ओडिशा में एसआईआर प्रक्रिया 20 मई से: 45,255 बूथ, 3.34 करोड़ मतदाता, 6 सितंबर को अंतिम सूची
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आर.एस. गोपालन ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को घोषणा की कि राज्य में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) 20 मई 2026 से औपचारिक रूप से आरंभ होगा। नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए अर्हता तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जिसका अर्थ है कि उस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकेंगे।
चरणबद्ध कार्यक्रम: तारीख दर तारीख
चुनाव आयोग द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, 20 मई से 29 मई तक प्रशिक्षण कार्यक्रम और मुद्रण कार्य सहित सभी प्रारंभिक गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। इसके बाद 30 मई से 28 जून के बीच बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी 28 जून तक पूरा होने की उम्मीद है। मतदाता सूची का प्रारूप 5 जुलाई को सार्वजनिक किया जाएगा, जिसके बाद 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज की जा सकेंगी। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 2 सितंबर तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
मतदान केंद्रों की संख्या में बड़ा विस्तार
सीईओ गोपालन ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राज्य में मतदान केंद्रों की कुल संख्या 7,132 नए केंद्रों के जुड़ने से बढ़कर 45,255 हो जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर औसतन लगभग 1,200 मतदाता पंजीकृत होंगे। इन सभी केंद्रों पर उतनी ही संख्या में — अर्थात 45,255 बीएलओ — चुनावी प्रबंधन गतिविधियों में तैनात रहेंगे।
राजनीतिक दलों की भागीदारी और वर्तमान मतदाता आँकड़े
गोपालन के अनुसार, राज्य भर में सात मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा अब तक 27,723 बूथ स्तरीय एजेंट नियुक्त किए जा चुके हैं। उन्होंने सभी दलों से शेष बूथों के लिए भी एजेंट नियुक्त करने की अपील की।
वर्तमान में ओडिशा की मतदाता सूची में 3.34 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 94.61 प्रतिशत मतदाताओं का मतदाता मानचित्रण पहले ही पूरा किया जा चुका है।
9 लाख नामों पर हटाने की कार्रवाई
सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व-एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगभग 9 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें विदेशी नागरिक और अन्य अपात्र व्यक्ति शामिल हैं, जिन्हें कानून के प्रावधानों के अनुसार सूची से बाहर किया जाएगा। गोपालन ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह विधिसम्मत है और इसमें दावे-आपत्ति का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा।
आगे की राह
अंतिम मतदाता सूची के 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित होने के बाद ओडिशा एक अद्यतन और विस्तृत मतदाता आधार के साथ आगामी चुनावी प्रक्रियाओं के लिए तैयार होगा। यह पुनरीक्षण ऐसे समय में हो रहा है जब देश भर में मतदाता सूची की शुद्धता और समावेशिता को लेकर चर्चा तेज है।