सिंधिया ने टेमी टी गार्डन में तोड़ीं चाय पत्तियाँ, नेपाली में श्रमिकों से किया आत्मीय संवाद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार, 15 मई को सिक्किम के नामची स्थित ऐतिहासिक टेमी टी गार्डन का दौरा किया — यह उनके सिक्किम प्रवास का दूसरा दिन था। सिक्किम के एकमात्र चाय बागान में पहुँचकर सिंधिया ने वहाँ कार्यरत श्रमिकों के साथ सीधे संवाद किया और उनकी मेहनत को सराहा।
बागान में उतरे मंत्री, खुद तोड़ीं पत्तियाँ
सिंधिया ने पारंपरिक बांस की टोकरी पहनकर स्वयं चाय की पत्तियाँ तोड़ीं और श्रमिकों के साथ समय बिताया। उन्होंने कहा कि चाय पत्ती तोड़ने में जो गति, सटीकता और वर्षों का कौशल दिखता है, वह सिक्किम की चाय को वैश्विक पहचान दिलाने की असली ताकत है।
टेमी टी गार्डन हिमालय की ऊँचाइयों पर स्थित है और कंचनजंगा इसका प्राकृतिक साक्षी है। यह बागान प्रमाणित जैविक (ऑर्गेनिक) है और दुनिया भर के प्रतिष्ठित चाय घरों में मान्यता प्राप्त है।
नेपाली में संवाद से बना अपनत्व का माहौल
दौरे का सबसे भावपूर्ण क्षण तब आया जब सिंधिया ने श्रमिकों और स्थानीय लोगों से धाराप्रवाह नेपाली भाषा में बातचीत की। इससे पूरे बागान में उत्साह और अपनत्व का वातावरण बन गया और स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया।
टेमी प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण
सिंधिया ने टेमी चाय प्रोसेसिंग यूनिट का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने ताज़ी तोड़ी गई पत्तियों से लेकर किण्वन, सुखाने और अंतिम पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया देखी। उन्होंने कहा कि यह अनुशासित और जैविक कृषि का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो वैश्विक सम्मान का पात्र है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बागान का वीडियो साझा करते हुए लिखा — 'चाय अपने सबसे मौलिक और असाधारण रूप में!' उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' दृष्टिकोण का साकार रूप बताया।
पूर्वोत्तर को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का संकल्प
सिंधिया ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संपदा देश की अमूल्य धरोहर है, और टेमी टी गार्डन उसकी एक सुंदर पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के पर्यटन, कृषि और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
यह दौरा ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने की नीति पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। टेमी की जैविक चाय इस रणनीति का एक प्रमुख ब्रांड बन सकती है।