यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने रूस-बेलारूस पहलवानों पर लगी पूर्ण पाबंदी हटाई, राष्ट्रीय झंडे तले होगी वापसी

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यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने रूस-बेलारूस पहलवानों पर लगी पूर्ण पाबंदी हटाई, राष्ट्रीय झंडे तले होगी वापसी

सारांश

तीन साल की क्रमिक ढील के बाद UWW ने रूस और बेलारूस के पहलवानों पर लगी सभी पाबंदियाँ एक झटके में हटा दीं। अब वे राष्ट्रीय झंडे, राष्ट्रगान और प्रतीक चिह्न के साथ सीनियर स्तर तक की सभी प्रतियोगिताओं में उतर सकेंगे — यह अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में भू-राजनीति और एथलेटिक्स के बीच की बहस को नया मोड़ देता है।

मुख्य बातें

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने 15 मई 2025 को रूस और बेलारूस के पहलवानों पर लगी सभी पाबंदियाँ तत्काल प्रभाव से हटाईं।
दोनों देशों के पहलवान अब सीनियर स्तर सहित सभी UWW प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय झंडे तले हिस्सा ले सकेंगे।
स्वर्ण पदक जीतने पर पदक समारोह में राष्ट्रगान बजाने की भी अनुमति दी गई है।
प्रतिबंध मूलतः मार्च 2022 में यूक्रेन संघर्ष के बाद IOC की सिफारिशों के अनुरूप लगाए गए थे।
पिछले दो वर्षों में UWW ने अप्रैल 2023 , जनवरी 2025 और फरवरी 2025 में क्रमिक ढील दी थी।

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने 15 मई 2025 को घोषणा की कि रूस और बेलारूस के पहलवानों पर लगी सभी प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिए गए हैं। अब दोनों देशों के पहलवान सीनियर स्तर सहित सभी श्रेणियों की UWW प्रतियोगिताओं में अपने-अपने राष्ट्रीय झंडे तले हिस्सा ले सकेंगे — यह 2022 के बाद पहली बार है जब उन्हें इतनी व्यापक छूट मिली है।

नई नीति में क्या बदला

UWW की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रूस और बेलारूस के पहलवान अब अपनी यूनिफॉर्म पर देश की शॉर्ट फॉर्म (संक्षिप्त नाम) प्रदर्शित कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, यदि किसी पहलवान ने स्वर्ण पदक जीता या किसी टीम ने चैंपियनशिप खिताब हासिल किया, तो पदक समारोह में उनका राष्ट्रगान बजाया जाएगा। बाकी सभी प्रतिस्पर्धा प्रक्रियाएँ और प्रोटोकॉल मानक अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों के अनुसार ही रहेंगे।

प्रतिबंधों का इतिहास और क्रमिक ढील

मार्च 2022 में यूक्रेन संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की सिफारिशों के अनुरूप UWW ने रूसी और बेलारूसी पहलवानों तथा अधिकारियों पर अपने कैलेंडर के आयोजनों में भाग लेने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से पाबंदियाँ धीरे-धीरे शिथिल होती रहीं।

अप्रैल 2023 में UWW ने एक स्वतंत्र पैनल गठित किया जो IOC के सहभागिता दिशानिर्देशों के तहत दोनों देशों के पहलवानों की पात्रता का मूल्यांकन करता था। इसी दौरान अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग के एथलीटों को न्यूट्रल एथलीट के रूप में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की अनुमति दी गई।

जनवरी 2025 में UWW ने अंडर-23 आयु वर्ग तक के रूसी और बेलारूसी पहलवानों को राष्ट्रीय झंडे के तहत भाग लेने की मंजूरी दी — यह कदम IOC की उस सिफारिश के बाद आया जिसमें कहा गया था कि युवा एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में प्रतिबंधों का सामना नहीं करना चाहिए।

सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में UWW ने अपने पात्रता ढाँचे में और संशोधन किए, जिसके तहत योग्य एथलीटों को व्यक्तिगत न्यूट्रल एथलीट का दर्जा देने के बजाय UWW झंडे तले प्रतिस्पर्धा की अनुमति दी गई — हालाँकि उस समय राष्ट्रीय झंडे, राष्ट्रगान या प्रतीक चिह्न के उपयोग की अनुमति नहीं थी।

खेल जगत पर असर

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कई अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघ रूसी और बेलारूसी एथलीटों की भागीदारी पर अपनी नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं। UWW का यह कदम कुश्ती के वैश्विक परिदृश्य को प्रभावित करेगा, क्योंकि रूस पारंपरिक रूप से विश्व कुश्ती में एक प्रमुख शक्ति रहा है और उसके पहलवान अनेक विश्व चैंपियनशिप खिताब जीत चुके हैं।

गौरतलब है कि यह UWW के नजरिए में एक महत्वपूर्ण बदलाव है — संगठन अब भू-राजनीतिक विवाद और खेल भागीदारी के बीच संतुलन की नई परिभाषा तय कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम यूक्रेन के प्रति एकजुटता के सिद्धांत को कमज़ोर करता है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि एथलीटों को राजनीतिक निर्णयों का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।

आगे की राह

नई नीति के तहत अब रूस और बेलारूस के पहलवान UWW की समस्त प्रतियोगिताओं में पूर्ण राष्ट्रीय पहचान के साथ भाग लेने के लिए स्वतंत्र हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अन्य खेल महासंघ इस मिसाल का अनुसरण करते हैं या नहीं, और IOC इस निर्णय पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

FIBA और World Athletics — इस मिसाल का अनुसरण करेंगे, जो वैश्विक खेल कूटनीति की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने रूस और बेलारूस पर लगी पाबंदियाँ क्यों हटाईं?
UWW ने 15 मई 2025 को घोषणा करते हुए सभी प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिए, जो 2022 में यूक्रेन संघर्ष के बाद IOC की सिफारिशों के अनुरूप लगाए गए थे। संगठन ने पिछले दो वर्षों में क्रमिक ढील देने के बाद यह अंतिम और पूर्ण कदम उठाया है।
अब रूस और बेलारूस के पहलवान किन प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे?
नई नीति के तहत दोनों देशों के पहलवान UWW की सभी श्रेणियों — जूनियर से लेकर सीनियर स्तर तक — की प्रतियोगिताओं में अपने राष्ट्रीय झंडे और प्रतीक चिह्न के साथ भाग ले सकेंगे। स्वर्ण पदक जीतने पर पदक समारोह में राष्ट्रगान भी बजाया जाएगा।
रूस और बेलारूस पर कुश्ती में पाबंदी कब और क्यों लगी थी?
मार्च 2022 में यूक्रेन संघर्ष के बाद IOC की सिफारिशों के अनुरूप UWW ने रूसी और बेलारूसी पहलवानों तथा अधिकारियों को अपने आयोजनों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया था। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय की व्यापक प्रतिक्रिया का हिस्सा था।
पिछले दो वर्षों में UWW ने पाबंदियों में क्या-क्या बदलाव किए?
अप्रैल 2023 में UWW ने स्वतंत्र पात्रता पैनल बनाया और अंडर-15 व अंडर-17 एथलीटों को न्यूट्रल एथलीट के रूप में अनुमति दी। जनवरी 2025 में अंडर-23 वर्ग को राष्ट्रीय झंडे तले प्रतिस्पर्धा की छूट मिली, और फरवरी 2025 में योग्य एथलीटों को UWW झंडे तले खेलने की अनुमति दी गई — हालाँकि तब राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों पर रोक बनी रही।
UWW के इस फैसले का अंतरराष्ट्रीय खेल जगत पर क्या असर पड़ेगा?
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कई खेल महासंघ रूसी और बेलारूसी एथलीटों की भागीदारी पर अपनी नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यह यूक्रेन के प्रति एकजुटता को कमज़ोर करता है, जबकि समर्थक इसे एथलीट अधिकारों की जीत मानते हैं। अन्य महासंघ इस मिसाल का अनुसरण करते हैं या नहीं, यह वैश्विक खेल कूटनीति की दिशा तय करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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