कर्नाटक एसआईआर: 5.55 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन, 59,050 बीएलओ तैनात; 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची

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कर्नाटक एसआईआर: 5.55 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन, 59,050 बीएलओ तैनात; 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची

सारांश

कर्नाटक में 5.55 करोड़ से अधिक मतदाताओं की सूची को दुरुस्त करने का काम शुरू होने वाला है — 59,050 बीएलओ जून के अंत से दरवाज़ा-दरवाज़ा दस्तक देंगे। यह राष्ट्रव्यापी एसआईआर अभियान का हिस्सा है जो 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ चलेगा।

मुख्य बातें

कर्नाटक में 5,55,74,064 मतदाताओं को कवर करने वाला एसआईआर अभियान शुरू होगा।
59,050 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच सत्यापन करेंगे।
पुनरीक्षण की पात्रता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित; अधिसूचना 14 मई 2026 को जारी।
मतदाता सूची का मसौदा 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होगा; दावे-आपत्तियाँ 4 सितंबर 2026 तक दर्ज होंगी।
अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी।
मान्यता प्राप्त दलों के 25,284 बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) पहले से नियुक्त; आयोग ने और नियुक्तियों का आग्रह किया।

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार ने 15 मई 2026 को जानकारी दी कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 59,050 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) तैनात किए जाएंगे, जो 5,55,74,064 से अधिक मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देश पर यह अभियान 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी संशोधन कार्यक्रम का हिस्सा है।

पुनरीक्षण की पात्रता तिथि और कानूनी आधार

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, इस पुनरीक्षण की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है, जिसे चुनाव आयोग ने 14 मई 2026 को अधिसूचित किया। अर्थात् जो नागरिक 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, वे इस सूची में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे। गौरतलब है कि पात्रता तिथि का यह निर्धारण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप है।

मुख्य घटनाक्रम और समय-सारणी

कर्नाटक में पुनरीक्षण प्रक्रिया 20 से 29 जून 2026 के बीच तैयारी, प्रशिक्षण और मुद्रण गतिविधियों से आरंभ होगी। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच बीएलओ घर-घर जाकर जनगणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रह करेंगे।

मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 29 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाएगा। मतदाता सूची का मसौदा 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होगा, जिसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज की जा सकेंगी। दावों के निपटान की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगी और अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

राजनीतिक दलों की भागीदारी

वर्तमान में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 25,284 बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त दलों से आग्रह किया है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए एक बीएलए अवश्य नियुक्त करें, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

आम नागरिकों पर असर

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मतदाताओं से अपील की है कि वे घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ के साथ पूर्ण सहयोग करें। यदि कोई मतदाता सूची में नाम जुड़वाना, हटवाना या संशोधित करवाना चाहता है, तो वह दावे-आपत्ति अवधि के दौरान संबंधित प्रपत्र जमा कर सकता है। विस्तृत जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई जाएगी।

आगे क्या होगा

अंतिम मतदाता सूची के 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने के बाद कर्नाटक चुनावी दृष्टि से पूरी तरह अद्यतन हो जाएगा। यह प्रक्रिया राज्य में भविष्य में होने वाले किसी भी स्थानीय निकाय या विधानसभा उपचुनाव के लिए आधार तैयार करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

59,050 बीएलओ — लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गुणवत्ता होगी। पिछले पुनरीक्षण चक्रों में घर-घर सत्यापन अक्सर कागज़ी खानापूर्ति बनकर रह जाता है, खासकर घनी आबादी वाले शहरी वार्डों में। राजनीतिक दलों के 25,284 बीएलए की मौजूदगी पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम है, लेकिन यह संख्या कुल मतदान केंद्रों की तुलना में अभी भी अपर्याप्त है। जब तक स्वतंत्र सत्यापन और शिकायत निवारण तंत्र मज़बूत नहीं होता, तब तक 'पारदर्शी प्रक्रिया' का दावा महज़ आश्वासन बना रहेगा।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में एसआईआर (मतदाता सूची संशोधन) क्या है?
एसआईआर यानी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत भारत निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करता है — नए नाम जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और त्रुटियाँ सुधारना। कर्नाटक में यह अभियान 1 अक्टूबर 2026 की पात्रता तिथि के आधार पर चलाया जाएगा।
कर्नाटक एसआईआर 2026 की समय-सारणी क्या है?
तैयारी और प्रशिक्षण 20-29 जून 2026 को होगा; घर-घर सत्यापन 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलेगा; मसौदा सूची 5 अगस्त को प्रकाशित होगी; दावे-आपत्तियाँ 4 सितंबर तक दर्ज होंगी; और अंतिम सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी होगी।
बीएलओ और बीएलए में क्या अंतर है?
बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सरकारी कर्मचारी होते हैं जो घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित और एकत्र करते हैं, जबकि बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि होते हैं जो प्रक्रिया की निगरानी करते हैं। कर्नाटक में अभी 25,284 बीएलए नियुक्त हैं।
क्या मतदाता एसआईआर के दौरान नाम जुड़वा या हटवा सकते हैं?
हाँ। 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच दावे और आपत्तियाँ दर्ज की जा सकती हैं। इस दौरान नया नाम जोड़ने, नाम हटाने या सूची में संशोधन के लिए संबंधित प्रपत्र जिला निर्वाचन कार्यालय या चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
यह अभियान केवल कर्नाटक तक सीमित है या राष्ट्रव्यापी है?
यह राष्ट्रव्यापी अभियान है। भारत निर्वाचन आयोग ने 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ एसआईआर चलाने का निर्देश दिया है। कर्नाटक उन राज्यों में से एक है जहाँ यह अभियान सबसे बड़े पैमाने पर — 5.55 करोड़ से अधिक मतदाताओं के साथ — संचालित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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