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन, बोले- 'उत्साह ने नई ऊर्जा दी'
सारांश
Key Takeaways
- PM नरेंद्र मोदी ने 28 अप्रैल 2025 को गंगटोक में सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया।
- लगभग ₹4,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया।
- सेवोक-रंगपो रेल लाइन के पूरा होने पर सिक्किम को पहली बार अपने इतिहास में रेल संपर्क मिलेगा।
- बागडोगरा-गंगटोक एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में कमी और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद।
- PM ने पूर्वोत्तर भारत को देश की 'अष्टलक्ष्मी' बताया और 'एक्ट फास्ट' दृष्टिकोण पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2025 को गंगटोक में सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया और लगभग ₹4,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश की 'अष्टलक्ष्मी' है और सिक्किम उसका एक अभिन्न एवं महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर साझा की झलकियाँ
समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लगातार तीन पोस्ट साझा किए। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा कि गंगटोक में मिले उत्साह और स्नेह ने उन्हें नई ऊर्जा से भर दिया। उन्होंने सिक्किमवासियों को राज्य स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि भारत को राष्ट्रीय विकास में सिक्किम के योगदान पर गर्व है।
दूसरी पोस्ट में प्रधानमंत्री ने समारोह की विशेष तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि ये सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस की कुछ खास झलकियाँ हैं। उन्होंने कहा कि सिक्किम के लोगों ने कई क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है और उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली की देशभर में सराहना होती है।
तीसरी पोस्ट में प्रधानमंत्री ने गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम के दौरे का उल्लेख किया और लिखा कि वहाँ की सुंदरता ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि सिक्किम की समृद्ध जैव विविधता वास्तव में अद्भुत है और ऐसे प्रयास प्रकृति के साथ गहरे सामंजस्य को दर्शाते हैं, साथ ही संरक्षण और सतत जीवनशैली की प्रेरणा भी देते हैं।
पालजोर स्टेडियम में जनसभा को संबोधन
पालजोर स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को विशेष प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अब केवल 'एक्ट ईस्ट' नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि 'एक्ट फास्ट' दृष्टिकोण के साथ तेज़ गति से विकास कार्य कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढाँचे की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है।
कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन की अपार संभावनाओं का पूरा लाभ तभी मिल सकता है, जब क्षेत्र में मजबूत कनेक्टिविटी विकसित की जाए। उन्होंने जोर देकर बताया कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
गौरतलब है कि सेवोक-रंगपो रेल लाइन परियोजना पर तेज़ी से काम चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद सिक्किम को अपने इतिहास में पहली बार रेल संपर्क प्राप्त होगा — जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने बागडोगरा को गंगटोक से जोड़ने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का भी उल्लेख किया और कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और पर्यटन को नया बढ़ावा मिलेगा।
आगे क्या
₹4,000 करोड़ की इन परियोजनाओं से सिक्किम में बुनियादी ढाँचे, पर्यटन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दीर्घकालिक बदलाव की उम्मीद है। सेवोक-रंगपो रेल लाइन और बागडोगरा-गंगटोक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएँ न केवल सिक्किम, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के आर्थिक एकीकरण की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती हैं।