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विदेश मंत्री जयशंकर की दिल्ली में यूरोपीय और एशियाई नेताओं से महत्वपूर्ण भेंट

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विदेश मंत्री जयशंकर की दिल्ली में यूरोपीय और एशियाई नेताओं से महत्वपूर्ण भेंट

सारांश

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिल्ली में यूरोपीय और एशियाई नेताओं से महत्वपूर्ण बातचीत की। उन्होंने भारत-ईयू संबंधों को मजबूत करने और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बातचीत भारत की वैश्विक रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्री जयशंकर की मुलाकातें भारत की वैश्विक रणनीति को मजबूत बनाती हैं।
भारत-यूरोपीय संघ संबंधों की सकारात्मक गति को बनाए रखना आवश्यक है।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्द मंजूरी की आवश्यकता है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष और उसके प्रभावों पर चर्चा की गई।
भारतीय समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया।

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को दिल्ली में यूरोपीय पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष और यूरोपीय संसद के सदस्य मैनफ्रेड वेबर से महत्वपूर्ण बातचीत की। इसके साथ ही, उन्होंने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह से भी चर्चा की।

बैठक के दौरान, जयशंकर और वेबर ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) संबंधों में सकारात्मक प्रगति को बनाए रखने और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को जल्द स्वीकृति देने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यूरोपीय पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष और यूरोपीय संसद के सदस्य मैनफ्रेड वेबर से दिल्ली में मिलकर खुशी हुई। हमने अपने संबंधों में सकारात्मक गति को जारी रखने और भारत-ईयू एफटीए की जल्द मंजूरी की आवश्यकता पर सहमति जताई।”

उन्होंने आगे कहा, “सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से बातचीत करना हमेशा अच्छा लगता है। हमारी चर्चा पश्चिम एशिया के संघर्ष और उसके प्रभावों पर केंद्रित रही।”

विदेश मंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह के साथ एक सकारात्मक बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय स्थिति और भारतीय समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया।”

इस वर्ष की शुरुआत में, भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार वार्ताएं एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए संपन्न हुईं। ये वार्ताएं 27 जनवरी को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान पूरी हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और अन्य नेताओं ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि और 'सबसे बड़ा समझौता' बताया था।

पिछले महीने, विदेश मंत्री जयशंकर ने यूरोपीय संसद के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की, जिसका नेतृत्व एंजेलिका नीब्लर कर रही थीं। उस दौरान, उन्होंने भारत-ईयू संबंधों में नए अध्याय और दोनों पक्षों के बीच बढ़ती समान सोच पर चर्चा की थी।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “यूरोपीय संसद के सदस्यों, जिनका नेतृत्व एंजेलिका नीब्लर कर रही थीं, से दिल्ली में मिलकर खुशी हुई। हमने भारत-ईयू संबंधों में नए अध्याय और हमारे बीच बढ़ती समान सोच पर चर्चा की। जैसे-जैसे सहयोग का दायरा बढ़ेगा, आपसी भरोसा भी बढ़ेगा। मुझे भरोसा है कि यूरोपीय संसद इस नए दौर में मजबूत समर्थन देगी।”

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर ने किससे बातचीत की?
विदेश मंत्री जयशंकर ने यूरोपीय पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष मैनफ्रेड वेबर, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन, और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह से बातचीत की।
बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में भारत-यूरोपीय संघ संबंधों की सकारात्मक गति और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार वार्ता कब समाप्त हुई?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार वार्ताएं 27 जनवरी को समाप्त हुई थीं।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यूरोपीय पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष से मिलकर खुशी हुई और भारत-ईयू एफटीए की जल्द मंजूरी की आवश्यकता पर सहमति जताई।
राष्ट्र प्रेस
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