भारत और इजरायल के बीच व्यापार और निवेश में वृद्धि के लिए पीएम मोदी की प्रतिबद्धता

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भारत और इजरायल के बीच व्यापार और निवेश में वृद्धि के लिए पीएम मोदी की प्रतिबद्धता

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ाने की घोषणा की। द्विपक्षीय निवेश संधि से दोनों देशों के व्यापारियों को मजबूती मिलेगी। जानिए इस महत्वपूर्ण समझौते के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत और इजरायल के बीच व्यापार में वृद्धि की जाएगी।
  • द्विपक्षीय निवेश संधि से व्यापारियों को स्थिरता मिलेगी।
  • कृषि उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • आई2यू2 प्रारूप में सहयोग बढ़ेगा।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारत ने महत्वपूर्ण समिट आयोजित किया।

तेल अवीव, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत इजरायल के साथ व्यापार को बढ़ाने, निवेश में मजबूती लाने और संयुक्त बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष पर हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश संधि से दोनों देशों के व्यापारियों को भरोसा और स्थिरता मिलेगी।

इजरायल की संसद में अपने ऐतिहासिक संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

उन्होंने कहा, “आपके पश्चिम में यूरोपीय संघ और यूके के साथ, और पूर्व में यूएई तथा ओमान के साथ हमने समझौते किए हैं। इजरायल के साथ हमारा द्विपक्षीय वस्तु व्यापार पिछले वर्षों में कई गुना बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी संभावनाओं के पूरे दायरे को नहीं दिखाता। इसलिए हमारी टीमें एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर कार्य कर रही हैं। इससे हमारे व्यापार संबंधों की बड़ी संभावनाएं खुलेंगी।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत, इजरायल, यूएई और अमेरिका के बीच आई2यू2 ढांचे और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे जैसे मंचों पर भी मिलकर काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “इजरायल को अक्सर ‘स्टार्ट-अप नेशन’ कहा जाता है। हाल के वर्षों में हमने भी अपने युवाओं की नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। २०१८ में प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैंने भारत में आईक्रिएट टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर का उद्घाटन किया था। तब से इसने लगभग ९०० स्टार्ट-अप्स को समर्थन दिया है।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले सप्ताह भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा और व्यापक एआई इम्पैक्ट समिट आयोजित किया, जिसमें १०० से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

उन्होंने कहा, “हमारी महत्वाकांक्षा इजरायल की नवाचार प्रणाली से मेल खाती है। क्वांटम तकनीक, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। हम डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के जरिए सीमा पार वित्तीय जुड़ाव बनाने पर भी काम कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने इजरायल के रेगिस्तान में कृषि में सफलताओं की सराहना की और कहा कि सटीक सिंचाई और जल प्रबंधन में इजरायली विशेषज्ञता ने भारत में कृषि पद्धतियों को बदल दिया है।

उन्होंने कहा, “हमने मिलकर भारत में ४३ उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए हैं, जिन्होंने पांच लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया है। अब हमें १०० केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखना चाहिए, ताकि लाखों किसानों और मछुआरों को लाभ मिल सके।”

Point of View

NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

भारत और इजरायल के बीच व्यापार कैसे बढ़ेगा?
भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि और मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार में वृद्धि होगी।
आई2यू2 का क्या महत्व है?
आई2यू2 का उद्देश्य भारत, इजरायल, यूएई और अमेरिका के बीच सहयोग को बढ़ाना है।
भारत में कितने कृषि उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं?
भारत में अब तक 43 कृषि उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन कब हुआ?
भारत ने हाल ही में दुनिया का सबसे बड़ा एआई इम्पैक्ट समिट आयोजित किया।
भारत ने इजरायल के साथ किन क्षेत्रों में सहयोग की बात की?
भारत ने क्वांटम तकनीक, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बात की।
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