सिंधिया का सिक्किम दौरा: नामची में ₹220 करोड़ के स्काईवॉक से विश्वविद्यालय तक, विकास परियोजनाओं की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सिक्किम दौरे के दूसरे दिन, 15 मई 2026 को, नामची में शिक्षा, पर्यटन, चाय उत्पादन और खेल विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों, चाय बागान कर्मियों और युवा खिलाड़ियों से सीधा संवाद किया तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्र सरकार की विकास प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
खांगचेंदजोंगा विश्वविद्यालय: सिक्किम की पहली स्टेट यूनिवर्सिटी
सिंधिया ने नामची के तारकू में निर्माणाधीन खांगचेंदजोंगा सिक्किम स्टेट यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया। लगभग 28 एकड़ क्षेत्र में फैले इस परिसर को सिक्किम की पहली राज्य विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। पूर्वोत्तर परिषद ने इसके निर्माण में ₹9.61 करोड़ की वित्तीय सहायता दी है।
विश्वविद्यालय के पूर्ण होने पर लगभग 1,500 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक भवन की प्रगति की समीक्षा करते हुए परिसर में अधिक हरित क्षेत्र और प्राकृतिक तत्वों को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता के लिए संबंधित इंजीनियरों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों की सराहना भी की।
टेमी टी एस्टेट: जीआई टैग और स्वच्छ प्रसंस्करण पर चर्चा
इसके बाद सिंधिया ने टेमी टी एस्टेट और टेमी टी प्रोसेसिंग यूनिट का दौरा किया, जहाँ उन्होंने चाय उत्पादन, प्रसंस्करण और पैकेजिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि एस्टेट में कोयले की जगह एलपीजी आधारित प्रसंस्करण प्रणाली अपनाई जा रही है, जिससे उत्पादन अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनेगा।
बैठक में टेमी टी को जीआई टैग दिलाने की आवश्यकता पर भी विमर्श हुआ। सिंधिया ने महिला चाय श्रमिकों से नेपाली भाषा में संवाद किया और उनके परिश्रम एवं समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सिक्किम की चाय वैश्विक स्तर पर राज्य की पहचान बन चुकी है।
एडवेंचर टूरिज्म और नामची–टेमी–रवांगला सर्किट
केंद्रीय मंत्री ने चेमचे स्थित इंडियन हिमालयन सेंटर फॉर एडवेंचर एंड इको-टूरिज्म का भी दौरा किया। यहाँ उन्होंने सिक्किम सरकार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सहयोग से विकसित हो रहे नामची–टेमी–रवांगला पर्यटन सर्किट की समीक्षा की।
रॉक क्लाइम्बिंग, आइस क्लाइम्बिंग, ट्रेकिंग, स्कीइंग और ईको-टूरिज्म सुविधाओं का अवलोकन करने के बाद सिंधिया ने सुझाव दिया कि सभी आयु वर्ग के पर्यटकों के लिए अतिरिक्त गतिविधियाँ जोड़ी जाएँ। चारधाम कॉरिडोर से जुड़े धार्मिक पर्यटन मार्गों पर भी चर्चा हुई।
सिक्किम प्रीमियर लीग: खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच
सिंधिया ने नामची के भाईचुंग स्टेडियम में सिक्किम प्रीमियर लीग के चौथे संस्करण के सेमीफाइनल में भाग लिया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन पूर्वोत्तर को देश का प्रमुख खेल केंद्र बनाना है। उन्होंने 'वन स्पोर्ट, वन स्टेट' दृष्टिकोण और कोचिंग एवं टैलेंट स्काउटिंग पर आधारित 60:40 मॉडल का उल्लेख किया।
₹220 करोड़ का भुलेयधुंगा स्काईवॉक: दुनिया का सबसे ऊंचा बनने की राह पर
दौरे का सबसे चर्चित पड़ाव रहा 3.2 किलोमीटर लंबे भुलेयधुंगा रोपवे से की गई यात्रा, जहाँ सिंधिया ने प्रधानमंत्री-डिवाइन योजना के अंतर्गत विकसित हो रही भुलेयधुंगा स्काईवॉक परियोजना की प्रगति का निरीक्षण किया। लगभग ₹220 करोड़ की लागत से बन रहा यह 240 मीटर लंबा वृत्ताकार ग्लास स्काईवॉक 3,200 मीटर की ऊँचाई पर निर्मित हो रहा है।
परियोजना पूर्ण होने पर यह दुनिया का सबसे ऊंचा स्काईवॉक बनेगा, जिससे सिक्किम के एडवेंचर टूरिज्म को वैश्विक पहचान मिलने की प्रबल संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को केंद्र की प्राथमिकताओं में शामिल किया जा रहा है।