भारत-यूएई के बीच 7 बड़े समझौते: ऊर्जा, रक्षा और तकनीक में साझेदारी, $5 अरब निवेश का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मई 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अपनी संक्षिप्त यात्रा के दौरान हुए समझौतों को ऐतिहासिक बताया और कहा कि ये समझौते दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊँचाई देंगे। इस यात्रा में भारत और यूएई ने ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा निर्माण, एडवांस कंप्यूटिंग, समुद्री बुनियादी ढाँचे और निवेश से जुड़े सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
मुख्य समझौते और उनका दायरा
सबसे अहम समझौता इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व्स लिमिटेड (ISPRL) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के बीच हुआ, जिसका उद्देश्य भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का विस्तार करना और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। इसके तहत एलएनजी और एलपीजी बुनियादी ढाँचे में सहयोग के नए रास्ते भी खुलेंगे।
दोनों देशों ने दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति के लिए भी एक अलग रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो वैश्विक ऊर्जा बाज़ार की अस्थिरता के बीच भारत की आपूर्ति श्रृंखला को स्थिरता देगा।
रक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग
रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढाँचे पर सहमति जताई, जिसमें रक्षा निर्माण, सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नवाचार और सुरक्षित संचार प्रणालियाँ शामिल हैं। यह भारत की 'मेक इन इंडिया' रक्षा नीति के अनुरूप है।
गुजरात के वाडिनार में एक प्रस्तावित जहाज मरम्मत और समुद्री बुनियादी ढाँचा क्लस्टर भी इस यात्रा का प्रमुख परिणाम रहा। इससे भारत को जहाज निर्माण और मरम्मत के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में मदद मिलेगी। इसके साथ ही जहाज मरम्मत क्षेत्र में कौशल विकास के लिए भी एक अलग समझौता किया गया।
तकनीक और कंप्यूटिंग में नई छलाँग
तकनीकी क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि भारत के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (C-DAC) और यूएई की प्रमुख तकनीकी कंपनी G42 के सहयोग से आठ एक्सफ्लॉप सुपरकंप्यूटर क्लस्टर स्थापित करने पर सहमति बनी। यह भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग क्षमताओं को नई ऊँचाई देगा।
$5 अरब का निवेश और आर्थिक संबंध
यूएई ने भारत के बुनियादी ढाँचे और वित्तीय संस्थानों में $5 अरब के निवेश की घोषणा की, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और गहरा करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई मोर्चों पर सक्रिय है।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया और आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस यात्रा के परिणामों को 'महत्वपूर्ण' बताया। उन्होंने लिखा, 'ये महत्वपूर्ण समझौते भारत-यूएई मित्रता को और मजबूती देंगे।' गौरतलब है कि भारत और यूएई के बीच पहले से ही व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) लागू है, और इन नए समझौतों से द्विपक्षीय संबंधों का दायरा रणनीतिक क्षेत्रों तक और विस्तृत हो गया है। इन समझौतों के क्रियान्वयन की प्रगति आने वाले महीनों में दोनों देशों के सहयोग की वास्तविक परीक्षा होगी।