कर्नाटक एसआईआर: 5.55 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन, 59,050 बीएलओ तैनात; 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार ने 15 मई 2026 को जानकारी दी कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 59,050 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) तैनात किए जाएंगे, जो 5,55,74,064 से अधिक मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देश पर यह अभियान 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी संशोधन कार्यक्रम का हिस्सा है।
पुनरीक्षण की पात्रता तिथि और कानूनी आधार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, इस पुनरीक्षण की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है, जिसे चुनाव आयोग ने 14 मई 2026 को अधिसूचित किया। अर्थात् जो नागरिक 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, वे इस सूची में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे। गौरतलब है कि पात्रता तिथि का यह निर्धारण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप है।
मुख्य घटनाक्रम और समय-सारणी
कर्नाटक में पुनरीक्षण प्रक्रिया 20 से 29 जून 2026 के बीच तैयारी, प्रशिक्षण और मुद्रण गतिविधियों से आरंभ होगी। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच बीएलओ घर-घर जाकर जनगणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रह करेंगे।
मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 29 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाएगा। मतदाता सूची का मसौदा 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होगा, जिसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज की जा सकेंगी। दावों के निपटान की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगी और अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
राजनीतिक दलों की भागीदारी
वर्तमान में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 25,284 बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त दलों से आग्रह किया है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए एक बीएलए अवश्य नियुक्त करें, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
आम नागरिकों पर असर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मतदाताओं से अपील की है कि वे घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ के साथ पूर्ण सहयोग करें। यदि कोई मतदाता सूची में नाम जुड़वाना, हटवाना या संशोधित करवाना चाहता है, तो वह दावे-आपत्ति अवधि के दौरान संबंधित प्रपत्र जमा कर सकता है। विस्तृत जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
आगे क्या होगा
अंतिम मतदाता सूची के 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने के बाद कर्नाटक चुनावी दृष्टि से पूरी तरह अद्यतन हो जाएगा। यह प्रक्रिया राज्य में भविष्य में होने वाले किसी भी स्थानीय निकाय या विधानसभा उपचुनाव के लिए आधार तैयार करेगी।